बहराइच जिले में ग्रामीण इलाकों के युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष पहल की जा रही है। बिजनेस ऑन व्हील योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार नवयुवकों को खुद का रोजगार शुरू करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। इस योजना के जरिए युवा कृषि उपकरणों और वाहनों की मदद से अपने ही गांव में स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं। उद्योग अधिकारी केशव राम वर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें ट्रैक्टर चालित आटा चक्की प्रमुख आकर्षण है।
ट्रैक्टर चालित आटा चक्की और अन्य मशीनों से कारोबार
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण युवा गांव-गांव जाकर या एक ही स्थान पर रहकर आसानी से आटा पिसाई का व्यावसायिक काम शुरू कर सकते हैं। आटा चक्की के अलावा इस योजना के दायरे में ट्रैक्टर चालित राइस मिल, ट्रैक्टर चालित ऑयल मिल और ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली भी शामिल की गई हैं। इन चारों प्रमुख यंत्रों और वाहनों को प्राप्त करके ग्रामीण इलाकों के युवा अपना खुद का मजबूत और टिकाऊ व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं। सरकार की तरफ से गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अधिक से अधिक युवा और बेरोजगार देश की मुख्य अर्थव्यवस्था से जुड़ सकें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
आवेदन के लिए तय की गई मुख्य पात्रता शर्तें
इस योजना के तहत लाभ उठाने और आवेदन करने के लिए प्रशासन द्वारा कुछ जरूरी शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदन करने वाले युवा की उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कम से कम कक्षा 8 पास तय की गई है। यह भी जरूरी है कि आवेदक किसी भी बैंक का डिफॉल्टर या चूककर्ता नहीं होना चाहिए। साथ ही, आवेदक ने इससे पहले किसी भी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत सब्सिडी का कोई लाभ प्राप्त न किया हो। ग्रामीण इलाकों के उद्यमी युवा इन सभी पात्रता शर्तों को पूरा करके इस योजना के माध्यम से सब्सिडी और रोजगार का पूरा लाभ उठाकर अपनी किस्मत चमका सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।


















