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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में धारा 163 लागू, डीसी दफ्तर के पास प्रदर्शनों पर रोकमेघालय
25 अग॰ 2026, 2:08 pm (2 घंटे पहले)· 6

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में धारा 163 लागू, डीसी दफ्तर के पास प्रदर्शनों पर रोक

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उपायुक्त कार्यालय के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है।

खलीहरियात: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में प्रशासन ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत खलीहरियात स्थित उपायुक्त कार्यालय के परिसर और उसकी सीमा के भीतर नए प्रतिबंध लागू किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है, जिसका उद्देश्य किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय स्थिति को रोकना है।

प्रदर्शनों और रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध

जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, उपायुक्त कार्यालय के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है। लोग किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक सभा या ऐसी अन्य गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते हैं जिनसे इलाके की शांति और व्यवस्था भंग होने का अंदेशा हो। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से कार्यालय के नियमित कामकाज में बाधा आ सकती है और आम जनता तथा वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

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हथियार और खतरनाक वस्तुएं ले जाने पर रोक

प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह के हथियार या खतरनाक सामान ले जाने, रखने या दिखाने पर रोक लगा दी है। इस सूची में लाठी, डंडे, दाओ, आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और ज्वलनशील पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा, ऐसे किसी भी भाषण, नारे या उत्तेजक गतिविधियों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है जो भीड़ को भड़का सकती हैं या हिंसा का कारण बन सकती हैं।

आवाजाही और सरकारी कामकाज में बाधा पर शिकंजा

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर पैदल यात्रियों, वाहनों, आपातकालीन सेवाओं, सरकारी अधिकारियों और अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं डाली जाएगी। सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसा करने या इसके लिए उकसाने के प्रयासों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन लोगों को मिली है छूट

कड़े प्रतिबंधों के बीच कुछ श्रेणियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है। मजिस्ट्रेट, पुलिस और सुरक्षाकर्मी, आपातकालीन और चिकित्सा सेवाएं, अधिकृत सरकारी अधिकारी तथा अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने वाले अन्य लोग इन पाबंदियों के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा, सक्षम प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त व्यक्तियों को भी इस नियम से राहत दी गई है।

उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

यह प्रशासनिक आदेश अगले आदेश तक पूरे क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है या आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और कानून के अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

ईस्ट जयंतिया हिल्स में कौन सा नया प्रतिबंध लागू किया गया है?
प्रशासन ने उपायुक्त कार्यालय के पास धारा 163 के तहत पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर रोक लगाई है।
यह आदेश किस क्षेत्र में प्रभावी है?
यह आदेश मेघालय के खलीहरियात में ईस्ट जयंतिया हिल्स के उपायुक्त कार्यालय के परिसर और उसकी सीमा के भीतर लागू है।
किन वस्तुओं और गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी है?
हथियार, लाठी, विस्फोटक, भड़काऊ भाषण और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी है।
इस आदेश से किसे छूट दी गई है?
मजिस्ट्रेट, पुलिस कर्मी, सुरक्षा बल, आपातकालीन सेवाएं और आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों को छूट दी गई है।
नियम तोड़ने पर क्या सजा मिल सकती है?
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 का यह संयोजन जिला प्रशासन के निवारक रुख को स्पष्ट करता है। उपायुक्त कार्यालय जैसे संवेदनशील प्रशासनिक केंद्र के पास निषेधाज्ञा लागू करना कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका से निपटने के लिए उठाया गया एक कड़ा कानूनी कदम है, जिसके तहत सुरक्षा और सुचारू कामकाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए ये निवारक कदम इस बात का संकेत हैं कि स्थानीय स्तर पर अनिश्चितता या विरोध के संभावित खतरों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हालांकि, डीसी कार्यालय जैसे अहम केंद्र के आसपास ऐसे कड़े प्रतिबंधों से एक ओर जहां कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित होती है, वहीं दूसरी ओर यह स्थानीय स्तर पर जन-प्रशासन और प्रशासनिक संवाद की चुनौतियों को भी उजागर करता है। यदि इस तरह के एहतियाती उपाय लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो इससे स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के समाधान और प्रशासनिक पहुंच पर आंशिक असर पड़ सकता है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच की दूरी बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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