मणिपुर के चूड़ाचंदपुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। असम राइफल्स के जवानों ने खुफिया इनपुट के आधार पर एक खास अभियान चलाते हुए प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के एक सीनियर कैडर को दबोच लिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुख्ता खुफिया तंत्र का इस्तेमाल किया गया था, जिससे उग्रवादी की गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
13 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारी और बरामदगी
आधिकारिक बयान के अनुसार इस कुख्यात उग्रवादी को 13 अक्टूबर के दिन डी वैसों गांव से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने उसके पास से एक 7.65 एमएम पिस्तौल, पांच कारतूस, एक स्मार्टफोन, एक हैंडहेल्ड रेडियो और युद्ध के समय काम आने वाले कई अन्य साजो-सामान बरामद किए हैं। इसके अलावा इस कार्रवाई में दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED और अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में होना था।
अवैध वसूली और हथियारों की तस्करी के आरोप
सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि पकड़ा गया यह व्यक्ति प्रतिबंधित संगठन के लिए कई तरह के अवैध कामों में संलिप्त था। वह इलाके में जबरन वसूली करने, अवैध रूप से फंड जुटाने, हथियारों की तस्करी करने और नए युवाओं को संगठन में भर्ती करने का काम कर रहा था। इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बनी हुई थीं, जिन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं।
स्पियर कॉर्प्स के तहत चलाया गया विशेष अभियान
यह पूरा ऑपरेशन स्पियर कॉर्प्स के अंतर्गत असम राइफल्स की ओर से संचालित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों की गतिविधियों को कमजोर करना और उनके अवैध नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। इस तरह के अभियानों से उग्रवादी संगठनों की कमर टूट रही है और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी उग्रवादी को जब्त किए गए तमाम हथियारों और अन्य सामग्रियों के साथ चूड़ाचंदपुर पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। पूर्वोत्तर राज्य में प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने, अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने, जबरन वसूली पर रोक लगाने और युवाओं की जबरन भर्ती जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सुरक्षा अभियान लगातार जारी हैं।




















