स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सक्रिय पारस हेल्थकेयर बुधवार, 21 अक्टूबर को पूंजी बाजार में अपनी सार्वजनिक पेशकश लेकर आ रही है। अस्पतालों का संचालन पारस हेल्थ ब्रांड नाम के तहत करने वाली इस कंपनी का यह इश्यू शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा। इस प्राथमिक बाजार निर्गम के जरिए कुल 1450 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई गई है। आम जनता के लिए बोली शुरू होने से पहले ही कंपनी को बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत समर्थन मिला है, जिसके दम पर एंकर निवेशकों से 652.5 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। इसमें देश और दुनिया के नामी फंड हाउस शामिल हुए हैं।
एंकर बुक में घरेलू म्यूचुअल फंडों और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों का भरोसा
सार्वजनिक निर्गम की शुरुआत से पहले कंपनी ने एंकर आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली। इसके तहत 39 फंडों को 693 रुपये प्रति शेयर के उच्चतम मूल्य पर कुल 94,15,584 इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। इस आवंटन से कंपनी के खाते में 652.5 करोड़ रुपये आए हैं। इस एंकर राउंड में हिस्सा लेने वाले प्रमुख घरेलू फंडों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और वाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड शामिल हैं। वहीं वैश्विक स्तर के बड़े वित्तीय संस्थानों जैसे अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स ने भी इसमें पूंजी लगाई है।
प्राइस बैंड और नए शेयरों के साथ ओएफएस का ढांचा
कंपनी ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए 660 रुपये से 693 रुपये का मूल्य दायरा निर्धारित किया है। इस पूरे इश्यू में 500 करोड़ रुपये मूल्य के नए शेयर जारी करना शामिल है, जिसके अंतर्गत कुल 72,15,007 नए इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इसके समानांतर 950 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस लाया गया है। इस ओएफएस खंड के तहत मौजूदा प्रमोटर्स अपनी शेयरधारिता से 1,37,08,513 इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। नए शेयरों से मिलने वाले फंड का एक बड़ा हिस्सा कंपनी अपने पुराने बकाए कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करेगी।
अलॉटमेंट टाइमलाइन और स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग की तारीखें
तीन दिनों की बिडिंग प्रक्रिया 23 अक्टूबर को समाप्त होने के बाद शेयरों के आवंटन को अंतिम रूप देने का काम 26 अक्टूबर को पूरा किया जाएगा। जिन बोलीदाताओं को शेयर आवंटित होंगे, उनके डीमैट खातों में 27 अक्टूबर को शेयर जमा कर दिए जाएंगे। वहीं जिन आवेदकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उन्हें उसी दिन यानी 27 अक्टूबर को रिफंड जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद बुधवार, 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयर दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई पर आधिकारिक तौर पर सूचीबद्ध हो जाएंगे।
साइज में संशोधन और परिचालन नेटवर्क का विस्तार
शुरुआती योजना में पारस हेल्थकेयर 1800 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में थी, लेकिन बाद में बाजार की परिस्थितियों और पूंजी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसके आकार को संशोधित कर 1450 करोड़ रुपये कर दिया गया। हरियाणा के गुरुग्राम में मुख्यालय रखने वाली पारस हेल्थकेयर का अस्पताल नेटवर्क देश के 5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैला हुआ है, जहां यह वर्तमान में कुल 8 आधुनिक अस्पतालों का संचालन करती है। नए इश्यू की बदौलत ऋण का बोझ कम होने से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।













