दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले प्रदीप सिंह रावत के जाने से फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर है।
टेलीविजन से हुई थी करियर की शुरुआत
प्रदीप सिंह रावत ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत टेलीविजन से की थी। उन्हें बी.आर. चोपड़ा के मशहूर पौराणिक धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा का किरदार निभाने का मौका मिला। इस एक भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी। महाभारत में उनका अभिनय इतना दमदार था कि दर्शक आज भी उनके इस किरदार को भूल नहीं पाए हैं।
भारी आवाज और दमदार अभिनय बनी पहचान
प्रदीप रावत अपनी भारी आवाज, मजबूत व्यक्तित्व और प्रभावशाली अभिनय के लिए जाने जाते थे। हीरो की भूमिकाओं से ज्यादा उन्होंने खलनायक और दमदार चरित्र भूमिकाओं में दर्शकों का दिल जीता। उन्होंने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी खास जगह बनाई। इसके अलावा वे नेपाली सिनेमा का भी हिस्सा रहे, जो उनकी अभिनय क्षमता की व्यापकता को दिखाता है।
सरफरोश, लगान से लेकर कई यादगार फिल्मों तक
टीवी में नाम कमाने के बाद प्रदीप रावत ने फिल्मी दुनिया का रुख किया। उन्होंने 'सरफरोश' में अहम भूमिका निभाई और ऑस्कर के लिए नामांकित हो चुकी फिल्म 'लगान' का भी हिस्सा बने। इसके अलावा वे 'ये रास्ते हैं प्यार के', 'कोहराम' और 'ऐतराज' जैसी कई फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आए और हर बार अपने अभिनय से छाप छोड़ी।
आमिर खान की गजनी ने बनाया रातोंरात स्टार
प्रदीप रावत के करियर का सबसे बड़ा मोड़ आमिर खान की फिल्म 'गजनी' से आया। आमिर खान के साथ उन्हें 2 हिट फिल्में और 1 ब्लॉकबस्टर फिल्म देने का मौका मिला, और इसी ब्लॉकबस्टर 'गजनी' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। फिल्म में उन्होंने गजनी धर्मात्मा का किरदार निभाया था और इस भूमिका में अपनी पूरी जान झोंक दी थी। यही किरदार उनकी पहचान का एक बड़ा हिस्सा बन गया।
टेलीविजन के अश्वत्थामा से लेकर बॉलीवुड के गजनी धर्मात्मा तक, प्रदीप रावत ने चार दशक से भी लंबे करियर में हिंदी, दक्षिण भारतीय और नेपाली सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से मनोरंजन जगत ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है जिसने हमेशा दमदार और यादगार किरदारों से दर्शकों का दिल जीता।



















