भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के कुल 12 सरकारी बैंक आम नागरिकों को विभिन्न वित्तीय सुविधाएं और सुरक्षित निवेश विकल्प दे रहे हैं। इन्हीं प्रमुख सरकारी वित्तीय संस्थानों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है। यह सरकारी बैंक रोजमर्रा की बैंकिंग सेवाओं के अतिरिक्त सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले बचतकर्ताओं के लिए कई तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं संचालित करता है। बैंक की अलग-अलग समयावधि वाली सावधि जमा योजनाओं पर निवेशकों को 3.00 प्रतिशत से लेकर 8.00 प्रतिशत तक का आकर्षक ब्याज प्राप्त हो रहा है। अल्पकालिक अवधि में एक वर्ष से ठीक एक दिन कम यानी 364 दिनों की जमा योजना पर मिलने वाले प्रतिफल और बुजुर्ग निवेशकों को मिलने वाले अतिरिक्त लाभ का पूरा ढांचा समझना जरूरी है।
सावधि जमा योजनाओं की समयावधि और दायरा
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को अल्पकालिक जरूरतों से लेकर दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लचीली समयावधि की सुविधा प्रदान करता है। जमाकर्ता इस बैंक में न्यूनतम 7 दिनों की संक्षिप्त अवधि के लिए अपनी राशि सावधि खाते में रख सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, लंबी अवधि के लिए वित्तीय सुरक्षा चाहने वाले ग्राहकों के लिए अधिकतम 10 साल तक की एफडी खुलवाने का विकल्प खुला रहता है। इसी निर्धारित तालिका के तहत बैंक 364 दिनों की विशिष्ट परिपक्वता अवधि वाली एफडी योजना पर जमाकर्ताओं की आयु वर्ग के आधार पर 6.00 प्रतिशत से लेकर 6.75 प्रतिशत तक का वार्षिक ब्याज मुहैया करा रहा है।
सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 364 दिनों की ब्याज दरें
बैंक द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, 59 साल तक की उम्र वाले सभी सामान्य जमाकर्ताओं को 364 दिनों की सावधि जमा पर 6.00 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। सेवानिवृत्त और बुजुर्ग नागरिकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक ब्याज की व्यवस्था की है। इसके तहत 60 साल या उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन्स को इसी 364 दिनों की एफडी पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। अति वरिष्ठ नागरिकों यानी 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह प्रतिफल और अधिक हो जाता है, जिन्हें इसी अवधि के लिए 6.75 प्रतिशत का ब्याज प्राप्त होता है। यह संपूर्ण ब्याज ढांचा 3 करोड़ रुपये से कम की घरेलू जमा राशि पर पूरी तरह से प्रभावी है।
बुजुर्गों को मिलने वाला अतिरिक्त ब्याज लाभ
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज संरचना में उम्र के पड़ाव के साथ अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित किया गया है। नियमित खाताधारकों की तुलना में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन्स को 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता है। वहीं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन्स को सामान्य नागरिकों की तुलना में कुल 0.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। यदि सीनियर सिटीजन्स और सुपर सीनियर सिटीजन्स के बीच के अंतर को देखें, तो सुपर सीनियर वर्ग को सामान्य वरिष्ठ नागरिकों के मुकाबले 0.25 प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जाता है। देश के विभिन्न बैंकिंग संस्थानों में अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज की यह व्यवस्था अलग-अलग शर्तों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
ब्याज दरों में संशोधन और केंद्रीय बैंक का आधार
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी सावधि जमा योजनाओं की ब्याज दरों में अंतिम संशोधन 10 अगस्त, 2026 को लागू किया था। किसी भी वाणिज्यिक बैंक की ब्याज दरें स्वतंत्र रूप से निर्धारित नहीं होतीं, बल्कि वे व्यापक मौद्रिक नीतियों से गहराई से जुड़ी होती हैं। देश के सभी 12 सरकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा अपनी एफडी योजनाओं पर दिए जाने वाले ब्याज का निर्धारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर तय की जाने वाली रेपो दर पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर करता है।




















