भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में भारतीय टीम WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में थोड़ा पीछे छूट गई है। हालांकि श्रीलंका में टीम का मौजूदा प्रदर्शन काफी उत्साहजनक रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में राह आसान नहीं होने वाली है।
अंक तालिका में स्थिति और आगे की कठिन चुनौतियां
मौजूदा समय में अंक तालिका में पांचवें पायदान पर काबिज, दो बार की WTC फाइनलिस्ट भारतीय टीम को टूर्नामेंट के 2025-2027 चक्र में अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा। बांग्लादेश के बाद पांचवें स्थान पर मौजूद भारत को आने वाले समय में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो अवे टेस्ट मैच खेलने हैं। इसके अलावा जनवरी 2027 से घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की एक लंबी श्रृंखला भी खेलनी है। इस दौरान भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और इतने ही टी20 मुकाबले भी खेलने हैं।
शानदार फॉर्म और सीनियर खिलाड़ियों की कमी
यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग की एक टीम के मालिक राहुल द्रविड़ ने जियोस्टार से बातचीत के दौरान कहा कि भारत के लिए WTC फाइनल में जगह बनाना एक रोमांचक सफर होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम थोड़ा पीछे जरूर है, लेकिन भारतीय टीम की गुणवत्ता को देखते हुए उसे किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला में भारत 1-0 से आगे है और मजबूत बल्लेबाजी के दम पर दूसरे टेस्ट में भी उसकी स्थिति मजबूत है।
अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे पर बात करते हुए द्रविड़ ने कहा कि विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी खलेगी। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है और कई युवा खिलाड़ियों ने वहां नहीं खेला है, जिससे मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी फिट रहेंगे और आगामी महीनों में चोटों की समस्या से बचे रहेंगे। उन्होंने रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों के अनुभव को याद किया जो पिछली बार वहां गए थे।
ऑस्ट्रेलियाई दौरे और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारी
जनवरी में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को लेकर भी द्रविड़ ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेहद बेताब नजर आएंगे। यह एक शानदार पीढ़ी के महान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पहले कभी भारत में टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है और वे इस सूखे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे।
वैभव सूर्यवंशी के टेस्ट भविष्य पर क्या बोले द्रविड़
पंद्रह साल की बल्लेबाजी प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी के बारे में बात करते हुए राहुल द्रविड़ ने संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सबसे लंबे प्रारूप में अपनी जगह पक्की करने के लिए सूर्यवंशी को रेड-बॉल क्रिकेट के कुछ सीजन खेलने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ धैर्य रखना बहुत जरूरी है। वह अभी महज 15 साल के हैं और उनकी क्षमता को देखकर इसमें कोई संदेह नहीं है कि घरेलू क्रिकेट और अभ्यास के पर्याप्त अवसर मिलने के बाद वह टेस्ट टीम में अपनी जगह जरूर बना लेंगे।
हालांकि, द्रविड़ ने यह भी चिंता जताई कि क्या वैभव सूर्यवंशी के व्यस्त शेड्यूल में घरेलू क्रिकेट के लिए समय निकल पाएगा। सफेद गेंद के प्रारूप में राष्ट्रीय टीम के साथ व्यस्त रहने के कारण उनके लिए घरेलू क्रिकेट के दो पूरे सीजन खेलना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कौशल के स्तर पर कोई कमी नहीं है, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे मैनेज करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।


















