कानपुर चिड़ियाघर में 15 अगस्त से खुलेगा हाइटेक एक्वेरियम, शार्क संग फोटो और 3D शो की सौगातकरूर हादसे के पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोकक्या सीए एक डिग्री या डिप्लोमा है? जानिए इसका वास्तविक शैक्षणिक दर्जा और यूजीसी का निर्णयभुवनेश्वर एयरपोर्ट पर बीमार बच्चे का इलाज कराने जा रही महिला की इंडिगो फ्लाइट रद्द, कन्वेयर बेल्ट पर चढ़कर काटा हंगामाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थकों की अनूठी दीवानगी, स्मृति ईरानी के पोस्ट से चर्चा में आए यह 6 खास प्रशंसकव्यवस्था परिवर्तन और शिक्षा सुधार पर बाबा रामदेव के विचार जानिए संपूर्ण विश्लेषणरियासी के भामला में 3 संदिग्ध आतंकियों की चहलकदमी से हड़कंप, सेना और पुलिस ने जंगलों को घेराहरिद्वार में पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी टिप्पणी पर साधा निशाना, कहा देश समझ रहा है संस्कार और सोचअरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, सरकार से मांगी स्पष्टतासिंह राशि में प्रवेश करेंगे ग्रहों के राजा सूर्य, 17 अगस्त से इन चार राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ
ब्रिटेन में जनवरी के हर पांच में से तीन घर अब भी नहीं बिके, ऊंची ब्याज दरों ने तोड़ी खरीदारों की कमरव्यापार
30 जून 2026, 2:37 pm (45 दिन पहले)· 4

ब्रिटेन में जनवरी के हर पांच में से तीन घर अब भी नहीं बिके, ऊंची ब्याज दरों ने तोड़ी खरीदारों की कमर

ब्रिटेन में जनवरी में लिस्ट हुए हर पांच में से तीन घर अभी तक नहीं बिके हैं। ऊंची मॉर्गेज दरों और महंगी कीमतों ने खरीदारों, खासकर पहली बार घर खरीदने वालों को बाजार से दूर कर दिया है।

ब्रिटेन के प्रॉपर्टी बाजार में सन्नाटा गहराता जा रहा है। प्रॉपर्टी पोर्टल ज़ूपला के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में जो घर बिक्री के लिए लिस्ट हुए थे, उनमें से हर पांच में से तीन अब भी खरीदार का इंतजार कर रहे हैं। ऊंची मॉर्गेज दरों ने घर खरीदने वालों को निराश कर दिया है, क्योंकि अब घर खरीदना उनकी जेब से बाहर होता जा रहा है। मांग की कमी की वजह से कई महंगे घर बिना बिके पड़े हैं, और इनमें अच्छे माने जाने वाले इलाकों की संपत्तियां भी शामिल हैं। हालत यह है कि लोगों की कमाई कीमतों की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पा रही, जिससे पूरे रियल एस्टेट बाजार पर दबाव साफ दिख रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक तय हुए सौदे पिछले साल के मुकाबले 7% नीचे आ चुके हैं। देश का हर हिस्सा कमजोर मांग से जूझ रहा है। वेल्स में बिक्री 12% गिरी है तो ईस्ट मिडलैंड्स में 11% की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा मार पहली बार घर खरीदने वालों पर पड़ रही है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें उन्हें सौदा पक्का करने से रोक रही हैं। उनकी मासिक कमाई का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाएगा और बचत के लिए बहुत कम पैसा बचेगा।

ये भी पढ़ें

सिर्फ ब्याज दरें नहीं, महंगे घर भी अटके

दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ ऊंची मॉर्गेज दरें ही वजह नहीं हैं। जो घर बाजार भाव पर रखे गए, वे आमतौर पर बिक गए हैं। दिक्कत उन घरों के साथ है जिनकी कीमत बाजार से ज्यादा रखी गई है, ये ज्यादातर खाली पड़े हैं और मालिक सौदा करने के लिए जूझ रहे हैं। ज़ूपला के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिचर्ड डॉनेल ने कहा, "राष्ट्रीय तस्वीर एक हद तक ही बता सकती है। जो विक्रेता अब भी किसी ऑफर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें असली बातचीत कीमत पर करनी होगी। सही दाम पर रखे गए घर बिक रहे हैं, जबकि ज्यादा कीमत वाले घर अटके पड़े हैं।"

उत्तरी लंदन के एस्टेट एजेंट जेरेमी लीफ ने कहा, "बिक्री में अब काफी ज्यादा समय लग रहा है और खरीदार से हामी भरवाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "हालांकि जिन सौदों पर सहमति बन चुकी है, उनमें से बड़ी संख्या आगे बढ़ रही है, भले ही पहले से धीमी रफ्तार से।" अगर यही हालात लंबे समय तक बने रहे तो हाउसिंग बाजार में सुधार यानी कीमतों में करेक्शन की उम्मीद की जा सकती है। ऊंची ब्याज दरें और महंगी संपत्तियां पहली बार घर खरीदने वालों को बड़े पैमाने पर बाजार से बाहर रखेंगी, और विक्रेताओं के लिए घर बेचना मुश्किल और वक्त खाने वाला साबित होगा।

सवाल-जवाब

ब्रिटेन में जनवरी में लिस्ट हुए कितने घर अब तक नहीं बिके?
जनवरी में लिस्ट हुए हर पांच में से तीन घर अब भी बिना बिके पड़े हैं।
तय हुए सौदों में कितनी गिरावट आई है?
तय हुए सौदे पिछले साल के मुकाबले 7% नीचे आ गए हैं।
किन इलाकों में बिक्री सबसे ज्यादा गिरी?
वेल्स में बिक्री 12% और ईस्ट मिडलैंड्स में 11% गिरी है।
इस गिरावट से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित है?
पहली बार घर खरीदने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें उन्हें सौदा करने से रोक रही हैं।
क्या सिर्फ ब्याज दरें ही घरों के न बिकने की वजह हैं?
नहीं, बाजार भाव पर रखे घर तो बिक रहे हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा कीमत वाले घर ज्यादातर अटके पड़े हैं।
अगर यही हालात बने रहे तो आगे क्या हो सकता है?
अगर स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो हाउसिंग बाजार में कीमतों का करेक्शन देखने को मिल सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR