मानसून दस्तक देने को है और गन्ना किसानों के लिए यही वक्त है खेत को मौसम की मार झेलने लायक बनाने का। देवघर के कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा के मुताबिक, अगर बारिश शुरू होने से पहले कुछ जरूरी काम निपटा लिए जाएं तो वही मानसून, जो फसल गिरा सकता है, किसान के लिए फायदे का सौदा बन जाता है।
दरअसल, बारिश के दिनों में खेत की मिट्टी नरम पड़ जाती है और इसी दौरान गन्ने के पौधे भी तेजी से ऊंचाई पकड़ते हैं। ऐसे हालात में जब तेज हवा चलती है या लगातार पानी बरसता है, तो लंबे और कमजोर सहारे वाले पौधे आसानी से जमीन पर गिर जाते हैं।
मिट्टी चढ़ाना सबसे पहला काम
कुशवाहा का कहना है कि अभी सबसे जरूरी काम है पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाना। एक बार गन्ना जमीन पर लेट गया तो उसकी बढ़वार रुक जाती है और सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। पौधों की जड़ के पास मिट्टी चढ़ाने से उन्हें मजबूत सहारा मिलता है, जड़ें गहरी और ताकतवर होती हैं और खराब मौसम में भी पौधे टिके रहते हैं।
मिट्टी चढ़ाने से पहले डालें जैविक खाद
विशेषज्ञ के अनुसार, मिट्टी चढ़ाने से ठीक पहले खेत में जैविक खाद डालना दोहरा फायदा देता है। इसके लिए अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे बेहतर है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और पौधों को प्राकृतिक रूप से जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं।
अगर गोबर की खाद उपलब्ध न हो तो किसान जैविक खाद के दूसरे विकल्प भी अपना सकते हैं। इससे जड़ों का विकास बेहतर होता है, फसल ज्यादा स्वस्थ रहती है और मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है। इसका फायदा सिर्फ इसी फसल को नहीं, बल्कि आगे की फसलों को भी मिलता है।
पानी की निकासी पर ध्यान देना जरूरी
मानसून में सबसे बड़ी मुसीबत बनता है खेत में जमा पानी। लगातार बारिश के चलते कई बार खेतों में पानी ठहर जाता है और गन्ने की फसल में लंबे समय तक जलभराव रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं। यहीं से कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इसी वजह से सलाह दी जा रही है कि किसान अभी से खेतों में नालियां बनाकर पानी निकासी का पुख्ता इंतजाम कर लें। खेत में कहीं भी पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि अच्छी जल निकासी ही फसल को सुरक्षित रखती है और पौधों की बढ़त भी अच्छी रहती है।
समय पर तैयारी ही मुनाफे की कुंजी
कृषि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर बारिश शुरू होने से पहले मिट्टी चढ़ाने, जैविक खाद डालने और जल निकासी जैसे काम पूरे कर लिए जाएं तो मानसून का मौसम किसानों के लिए नुकसान नहीं, बल्कि फायदे का जरिया बन जाता है।
इन उपायों से फसल मजबूत होगी, पौधे गिरने से बचेंगे और उत्पादन भी बढ़ेगा। इसलिए गन्ना किसानों को सलाह है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी से खेत की तैयारी पूरी कर लें, ताकि मानसून में फसल भी सुरक्षित रहे और बेहतर पैदावार के साथ आमदनी भी ज्यादा हो।













