दो करोड़ के बेहद छोटे बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की कमाई ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है, और अब इसे उत्तराखंड सरकार की तरफ से भी एक बड़ा तोहफा मिल गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म राज्य में टैक्स-मुक्त कर दी जाएगी। उन्होंने शुक्रवार को अपनी पत्नी गीता धामी, कैबिनेट सहयोगियों और कई विधायकों के साथ देहरादून के सिनेमाघर में जाकर पहले यह फिल्म देखी, और उसके तुरंत बाद टैक्स छूट की घोषणा कर दी।
दिलचस्प बात यह है कि निर्देशक विशाल चतुर्वेदी हाल ही में खुलासा कर चुके हैं कि रिलीज से पहले किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इस फिल्म को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन सिनेमाघरों में उतरने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। रिलीज के महज 30 दिनों के भीतर फिल्म ने 85 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन जमा कर लिया है, और प्रतिदिन की कमाई के आंकड़ों में यह सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक' को भी कड़ी टक्कर दे रही है।
सीएम धामी ने X पर जताई खुशी
सीएम धामी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर एक पोस्ट लिखकर 'हनुमान अंश' की तारीफ की। उन्होंने इसे उन चुनिंदा फिल्मों में गिनाया, जो देश-दुनिया के सामने उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को उभारने में मदद करती हैं। पोस्ट में सीएम ने लिखा कि इस फिल्म के जरिए दर्शकों को नीम करौली बाबा की तपस्या, त्याग और सेवा भावना के साथ-साथ बजरंगबली हनुमान पर उनकी अटूट आस्था को समझने का अवसर मिला है। उन्होंने आगे बताया कि नीम करौली बाबा ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा, समाज कल्याण और आध्यात्मिक कार्यों को अर्पित कर दिया था।
भक्ति सिर्फ पूजा नहीं, सेवा का भी रास्ता
अपने अगले बयान में सीएम धामी ने कहा,
भक्ति सिर्फ साधना का मार्ग नहीं है।उन्होंने इसे आगे बढ़ाते हुए समझाया कि बाबा नीम करौली महाराज का जीवन यह सिखाता है कि भक्ति के साथ-साथ सेवा, समर्पण और मानव कल्याण भी उतने ही जरूरी हैं। उन्होंने ऐसी प्रेरक और आध्यात्मिक फिल्म बनाने के लिए 'हनुमान अंश' की पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कैंची धाम आज दुनिया भर में श्रद्धालुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर चुका है।
कौन हैं नीम करौली बाबा, क्या है फिल्म की कहानी
'हनुमान अंश' को विशाल चतुर्वेदी ने ही लिखा और निर्देशित किया है। कहानी लक्ष्मी नारायण नाम के एक युवक पर केंद्रित है, जो अपनी मां की मौत के गम से टूट चुका है और इसी सदमे में ईश्वर की तलाश में एक आध्यात्मिक सफर पर निकल पड़ता है। जीवन, मृत्यु और इंसानी पीड़ा से जुड़े सवालों के जवाब खोजते हुए वह उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में भटकता है, और इसी यात्रा में संत नीम करौली बाबा के रूप में ढल जाता है। इसके बाद वह अपना पूरा जीवन प्रेम, सेवा और अनगिनत लोगों के जीवन को बदलने में लगा देता है। फिल्म में मुख्य भूमिका शोभिनव सत्य ने निभाई है, जबकि पूर्णिमा तिवारी, विहान शेडगे, चंदन के आनंद और अनिल रस्तोगी जैसे कलाकार भी अहम किरदारों में नजर आए हैं।



















