2000 के दशक की शुरुआत में, जब स्मार्टफोन का चलन कम था और लोग टीवी व रेडियो पर संगीत का आनंद लेते थे, एक ऐसी म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म आई जिसने अपने गानों से आज भी लोगों के दिलों पर राज किया है। 'तुम बिन', जो 13 जुलाई 2001 को रिलीज हुई थी, आज कल्ट क्लासिक फिल्मों में शुमार है। इस फिल्म के गानों की रिकॉर्डिंग के दौरान निर्देशक अनुभव सिन्हा की आँखों में आंसू आ गए थे, जो इसके भावनात्मक संगीत का प्रमाण है।
एक अनपेक्षित सफलता
संदली सिन्हा, प्रियांशु चटर्जी, हिमांशु मलिक और राकेश बापट जैसे नए चेहरों वाली 'तुम बिन' एक छोटे बजट की फिल्म थी। इसने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई, जिसका श्रेय इसके दिल को छू लेने वाले संगीत और नए कलाकारों के शानदार प्रदर्शन को जाता है। 2001 में 'गदर' और 'लगान' जैसी बड़ी फिल्मों की धूम के बीच 'तुम बिन' एक आश्चर्यजनक हिट साबित हुई। टी-सीरीज के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया था, जो बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म थी। दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म अमिताभ बच्चन की 'अक्स' के साथ रिलीज हुई थी, जो फ्लॉप साबित हुई, जबकि 'तुम बिन' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ी।
संगीत ही थी फिल्म की जान
अनुभव सिन्हा ने ही 'तुम बिन' की कहानी और पटकथा लिखी थी। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका संगीत था, जिसमें कुल 11 गाने थे। संगीत निखिल-विनय, टीएस जरनैल और रवि पवार द्वारा रचित था, लेकिन मुख्य रूप से निखिल-विनय का इसमें बड़ा योगदान था। निखिल-विनय, जिनका पूरा नाम निखिल कामत-विनय राम तिवारी है, 90 के दशक में भी कई फिल्मों के लिए संगीत दे चुके थे। 'तुम बिन' के चार गाने - 'तुम्हारे सिवा कुछ ना चाहत करेंगे', 'कोई फरियाद', 'छोटी-छोटी रातें' और 'तुम बिन जिया जाए कैसे' - बेहद लोकप्रिय हुए। इनमें से 'कोई फरियाद' को जगजीत सिंह ने और 'तुम बिन जिया जाए कैसे' को केएस चित्रा ने गाया था, और ये दोनों गाने आज भी कालजयी माने जाते हैं।
निर्माण की रोचक कहानियां
अनुभव सिन्हा, जो टी-सीरीज के लिए कई म्यूजिक वीडियो और टीवी सीरियल डायरेक्ट कर चुके थे, भूषण कुमार से हमेशा फिल्म बनाने की इच्छा व्यक्त करते थे। एक दिन, जब संगीतकार निखिल-विनय और अनुभव सिन्हा भूषण कुमार के घर पर थे, भूषण कुमार ने घोषणा की कि वह 'तुम बिन' नाम से एक फिल्म बनाना चाहते हैं। उसी दिन अनुभव सिन्हा ने फिल्म की कहानी का एक संक्षिप्त सार सुनाया।
संगीतकार निखिल कामत ने एक साक्षात्कार में बताया था कि कहानी दिल को छू गई थी और अनुभव सिन्हा ने उसी भावना के साथ फिल्म बनाई। उन्होंने अपने पास पहले से मौजूद कुछ गानों, जैसे 'छोटी-छोटी रातें' और 'तुम्हारे सिवा कुछ ना चाहत करेंगे', को सुनाया, जिन्हें भूषण कुमार ने अपनी डायरी में नोट कर लिया। अगले दिन टी-सीरीज के ऑफिस में फिल्म की औपचारिक घोषणा हुई, जहाँ अनुभव सिन्हा ने कहानी विस्तार से बताई।
'कोई फरियाद' और 'तुम बिन जिया जाए कैसे' का सफर
संगीतकार निखिल कामत ने 'कोई फरियाद' गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि रिकॉर्डिंग के समय जब उन्होंने केएस चित्रा की आवाज सुनी, तो उन्हें लगा कि यह संदली सिन्हा की आवाज है, जो उस समय 'साउथ की लता मंगेशकर' कही जाने वाली चित्रा की तरह गा रही थीं। उन्होंने कल्पना की कि संदली सिन्हा अकेलेपन में अपने प्यार को याद कर रही हैं, और इसी भावना से 'कोई फरियाद' और 'तुम बिन जिया जाए कैसे' गाने बनाए गए।
'तुम बिन जिया जाए कैसे' गाने की रिकॉर्डिंग विशेष रूप से दिलचस्प थी। निखिल-विनय और निर्देशक अनुभव सिन्हा फ्लाइट से मद्रास पहुंचे, जहाँ एवीएमजी स्टूडियो में रिकॉर्डिंग हुई। केएस चित्रा ने फोन पर गाना सुना, 15 मिनट अभ्यास किया, दो घंटे का ब्रेक लिया और फिर मात्र तीन टेक में इसे रिकॉर्ड कर लिया। इस गाने की लोकप्रियता आज जगजाहिर है।
बॉक्स ऑफिस और आगे का सफर
महज पौने 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'तुम बिन' ने बॉक्स ऑफिस पर 7.53 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सबको चौंका दिया और हिट साबित हुई। फिल्म की रिलीज के साथ ही संदली सिन्हा रातों-रात स्टार बन गईं, उनकी मासूमियत और मुस्कान दर्शकों को बहुत पसंद आई। हालांकि, बॉलीवुड में उन्हें वैसी कामयाबी नहीं मिली जैसी उम्मीद थी। उन्होंने 2005 में व्यवसायी किरण सालस्कर से शादी कर ली।













