दक्षिण पूर्व एशिया के प्रमुख मुद्रा बाजारों में मलेशियाई रिंगित की मजबूती और स्थिरता का दौर लगातार जारी है। सितंबर महीने के दौरान देश के व्यापार संतुलन में आए उल्लेखनीय सुधार, उम्मीद से बेहतर निर्यात और आयात आंकड़ों तथा नियंत्रित घरेलू मुद्रास्फीति ने रिंगित को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक मजबूत आधार दिया है। वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के बीच बैंक नेगारा मलेशिया अपनी सख्त मौद्रिक नीति की दिशा को बनाए रखने में सक्षम नजर आ रहा है, हालांकि दरों में संभावित बदलाव के समय को लेकर केंद्रीय बैंक के पास पूरा लचीलापन उपलब्ध है।
व्यापार संतुलन और विदेशी मांग से रिंगित को मिला संबल
सितंबर के दौरान मलेशिया के व्यापारिक प्रदर्शन ने बाजार के तमाम पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ दिया है। इस अवधि में निर्यात और आयात दोनों में ही अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया, जिसके कारण देश का व्यापार अधिशेष पहले की तुलना में और अधिक विस्तृत हो गया। मजबूत विदेशी मांग और बढ़ते चालू खाते के लाभ ने घरेलू मुद्रा को बाहरी झटकों से बचाने में ढाल का काम किया है। यही मुख्य वजह है कि जुलाई महीने से ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मलेशियाई रिंगित का विनिमय दर 4.00 से 4.10 के एक सीमित और स्थिर दायरे के भीतर घूम रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मलेशियाई मुद्रा का यह संकरा दायरा देश के सुदृढ़ मैक्रोइकॉनॉमिक बुनियादी ढांचे को रेखांकित करता है। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मलेशियाई उत्पादों की मांग मजबूत बनी रहती है और व्यापार अधिशेष बना रहता है, तब तक विनिमय दर पर किसी भी बड़े अवमूल्यन का दबाव बनने की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।
मुद्रास्फीति का दबाव और केंद्रीय बैंक का नीतिगत दृष्टिकोण
मलेशिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और कोर मुद्रास्फीति दोनों ही काफी संयमित स्थिति में दर्ज किए गए हैं। चालू वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के दौरान देश में हेडलाइन मुद्रास्फीति का औसत महज 1.8 प्रतिशत रहा है। यह आंकड़ा सरकार द्वारा निर्धारित 1.5 से 2.5 प्रतिशत के वार्षिक अनुमानित दायरे के भीतर पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। हालांकि, अगले वर्ष यानी 2027 के लिए यह अनुमान थोड़ा बढ़कर 1.8 से 2.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है, जिसके पीछे ऊर्जा, खाद्य सामग्री और उत्पादन से जुड़ी अन्य इनपुट लागतों में बढ़ोतरी को मुख्य कारण माना जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक ईंधन सब्सिडी, मूल्य नियंत्रण उपाय और घरेलू मुद्रा की स्थिरता मिलकर वैश्विक जिंस कीमतों के घरेलू खुदरा बाजार पर पड़ने वाले असर को सीमित रखने में मदद करेंगे। इस बीच, बैंक नेगारा मलेशिया के गवर्नर अब्दुल रशीद गफ्फूर ने संकेत दिया है कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक के पास आवश्यक मौद्रिक कदम उठाने की पूरी गुंजाइश मौजूद है। 5 नवंबर को होने वाली आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ओवरनाइट पॉलिसी रेट को 2.75 प्रतिशत पर यथावत रखे जाने का अनुमान है, लेकिन यदि आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी रही और महंगाई का दबाव तेज हुआ, तो 2027 की शुरुआत में ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.00 प्रतिशत पर पहुंचाया जा सकता है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और बॉन्ड यील्ड की चाल
एशियाई कारोबारी सत्रों के दौरान वैश्विक स्तर पर विभिन्न प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्ति वर्गों में सतर्कता का माहौल देखने को मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मंगलवार को 0.7000 का महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल कर लिया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता में व्यापक सुधार और ग्रीनबैक में लगातार आ रहे करेक्शन के चलते ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा ने लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज करने में कामयाबी पाई है।
दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मंगलवार को एशियाई कारोबार में 158.50 के आसपास स्थिर कारोबार करता देखा गया। बाजार भागीदार शुक्रवार को जारी होने वाले जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के महंगाई आंकड़ों से पहले किसी भी बड़े सौदे से परहेज करते हुए तटस्थ रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तरों ने इस दौरान अमेरिकी डॉलर को जापानी येन के सामने निचली गिरावट से थामने का सहारा दिया है।
सोने की कीमतों में ठहराव और वृहद आर्थिक संकेतक
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें मंगलवार को किसी स्पष्ट दिशा के बिना एक सीमित दायरे में ही घूमती नजर आईं। पीली धातु लगभग 4,170 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में संघर्ष करती रही और सोमवार की गिरावट के बाद बढ़त की रफ्तार हासिल नहीं कर सकी। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी और अमेरिकी डॉलर में आए सुधार ने सोने की कीमतों को एक सीमित समर्थन जरूर प्रदान किया है। नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुझान के साथ हुई है, जहां इक्विटी सूचकांक, जिंस, विदेशी मुद्रा और डिजिटल परिसंपत्तियां यह स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि निवेशक सतर्कता और वृहद आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ही अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं।



















