इंक्रीमेंट का मौसम आते ही हर कर्मचारी की धड़कनें तेज हो जाती हैं कि इस बार कंपनी कौन सा नया गणित लेकर आएगी और हाथ में आखिर कितना पैसा आएगा। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी एक्सेंचर ने इस साल इसी सवाल का एक अलग ही जवाब तैयार किया है। पिछली बार सैलरी बढ़ाने में कंपनी ने काफी हाथ खींचा था, लेकिन इस दफा उसका इरादा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बढ़ोतरी का फायदा पहुंचाने का है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह इंक्रीमेंट पुराने तय-शुदा तरीके से नहीं, बल्कि एक बिल्कुल नए ढांचे में दिया जा रहा है, जिसे कंपनी कर्मचारी और खुद दोनों के लिए फायदे का सौदा मान रही है।
इसके पीछे सोच साफ है। कंपनी अपनी सैलरी लागत को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने से रोकना चाहती है, और साथ ही चाहती है कि उसकी बड़ी टीम का बड़ा हिस्सा इस बार खाली हाथ न रहे। इसी संतुलन को साधने के लिए यह नया फॉर्मूला लाया गया है।
50-50 का नया गणित आखिर है क्या
कंपनी की एक आंतरिक जानकारी के मुताबिक इस साल की पूरी सैलरी बढ़ोतरी को ठीक आधे-आधे दो टुकड़ों में तोड़ दिया गया है। आपको जितना भी इंक्रीमेंट मंजूर होगा, उसका एक हिस्सा आपकी बेस सैलरी में स्थायी रूप से जुड़कर हर महीने की तनख्वाह में दिखेगा। बाकी बचा दूसरा हिस्सा जून के महीने में एक ही बार, एकमुश्त नकद रकम की शक्ल में सीधे आपके खाते में डाल दिया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रकम पीएलआई जैसी शर्तों में नहीं बंधी होगी और इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी।
एक उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपके मैनेजर ने इस साल आपके लिए 3% इंक्रीमेंट तय किया। नए ढांचे में इसका आधा यानी 1.5% आपकी बेस सैलरी में जुड़ जाएगा, जिससे हर महीने की पगार थोड़ी ऊपर चली जाएगी। बचा हुआ 1.5% हिस्सा जून में एकमुश्त कैश के तौर पर एक साथ आपके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
किसे क्या फायदा मिलेगा
एक्सेंचर का मानना है कि तमाम कर्मचारी चाहते हैं कि उनके हाथ में तुरंत कुछ अतिरिक्त नकदी आए ताकि वे अपनी कोई बड़ी जरूरत निपटा सकें। जून में मिलने वाली यह एकमुश्त रकम ठीक इसी काम आएगी। दूसरी ओर कंपनी के लिए राहत यह है कि उसकी तय बेस पे का बोझ एकदम से बहुत ऊपर नहीं जाएगा, और उसी बचत के दम पर वह अपनी बड़ी वर्कफोर्स को इंक्रीमेंट बांट पाएगी।
प्रमोशन वालों के लिए नियम अलग
कंपनी ने यह भी दो टूक कह दिया है कि यह आधा-आधा वाला नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा जिनका इस साल प्रमोशन हुआ है। अगर आपको तरक्की मिली है तो आपकी पूरी बढ़ोतरी पुराने तरीके से ही सीधी आपकी बेस सैलरी में जोड़ी जाएगी, दो हिस्सों में नहीं बंटेगी।
दिसंबर वाले बोनस का क्या होगा
जून में मिलने वाली यह एकमुश्त रकम आपके दिसंबर के सालाना बोनस पर कोई फर्क नहीं डालेगी, वह अपने तय समय पर पहले की तरह ही आएगा। हां, आपकी बढ़ी हुई बेस सैलरी और यह नकद रकम, दोनों को जोड़कर ही अगले वित्तीय वर्ष के बोनस का हिसाब लगाया जाएगा। एक बात और, अगर आप कंपनी के शेयर खरीदने का इरादा रखते हैं तो उसकी रकम इसी में से काट ली जाएगी।



















