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थिएटर में फ्लॉप होने के बाद आइकॉनिक कल्ट क्लासिक बनीं 6 प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्मेंबॉलीवुड
14 अग॰ 2026, 7:57 pm (2 घंटे पहले)· 1

थिएटर में फ्लॉप होने के बाद आइकॉनिक कल्ट क्लासिक बनीं 6 प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्में

अंदाज़ अपना अपना, स्वदेस और आवारापन जैसी फिल्में सिनेमाघरों में फ्लॉप होने के बाद टीवी और ओटीटी पर बेहद लोकप्रिय हुईं, जिनमें से एक का 19 साल बाद सीक्वल भी रिलीज हुआ है।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में दर्ज हैं जिन्हें जब पहली बार सिनेमाघरों में रिलीज किया गया, तो दर्शकों और फिल्म समीक्षकों दोनों ने ही सिरे से खारिज कर दिया था। बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत न निकाल पाने और कमाई के मामले में पिछड़ जाने के कारण उस समय इन फिल्मों को फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ जब इन फिल्मों का टेलीविजन पर बार-बार प्रसारण हुआ और बाद में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन्हें जगह मिली, तो दर्शकों का नजरिया पूरी तरह बदल गया। छोटे पर्दे के जरिए ये फिल्में धीरे-धीरे दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने में सफल रहीं और बाद के सालों में इन्हें कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल हुआ। इनमें से एक फिल्म की लोकप्रियता तो इतनी ज्यादा बढ़ गई कि निर्माताओं को करीब 19 साल के लंबे इंतजार के बाद उसका सीक्वल बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आइए बॉलीवुड की ऐसी ही 6 आइकॉनिक फिल्मों पर नजर डालते हैं, जो थिएटर्स में असफल रहने के बावजूद आज भारतीय सिनेमा का ऐतिहासिक हिस्सा बन चुकी हैं।

अंदाज़ अपना अपना (1994)

वर्ष 1994 में रिलीज हुई फिल्म 'अंदाज़ अपना अपना' को आज भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म में आमिर खान और सलमान खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। हालांकि, जब यह फिल्म पहली बार बड़े पर्दे पर आई थी, तो इसे बॉक्स ऑफिस पर करारी हार का सामना करना पड़ा और यह फ्लॉप साबित हुई। फिल्म के फ्लॉप होने की मुख्य वजह इसका खराब प्रमोशन और रिलीज के दौरान मुख्य कलाकारों की अनुपस्थिति को माना जाता है, जिससे यह दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही। लेकिन थिएटर्स से हटने के कुछ सालों बाद जब इस फिल्म को टीवी पर दिखाया जाने लगा, तो इसकी किस्मत पूरी तरह से बदल गई। फिल्म के मुख्य किरदार अमर और प्रेम के साथ-साथ तेजा, क्राइम मास्टर गोगो और भल्ला भल्ला जैसे कॉमिक किरदार हर घर में मशहूर हो गए। आज यह फिल्म कॉमेडी सिनेमा के लिए एक कल्ट-क्लासिक बेंचमार्क बन चुकी है, और जब भी बेहतरीन हास्य फिल्मों की बात होती है, तो इसका उदाहरण सबसे पहले दिया जाता है।

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अग्निपथ (1990)

मुकुल आनंद के निर्देशन में बनी वर्ष 1990 की फिल्म 'अग्निपथ' में अमिताभ बच्चन द्वारा निभाया गया विजय दीनानाथ चौहान का किरदार आज भी बॉलीवुड के सबसे आइकॉनिक किरदारों में शामिल है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज, उनका अनोखा एक्सपेरिमेंटल स्टाइल और जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस देखने को मिले थे। इन तमाम खूबियों के बावजूद, 1990 में रिलीज के समय यह फिल्म सिनेमाघरों में अपना बजट तक नहीं निकाल सकी और इसे बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप करार दिया गया। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, दर्शकों ने फिल्म के डार्क टोन, बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी और अमिताभ बच्चन के शानदार अभिनय को गहराई से समझा और पसंद किया। यह फिल्म समय के साथ इतनी बड़ी कल्ट हिट बन गई कि वर्ष 2012 में निर्माता करण जौहर ने ऋतिक रोशन को मुख्य भूमिका में लेकर इसका ऑफिशियल रीमेक बनाया। यह रीमेक बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुआ।

स्वदेस (2004)

आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित फिल्म 'स्वदेस' वर्ष 2004 में रिलीज हुई थी, जिसमें शाहरुख खान ने मोहन भार्गव नाम के एक बेहद गंभीर और विचारशील व्यक्ति की भूमिका निभाई थी। यह देशभक्ति की भावना से लबरेज एक ऐसे इंसान की भावुक कहानी है जो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) में अपनी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर भारत लौटता है और एक दूरदराज के भारतीय गांव में बिजली लाने का बीड़ा उठाता है। इस भावनात्मक विषय के बावजूद, यह फिल्म रिलीज के वक्त दर्शकों को थिएटर्स तक आकर्षित करने में असफल रही और इसे आधिकारिक तौर पर फ्लॉप घोषित कर दिया गया। आज के दौर में 'स्वदेस' को शाहरुख खान के पूरे अभिनय करियर की सबसे बेहतरीन और गंभीर फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म के गाने, विशेषकर 'यह जो देश है मेरा', इसका स्क्रीनप्ले और आशुतोष गोवारिकर का निर्देशन आज बॉलीवुड में एक मास्टरपीस का दर्जा रखते हैं।

आवारापन (2007)

इमरान हाशमी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'आवारापन' वर्ष 2007 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी, लेकिन उस समय यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। यह फिल्म शिवम पंडित नामक किरदार के पछतावे और उसके दुखद अतीत की एक डार्क ड्रामा कहानी पर आधारित थी, जो थिएटर्स में दर्शकों को जुटाने में असफल रही थी। हालांकि, शुरुआती असफलता के बाद, इंटरनेट, यूट्यूब और विभिन्न म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर इसके गानों 'तेरा मेरा रिश्ता' और 'तो फिर आओ' ने जबरदस्त हलचल मचाई। इन चार्टबस्टर गानों और इमरान हाशमी के दमदार अभिनय ने युवाओं के दिलों को छू लिया और यह फिल्म समय के साथ एक ऑल-टाइम फेवरेट बन गई। इस फिल्म की कल्ट फॉलोइंग इतनी मजबूत हो गई कि मेकर्स को 19 साल के लंबे इंतजार के बाद इसका सीक्वल 'आवारापन 2' बनाने पर मजबूर होना पड़ा। 'आवारापन 2' को 14 अगस्त 2026 को रिलीज किया गया है, और अब फिल्म जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह सीक्वल बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करता है।

लक्ष्य (2004)

फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म 'लक्ष्य' वर्ष 2004 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने करण शेरगिल नाम के एक ऐसे युवक की भूमिका निभाई थी, जिसके जीवन का कोई निश्चित लक्ष्य नहीं होता। कहानी आगे बढ़ती है और वही दिशाहीन युवक कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना में शामिल होकर एक बेहद बहादुर सैन्य अधिकारी के रूप में उभरता है। भारी-भरकम बजट और बड़े कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद, यह फिल्म 2004 में सिनेमाघरों में उम्मीद के मुताबिक कमाई करने में नाकाम रही थी। लेकिन बाद के वर्षों में 'लक्ष्य' को भारतीय युवाओं के लिए बनाई गई सबसे प्रेरणादायक फिल्मों में से एक माना जाने लगा। भारतीय सेना के अनुशासन, उनके समर्पण और देशभक्ति के सच्चे चित्रण के लिए आज भी इस फिल्म की चौतरफा तारीफ की जाती है।

टैक्सी नंबर 9211 (2006)

मिलन लूथरिया द्वारा निर्देशित फिल्म 'टैक्सी नंबर 9211' वर्ष 2006 में बड़े पर्दे पर आई थी। इस फिल्म की कहानी एक बेहद अमीर बिजनेसमैन (जिसकी भूमिका जॉन अब्राहम ने निभाई) और एक गुस्सैल स्वभाव के टैक्सी ड्राइवर (जिसकी भूमिका नाना पाटेकर ने निभाई) के बीच 12 घंटे के भीतर घटने वाले नाटकीय घटनाक्रम पर आधारित है। रिलीज के समय प्रचार और प्रमोशन की कमी के कारण यह फिल्म थिएटर्स में दर्शकों को लुभा नहीं सकी और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। हालांकि, जब इसका टेलीविजन पर प्रीमियर हुआ, तो दर्शकों ने नाना पाटेकर के संवादों, फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और दोनों मुख्य अभिनेताओं की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को जबरदस्त सराहना दी। आज इसे 2000 के दशक की सबसे बेहतरीन और अंडररेटेड कल्ट थ्रिलर फिल्मों में से एक माना जाता है।

सवाल-जवाब

किस बॉलीवुड फिल्म का 19 साल बाद सीक्वल रिलीज हुआ है?
इमरान हाशमी स्टारर 2007 की फिल्म 'आवारापन' की मजबूत कल्ट फॉलोइंग की वजह से 19 साल के लंबे अंतराल के बाद 14 अगस्त 2026 को इसका सीक्वल 'आवारापन 2' रिलीज किया गया है।
1994 में रिलीज के समय 'अंदाज़ अपना अपना' क्यों फ्लॉप हो गई थी?
खराब प्रमोशन और प्रचार अभियान के दौरान मुख्य कलाकारों (आमिर खान और सलमान खान) की अनुपस्थिति के कारण 'अंदाज़ अपना अपना' थिएटर्स में फ्लॉप हो गई थी।
ऋतिक रोशन की फिल्म 'लक्ष्य' की मुख्य कहानी क्या है?
फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित 2004 की फिल्म 'लक्ष्य' करण शेरगिल नाम के एक दिशाहीन युवक की कहानी है जो कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना में एक बहादुर अधिकारी बनता है।
1990 की फिल्म 'अग्निपथ' फ्लॉप होने के बावजूद कैसे प्रसिद्ध हुई?
अमिताभ बच्चन के अभिनय, फिल्म के डार्क टोन और सिनेमैटोग्राफी को टीवी पर दर्शकों ने खूब सराहा, जिसके बाद 2012 में ऋतिक रोशन के साथ इसका सफल रीमेक भी बना।
फिल्म 'स्वदेस' में शाहरुख खान का किरदार क्या काम करता है?
फिल्म 'स्वदेस' में शाहरुख खान द्वारा निभाया गया किरदार मोहन भार्गव अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) में कार्यरत होता है, जो भारत के एक गांव में बिजली लाने के लिए नौकरी छोड़ता है।
फिल्म 'टैक्सी नंबर 9211' में किन अभिनेताओं ने मुख्य भूमिका निभाई थी?
इस फिल्म में जॉन अब्राहम ने एक अमीर बिजनेसमैन और नाना पाटेकर ने एक गुस्सैल टैक्सी ड्राइवर का किरदार निभाया था।
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