शिवपुरी शहर के न्यू ब्लॉक इलाके में स्थित सोनू समोसा अपने बेहतरीन स्वाद और खास खट्टी-मीठी चटनी की वजह से स्थानीय निवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुका है। इस दुकान की टाइमिंग बहुत सीमित है, जो शाम को करीब 4 बजे ग्राहकों के लिए खुलती है और रात 8 बजे तक बंद हो जाती है। इन चार घंटों के दौरान दुकान पर हमेशा खाने के शौकीनों की भारी भीड़ लगी रहती है, जो इस लोकप्रिय नाश्ते का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा दौर में जब हर चीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तब भी यहां एक समोसे की कीमत मात्र 10 रुपये रखी गई है, जो इसकी लोकप्रियता को और बढ़ा देती है।
शाम ढलते ही शुरू होता है इंतजार
स्थानीय ग्राहकों के अनुसार, सोनू समोसा की दुकान खुलने का कई लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। ठीक शाम 4 बजे जैसे ही दुकान का शटर उठता है, गर्मागर्म समोसे खरीदने के लिए ग्राहकों का तांता लग जाता है। हालांकि यहां समोसे तैयार करने में बहुत ज्यादा जटिल या भारी मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, फिर भी इसका साधारण और अनूठा स्वाद लोगों के दिलों में जगह बना चुका है। कई ग्राहक तो काउंटर पर खड़े होकर खाने के अलावा समोसे को पैक करवाकर भी अपने साथ ले जाते हैं ताकि परिवार के अन्य सदस्य भी इसका आनंद उठा सकें।
यहाँ आने वाले एक स्थानीय ग्राहक रिंकेश पाल बताते हैं कि सोनू समोसा इलाके में अत्यधिक प्रसिद्ध है। उनके अनुसार, कड़ाही से सीधे बाहर निकलने वाला गरम समोसा और उसके साथ परोसी जाने वाली खास खट्टी-मीठी चटनी इसके स्वाद को और अधिक लजीज बना देती है।
सब्जी और रायते के बिना चटनी का कमाल
आमतौर पर कई जगहों पर समोसे के साथ आलू की सब्जी या रायता दिया जाता है, लेकिन इस दुकान की असली पहचान इसकी खास खट्टी-मीठी चटनी है। ग्राहक जब भी यहां आते हैं, तो समोसे के साथ इस चटनी का स्वाद लेना कभी नहीं भूलते हैं। खाने वालों का मानना है कि गर्मागर्म समोसे के साथ इस चटनी का मेल कुछ ऐसा है कि एक बार खाने के बाद व्यक्ति का यहां दोबारा आने का मन जरूर करता है।
कड़ाही से निकलते ही हो जाती है बिक्री
स्थानीय लोगों की मानें तो कड़ाही से समोसे बाहर आते ही हाथों-हाथ बिक जाते हैं। कई बार स्थिति यह होती है कि समोसे ठीक से काउंटर तक भी नहीं पहुंच पाते हैं और ग्राहक उन्हें कड़ाही के पास से ही ले लेते हैं। खरीदारी का यह आलम है कि कुछ लोग अपनी भूख मिटाने के लिए 2 से 4 समोसे खरीदते हैं, तो वहीं कई बड़े ग्राहक एक साथ 5, 10 या फिर 20 समोसे तक का बड़ा ऑर्डर दे देते हैं। कुछ लोग इन्हें अपने घर ले जाने के लिए पैक करवाते हैं, जबकि कई ग्राहक अपने दफ्तर के साथियों के लिए भी यहां से समोसे पैक करवाकर ले जाते हैं।
दुकान संचालकों के मुताबिक, कड़ाही से निकाले जाने वाला गरमागर्म समोसे का स्टॉक ज्यादा देर तक नहीं बच पाता है। शाम के वक्त ग्राहकों की इतनी भारी भीड़ और तेज मांग रहती है कि कड़ाही से बाहर आने के कुछ ही पलों के भीतर सारे समोसे खत्म हो जाते हैं।
महंगाई के दौर में भी दस रुपये का किफायती दाम
आज के समय में जहां देश के अधिकांश हिस्सों में एक समोसे की कीमत बढ़कर 15 रुपये या उससे भी अधिक हो चुकी है, वहीं सोनू समोसा आज भी मात्र 10 रुपये की किफायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यही किफायती कीमत और इसका बेजोड़ जायका इसे शिवपुरी शहर के आम नागरिकों के बीच एक खास मुकाम दिलाता है, जहां लोग बिना किसी झिझक के रोज शाम को इसका आनंद लेने पहुंचते हैं।


















