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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी उछाल, एक सप्ताह में 7.26 अरब डॉलर का इजाफाव्यापार
11 जुल॰ 2026, 11:15 am (45 दिन पहले)· 6

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी उछाल, एक सप्ताह में 7.26 अरब डॉलर का इजाफा

3 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 674.19 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान स्वर्ण भंडार और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा साझा किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 3 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान भंडार में कुल 7.26 अरब डॉलर का इजाफा हुआ, जिसके बाद यह कुल 674.19 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। गौरतलब है कि इससे पहले के सप्ताह में इसमें 5.65 अरब डॉलर की गिरावट देखी गई थी और यह 666.93 अरब डॉलर पर था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया था, जो कि पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष से पहले की स्थिति थी।

पश्चिम एशिया संकट और रुपये पर असर

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण रुपये पर काफी दबाव बन गया था। इस स्थिति को संभालने के लिए रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था, जिसके तहत केंद्रीय बैंक ने डॉलर बेचकर रुपये को सहारा दिया। इस सक्रिय हस्तक्षेप के कारण पिछले कई हफ्तों से विदेशी मुद्रा भंडार में निरंतर गिरावट देखी जा रही थी। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का मुख्य हिस्सा, यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 4.51 अरब डॉलर बढ़कर 545.578 अरब डॉलर हो गईं। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की गणना में डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भी शामिल होता है।

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स्वर्ण भंडार और अन्य घटकों की स्थिति

इस सप्ताह के दौरान केवल डॉलर ही नहीं, बल्कि सोने के भंडार की वैल्यू में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। रिजर्व बैंक ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.67 अरब डॉलर के उछाल के साथ 105.20 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसके अलावा, अन्य अंतरराष्ट्रीय मदों में भी सकारात्मक रुझान रहा। विशेष आहरण अधिकार (SDR) 6.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.62 अरब डॉलर हो गए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास जमा भारत की आरक्षित स्थिति भी 1.5 करोड़ डॉलर के इजाफे के साथ 4.79 अरब डॉलर दर्ज की गई।

एथनॉल ब्लेंडिंग से विदेशी मुद्रा की बचत

विदेशी मुद्रा भंडार के इतर, ईंधन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के कार्यक्रम ने न केवल चीनी मिलों को मजबूती दी है, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा किया है। खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव ने 'ग्रेन एथनॉल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन' (GEMA) के एक सम्मेलन में बताया कि 2014-15 से अब तक इस पहल से देश को 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। इस कार्यक्रम के कारण कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 से 2026 के बीच एथनॉल आपूर्ति के माध्यम से 310 लाख टन से ज्यादा कच्चे तेल की खपत कम हुई है, जिसका सीधा असर विदेशी मुद्रा की बचत के रूप में सामने आया है।

सवाल-जवाब

3 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना रहा?
3 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 674.19 अरब डॉलर हो गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में हालिया बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्या है?
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में 4.51 अरब डॉलर और स्वर्ण भंडार की वैल्यू में 2.67 अरब डॉलर की वृद्धि है।
एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से कितनी विदेशी मुद्रा की बचत हुई है?
सरकार के अनुसार, 2014-15 से लेकर अब तक एथनॉल ब्लेंडिंग के जरिए देश ने 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत की है।
विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर कब दर्ज किया गया था?
इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
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