दिशा सालियान से जुड़ा मामला अब सीबीआई के हाथ में आ चुका है और एजेंसी जल्द ही नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर उन लोगों के खिलाफ जांच शुरू करने वाली है, जिन्हें दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान जिम्मेदार मानते हैं। इस लिस्ट में एक्टर सूरज पंचोली का नाम भी शामिल है, जो एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे हैं। अगर जांच में सीबीआई को उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मिलता है, तभी वे इस केस में आरोपी बनेंगे। गौरतलब है कि सूरज पंचोली इससे पहले भी जिया खान केस में सीबीआई की जांच का सामना कर चुके हैं और तब सबूतों की कमी की वजह से उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया था।
सूरज पंचोली ने तोड़ी चुप्पी
अपना नाम दिशा सालियान केस से जुड़ने की खबर पर सूरज पंचोली ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि वे फिर से वही बात दोहरा रहे हैं कि उन्हें कभी नहीं पता था कि दिशा सालियान कौन हैं। सूरज पंचोली के मुताबिक, वे अपनी जिंदगी में कभी दिशा सालियान से मिले नहीं, न उनसे कभी फोन पर बात हुई और न ही वे उनके किसी इवेंट या पार्टी में शामिल हुए। एक्टर ने कहा कि पुरानी कानूनी लड़ाई से उन्होंने यह सबक सीखा है कि चुप रहने से कुछ हासिल नहीं होता। उनका कहना है कि पहले खामोश रहने की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ा था, क्योंकि उस दौरान सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके बारे में गलत जानकारियां फैलाईं।
परिवार की सलाह के उलट बोलने का फैसला
सूरज पंचोली ने बताया कि इस बार भी उनका परिवार नहीं चाहता कि वे इस मुद्दे पर कुछ बोलें। परिवार वालों की सलाह है कि वे इन सब बातों से दूरी बनाए रखें और सिर्फ अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दें। लेकिन सूरज पंचोली ने साफ कहा कि इस बार वे चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि वे अब ‘सॉफ्ट टारगेट’ नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा कि वे बिना किसी सबूत के इस मामले में घसीटे जाने के खिलाफ हैं और दोबारा उसी मानसिक तनाव से नहीं गुजरना चाहते, जिससे वे पहले गुजर चुके हैं।
दिशा सालियान को लेकर पुराने बयान का जिक्र
सूरज पंचोली ने दिशा सालियान से जुड़े अपने पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साल 2021 में उन्होंने अपनी मर्जी से सीबीआई और मालवानी पुलिस को इस मामले में बयान दिया था। उनका कहना है कि वे अपनी पूरी जिंदगी में कभी दिशा सालियान से नहीं मिले और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सूरज पंचोली ने कहा कि वे चाहते हैं कि दिशा सालियान के पिता को न्याय मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत है तो उन्हें बेशक जेल भेज दिया जाए, लेकिन अगर सबूत नहीं है तो उन्हें बेवजह इस केस में घसीटना बंद किया जाए, क्योंकि ऐसा करना गलत है। एक्टर ने आगे कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस केस में कौन आरोपी है और कौन नहीं, क्योंकि उनका इस मामले से कोई सरोकार नहीं है और वे जितनी बार जरूरत पड़े, उतनी बार अपना बयान देने को तैयार हैं। सूरज पंचोली ने कहा कि उन्होंने इस पूरे अनुभव से सबसे बड़ी सीख यही ली है कि आवाज जरूर उठानी चाहिए। उन्होंने अपील की कि लोग उन्हें बार बार विलेन की तरह पेश करना बंद करें, क्योंकि वे दोबारा उस ट्रॉमा से नहीं गुजर सकते।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सूरज पंचोली ने आखिर में अपने आलोचकों को सख्त लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के छपने वाली खबरों के खिलाफ अब वे एक्शन लेंगे। उनका कहना है कि उनके खिलाफ दिए गए किसी भी गैर-जिम्मेदाराना बयान या उन्हें बदनाम करने की हर कोशिश से अब कानूनी तरीके से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने मीडिया से अपील की कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने से पहले तथ्यों की पूरी पुष्टि कर ली जाए। सूरज पंचोली ने माननीय हाईकोर्ट से भी अपील की कि वह सीबीआई को यह निर्देश दे कि किसी की दुखद मौत का फायदा उठाकर किए जा रहे गलत प्रचार की भी जांच की जाए।



















