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ब्रिटेन में जनवरी के हर पांच में से तीन घर अब भी नहीं बिके, ऊंची ब्याज दरों ने तोड़ी खरीदारों की कमरव्यापार
3 घंटे पहले· 2

ब्रिटेन में जनवरी के हर पांच में से तीन घर अब भी नहीं बिके, ऊंची ब्याज दरों ने तोड़ी खरीदारों की कमर

ब्रिटेन में जनवरी में लिस्ट हुए हर पांच में से तीन घर अभी तक नहीं बिके हैं। ऊंची मॉर्गेज दरों और महंगी कीमतों ने खरीदारों, खासकर पहली बार घर खरीदने वालों को बाजार से दूर कर दिया है।

Amit PatelAmit PatelBusiness Correspondent 2 मिनट पढ़ें AI के लिए
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ब्रिटेन के प्रॉपर्टी बाजार में सन्नाटा गहराता जा रहा है। प्रॉपर्टी पोर्टल ज़ूपला के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में जो घर बिक्री के लिए लिस्ट हुए थे, उनमें से हर पांच में से तीन अब भी खरीदार का इंतजार कर रहे हैं। ऊंची मॉर्गेज दरों ने घर खरीदने वालों को निराश कर दिया है, क्योंकि अब घर खरीदना उनकी जेब से बाहर होता जा रहा है। मांग की कमी की वजह से कई महंगे घर बिना बिके पड़े हैं, और इनमें अच्छे माने जाने वाले इलाकों की संपत्तियां भी शामिल हैं। हालत यह है कि लोगों की कमाई कीमतों की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पा रही, जिससे पूरे रियल एस्टेट बाजार पर दबाव साफ दिख रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक तय हुए सौदे पिछले साल के मुकाबले 7% नीचे आ चुके हैं। देश का हर हिस्सा कमजोर मांग से जूझ रहा है। वेल्स में बिक्री 12% गिरी है तो ईस्ट मिडलैंड्स में 11% की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा मार पहली बार घर खरीदने वालों पर पड़ रही है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें उन्हें सौदा पक्का करने से रोक रही हैं। उनकी मासिक कमाई का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाएगा और बचत के लिए बहुत कम पैसा बचेगा।

सिर्फ ब्याज दरें नहीं, महंगे घर भी अटके

दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ ऊंची मॉर्गेज दरें ही वजह नहीं हैं। जो घर बाजार भाव पर रखे गए, वे आमतौर पर बिक गए हैं। दिक्कत उन घरों के साथ है जिनकी कीमत बाजार से ज्यादा रखी गई है, ये ज्यादातर खाली पड़े हैं और मालिक सौदा करने के लिए जूझ रहे हैं। ज़ूपला के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिचर्ड डॉनेल ने कहा, "राष्ट्रीय तस्वीर एक हद तक ही बता सकती है। जो विक्रेता अब भी किसी ऑफर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें असली बातचीत कीमत पर करनी होगी। सही दाम पर रखे गए घर बिक रहे हैं, जबकि ज्यादा कीमत वाले घर अटके पड़े हैं।"

उत्तरी लंदन के एस्टेट एजेंट जेरेमी लीफ ने कहा, "बिक्री में अब काफी ज्यादा समय लग रहा है और खरीदार से हामी भरवाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "हालांकि जिन सौदों पर सहमति बन चुकी है, उनमें से बड़ी संख्या आगे बढ़ रही है, भले ही पहले से धीमी रफ्तार से।" अगर यही हालात लंबे समय तक बने रहे तो हाउसिंग बाजार में सुधार यानी कीमतों में करेक्शन की उम्मीद की जा सकती है। ऊंची ब्याज दरें और महंगी संपत्तियां पहली बार घर खरीदने वालों को बड़े पैमाने पर बाजार से बाहर रखेंगी, और विक्रेताओं के लिए घर बेचना मुश्किल और वक्त खाने वाला साबित होगा।

इसका आप पर असर

  • खरीदारों के लिए: ऊंची ब्याज दरों की वजह से EMI महंगी रहेगी, इसलिए पहली बार घर खरीदने वालों को सौदा करने से पहले बजट और किस्तों का हिसाब और सख्ती से देखना होगा।
  • घर बेचने वालों के लिए: बाजार भाव से ज्यादा दाम रखने पर घर महीनों अटक सकता है, सही कीमत पर लिस्ट करना ही जल्दी बिक्री का रास्ता है।

सवाल-जवाब

ब्रिटेन में जनवरी में लिस्ट हुए कितने घर अब तक नहीं बिके?
जनवरी में लिस्ट हुए हर पांच में से तीन घर अब भी बिना बिके पड़े हैं।
तय हुए सौदों में कितनी गिरावट आई है?
तय हुए सौदे पिछले साल के मुकाबले 7% नीचे आ गए हैं।
किन इलाकों में बिक्री सबसे ज्यादा गिरी?
वेल्स में बिक्री 12% और ईस्ट मिडलैंड्स में 11% गिरी है।
इस गिरावट से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित है?
पहली बार घर खरीदने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें उन्हें सौदा करने से रोक रही हैं।
क्या सिर्फ ब्याज दरें ही घरों के न बिकने की वजह हैं?
नहीं, बाजार भाव पर रखे घर तो बिक रहे हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा कीमत वाले घर ज्यादातर अटके पड़े हैं।
अगर यही हालात बने रहे तो आगे क्या हो सकता है?
अगर स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो हाउसिंग बाजार में कीमतों का करेक्शन देखने को मिल सकता है।
Amit Patel
लेखक के बारे मेंAmit PatelBusiness Correspondent Delhi
विशेषज्ञताBusiness News, Financial Markets, Stock Market Analysis, Corporate Affairs, Startups, Entrepreneurship, Economic Trends, Technology Business, Investments, Global Economy

Amit Patel is a Business Correspondent covering global markets, finance, startups, technology, and economic trends. He delivers timely news, market analysis, and insights into the businesses and industries shaping the modern economy.

Amit Patel is a Business Correspondent covering global markets, finance, entrepreneurship, technology, and economic developments. He reports on breaking business news, corporate strategies, stock market trends, startup ecosystems, and industry innovations that shape the global economy. With a focus on accuracy, clarity, and in-depth analysis, Amit helps readers understand complex business topics and their real-world impact. His coverage spans financial markets, multinational corporations, emerging industries, economic policy, investment trends, and digital transformation. Through data-driven reporting and insightful analysis, Amit delivers timely business news and expert perspectives for professionals, investors, entrepreneurs, and general readers alike.

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