दिसंबर 2021 में महज चार मिनट की ज़ूम मीटिंग के ज़रिए 900 कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकालकर दुनियाभर में तहलका मचाने वाले भारतीय मूल के कारोबारी विशाल गर्ग अब खुद अपनी कंपनी से बाहर हो गए हैं। बेटर होम एंड फाइनेंस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने गर्ग को कार्यकारी प्रमुख के पद से हटाने का औपचारिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही गर्ग ने कंपनी के बोर्ड में अपनी निदेशक सीट से भी इस्तीफा दे दिया है। 900 कर्मियों की विवादित बर्खास्तगी के बाद से संकट झेल रही कंपनी में यह अब तक का सबसे बड़ा नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है।
बोर्ड रूम में धोखे का आरोप और सत्ता परिवर्तन
अपनी बर्खास्तगी के बाद विशाल गर्ग ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक सुनियोजित विश्वासघात करार दिया है। गर्ग का कहना है कि हेज फंड मैनेजर डेनियल लूइस ने कुछ महीने पहले उनसे संपर्क किया था और कंपनी की लागत घटाने की नीतियों व कॉर्पोरेट रणनीति की काफी सराहना की थी। इसके बाद 27 जुलाई को लूइस को कंपनी के बोर्ड में शामिल किया गया। गर्ग के मुताबिक, बोर्ड में आने के महज एक हफ्ते के भीतर लूइस ने अन्य निदेशकों को गर्ग के खिलाफ एकजुट कर लिया और उन्हें सीईओ पद से हटवाकर खुद अंतरिम कमान अपने हाथ में ले ली।
1 डॉलर वेतन की पेशकश के साथ दोबारा कमान पाने की जंग
सीईओ की कुर्सी छिन जाने के बावजूद विशाल गर्ग ने हार स्वीकार नहीं की है और अपनी वापसी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। उन्होंने अपनी पैरवी के लिए जाने-माने अमेरिकी वकील एलेक्स स्पिरो को नियुक्त किया है। इसके साथ ही गर्ग कंपनी के उन प्रमुख शेयरधारकों को लामबंद कर रहे हैं जिनके पास क्लास बी शेयरों के ज़रिए विशेष वोटिंग अधिकार मौजूद हैं। गर्ग ने बोर्ड के सामने आधिकारिक तौर पर उन्हें दोबारा सीईओ नियुक्त करने की मांग रखी है। अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए उन्होंने यह प्रस्ताव भी दिया है कि जब तक कंपनी पूरी तरह मुनाफे में नहीं आ जाती, तब तक वह सालाना केवल 1 डॉलर के टोकन वेतन पर काम करेंगे।
ज़ूम कॉल पर 900 नौकरियों की विवादित छंटनी का इतिहास
विशाल गर्ग और उनकी कंपनी का विवादों से पुराना नाता रहा है। दिसंबर 2021 में क्रिसमस त्योहार से ठीक पहले एक ज़ूम वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान गर्ग ने लगभग 900 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बाहर करने का ऐलान कर दिया था, जो उस समय कंपनी की कुल वर्कफोर्स का 15 फीसदी हिस्सा थे। इस सख्त और संवेदनहीन तरीके का वीडियो ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद कंपनी को भारी जनआक्रोश का सामना करना पड़ा था। विवाद बढ़ने पर कई शीर्ष अधिकारियों ने त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद गर्ग को माफी मांगनी पड़ी थी और कुछ समय के लिए अपने कामकाज से पीछे हटना पड़ा था।
कंपनी में 4,000 छंटनियों के बाद कर्मचारियों का मौजूदा आंकड़ा
शुरुआती 900 नौकरियों की कटौती के बाद भी कंपनी में पुनर्गठन और छंटनी का दौर जारी रहा। विभिन्न चरणों में की गई कटौतियों के बाद बेटर होम एंड फाइनेंस में कुल मिलाकर 4,000 कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। इस समय कंपनी के पास वैश्विक स्तर पर केवल 1,329 कर्मचारी कार्यरत बचे हैं। इन शेष बचे कर्मचारियों में से 420 भारत में तैनात हैं, जबकि अमेरिका में काम कर रहे बाकी कर्मी मुख्य रूप से एच-1बी वीज़ा धारक हैं।



















