चेन्नई में हवाई यात्रियों और कार्गो के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए एक दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण बेहद जरूरी माना जा रहा है। कांचीपुरम जिले के परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर रद्द करने के बाद अब राज्य सरकार ने एक बार फिर नए सिरे से जमीन की तलाश शुरू कर दी है। सरकार ने इसके लिए उड्डयन और बुनियादी ढांचा विशेषज्ञों से नए संभावित स्थानों की पहचान करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
परंदूर प्रोजेक्ट क्यों करना पड़ा रद्द
20000 करोड़ रुपये की लागत वाला परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट लंबे समय से विवादों में था। प्रशासनिक समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि चिन्हित जमीन का एक बड़ा हिस्सा रनवे के निर्माण के लिए तकनीकी रूप से सही नहीं था। इसके साथ ही आसपास के 12 गांवों के निवासियों का विरोध और जमीन अधिग्रहण से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे भी इस परियोजना को रोकने की मुख्य वजह बने। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने परंदूर में हवाई अड्डा न बनाने का निर्णय लिया।
परंदूर की जमीन पर अब क्या योजना है
परंदूर में हवाई अड्डा परियोजना रद्द होने के बाद वहां अधिग्रहित की जा चुकी जमीन का सही इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है। सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1700 एकड़ जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी। अब इस पूरी भूमि पर औद्योगिक परियोजनाएं और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का विचार किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।
राजनीतिक संग्राम और विधानसभा में हंगामा
प्रोजेक्ट रद्द किए जाने के फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को रद्द करना राज्य के विकास को कई साल पीछे धकेलने जैसी बड़ी भूल है। इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में भारी हंगामा हुआ और द्रमुक विधायकों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
नई लोकेशन के लिए एक्सपर्ट्स की टीम करेगी सर्वे
उद्योग विभाग के आधिकारिक नीति दस्तावेज के अनुसार, चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ता ट्रैफिक एक बड़ी चुनौती बन चुका है। शहर की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक आधुनिक और बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की तत्काल आवश्यकता है। विमानन विशेषज्ञों की टीम अब चेन्नई के आसपास के अन्य जिलों में उपयुक्त जमीनों का सर्वे करेगी, जहां रनवे और टर्मिनलों के लिए अनुकूल भौगोलिक स्थितियां उपलब्ध हों। रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम जगह का चयन किया जाएगा।



















