एप्सन इकोटैंक ET-2410 का पूरा रिव्यू: बजट ऑल-इन-वन प्रिंटर के फीचर्स, क्षमता और कमियांफिक्स्ड डिपॉजिट पर आरबीआई का नया चाबुक, बैंकों की हर शाखा में मिलेगी एक समान ब्याज दरबालों की हर समस्या का एक समाधान नहीं, जानें अपनी जरूरत के हिसाब से सही फॉर्मूलाशाओमी 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स 23 सितंबर को होंगे पेश, 8,500mAh बैटरी और 200MP कैमरे से लैसमिथुन राशिफल 22 सितंबर 2026: जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें, शाम तक खर्च और बजट पर रखें पैनी नजरसेंस एंड सेंसिबिलिटी रिव्यू (2026): भव्य दृश्यों के बीच खो गई जेन ऑस्टिन के क्लासिक की मूल आत्माऐपल सिरी देरी विवाद में 25 करोड़ डॉलर का समझौता, जानें किन्हें मिलेगा मुआवजा और दावा कैसे करेंचिम्पांजी समाज का सच्चा सबक: पुरुष दोस्ती में आक्रामकता नहीं बल्कि भरोसा और अपनापन तय करते हैं असली ताकतजेनहाइज़र का फ्लैगशिप ईयरबड्स नया अवतार लेकर आया, जानिए कैसा है यह नया वायरलेस ऑडियो अनुभवब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की वकालत, फेड अधिकारी मुसालेम ने 3 फीसदी तक महंगाई का दिया हवाला
सितंबर अंत में तीन दिन के बैंक कार्यबहिष्कार पर केंद्र की समझाइश, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह पर चर्चा जारीव्यापार
22 सित॰ 2026, 1:50 am (22 मिनट पहले)· 0

सितंबर अंत में तीन दिन के बैंक कार्यबहिष्कार पर केंद्र की समझाइश, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह पर चर्चा जारी

सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों द्वारा 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल को टालने के लिए केंद्र ने बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कामकाज को पटरी पर बनाए रखने के उद्देश्य से 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को वापस लेने का अनुरोध किया गया है। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही की समाप्ति यानी 30 सितंबर की क्लोजिंग नजदीक होने के कारण कामकाज में रुकावट न आने देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच लंबित मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाने का सुझाव देते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्यों के समय सेवाएं बाधित होने से अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर विपरीत असर पड़ सकता है।

पांच दिन के कार्य सप्ताह और पीएलआई योजना पर स्थिति

बैंक कर्मचारी संगठनों के आंदोलन के केंद्र में मुख्य रूप से दो प्रमुख विषय रहे हैं। इनमें पहला मुद्दा बैंकों में हफ्ते में केवल पांच दिन कार्य प्रणाली लागू करने का है। इस मांग को लेकर साफ किया गया है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का प्रस्ताव अभी विचाराधीन स्थिति में है और इस पर अंतिम सहमति या निर्णय होना बाकी है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने इसी विषय को लेकर अपने विरोध प्रदर्शन और कार्यबहिष्कार की रूपरेखा तैयार की थी।

ये भी पढ़ें

कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई योजना को खत्म करने से जुड़ी थी। कर्मचारी संगठनों के साथ हुई चर्चाओं के पश्चात प्रशासन ने इस योजना को फिलहाल स्थगित रखने का कदम उठाया है। इस प्रकार यूनियनों की उठाई गई प्राथमिक चिंताओं में से एक पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था पर विचार-विमर्श का सिलसिला अभी जारी है। कर्मचारी यूनियनों ने पूर्व में 11 सितंबर को एक दिन का सांकेतिक कार्यबहिष्कार किया था। अब 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की तैयारी है, जिसके बाद मांग पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

अर्धवार्षिक लेखाबंदी और लगातार पांच दिनों तक सेवा बाधा की आशंका

प्रस्तावित हड़ताल के समय को लेकर सबसे बड़ी चिंता 30 सितंबर को होने वाली हाफ-ईयरली क्लोजिंग को लेकर है। इस तय अवधि में सभी वित्तीय संस्थानों में खातों का विस्तृत मिलान, वित्तीय प्रावधान, ट्रेजरी ऑपरेशंस और वित्तीय बाजार से जुड़े अहम लेन-देन निपटाए जाते हैं। यदि कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक शाखाओं से अनुपस्थित रहते हैं, तो पूरी बैंकिंग व्यवस्था की रफ्तार थम सकती है।

इस गतिरोध की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि 28 सितंबर से पहले सप्ताहांत की छुट्टियां पड़ रही हैं। यदि सप्ताहांत के अवकाश को तीन दिन के कार्यबहिष्कार के साथ जोड़कर देखा जाए, तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावी रूप से लगातार पांच दिनों तक बाधित रह सकती हैं। इससे आम खाताधारकों, व्यापारियों के रोजमर्रा के लेन-देन, सरकारी भुगतान तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की वित्तीय गतिविधियों पर गहरा असर पड़ने का जोखिम बना हुआ है।

बैंक कर्मियों के हित में उठाए गए पूर्व कदमों का विवरण

कर्मचारियों से काम पर बने रहने का आग्रह करते हुए विगत वर्षों में बैंकिंग सुधारों और कर्मचारियों की भलाई के लिए किए गए प्रयासों को भी सामने रखा गया है। वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के मध्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में करीब 4.82 लाख नए कर्मियों की नियुक्तियां की गईं। विशेष रूप से पिछले तीन सालों के दौरान भर्ती प्रक्रिया की गति में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।

कर्मचारी कल्याण की दिशा में वेतन और भत्तों में संशोधन, पदोन्नति नियमों और स्थानांतरण व्यवस्था में पारदर्शिता, महिला कर्मियों के लिए विशेष अवकाश के प्रावधान, पारिवारिक पेंशन की दरों में सुधार तथा सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस योजना जैसी सुविधाएं पहले ही लागू की जा चुकी हैं। इन सभी पहलों का हवाला देते हुए कर्मचारियों से गतिरोध समाप्त कर सेवाएं सुचारु रखने की अपील दोहराई गई है।

सवाल-जवाब

बैंक हड़ताल किन तारीखों को प्रस्तावित है?
सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कर्मचारी संगठनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल का प्रस्ताव रखा है।
बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग हफ्ते में पांच दिन की बैंकिंग लागू करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना को वापस लेना रही है।
पीएलआई योजना पर क्या निर्णय हुआ है?
कर्मचारी यूनियनों के साथ हुई वार्ता के बाद पीएलआई योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला लिया गया है।
पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर वर्तमान में क्या स्थिति है?
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग अभी विचाराधीन है और इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रस्तावित हड़ताल के समय को लेकर चिंता क्यों जताई जा रही है?
30 सितंबर को बैंकों की हाफ-ईयरली क्लोजिंग होती है, जिसमें वित्तीय खातों का मिलान और महत्वपूर्ण लेखा कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
मांगें पूरी न होने पर कर्मचारी संगठनों का अगला कदम क्या है?
मांगें पूरी न होने की स्थिति में कर्मचारी संगठनों ने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का प्रस्ताव रखा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Rohan Gupta@rohan-gupta·6 मिनट पहले

हाफ-इयरली क्लोजिंग के वक्त हड़ताल का मतलब है कि सर्वर और सिस्टम्स का हाल बेहाल होना। वैसे भी आजकल सब डिजिटल बैंकिंग पर शिफ्ट हो रहे हैं, तो फिजिकल ब्रांच बंद रहने से रोजमर्रा के ट्रांजैक्शंस पर सीधा असर पड़ेगा। उम्मीद है सरकार और यूनियंस जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp