अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) लगातार दूसरे दिन एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है। मंगलवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान यह मुद्रा जोड़ा 1.3650 के स्तर से नीचे ट्रेड कर रहा है। यूओबी (यूनाइटेड ओवरसीज बैंक) के मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार, पाउंड में ऊपर की ओर जाने का सकारात्मक रुझान अभी भी बना हुआ है और यह आने वाले समय में 1.3700 के स्तर को छू सकता है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में आए मामूली सुधार के कारण पाउंड की तेजी थमी हुई है। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते डॉलर को मजबूती मिली है, जिससे इस मुद्रा जोड़े पर दबाव दिख रहा है। इसके बावजूद, बिकवाली में बड़ी गिरावट न आने से मंदी का रुख रखने वाले ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
24 घंटे का आउटलुक और दैनिक कारोबार का दायरा
पिछले कारोबारी हफ्ते के शुक्रवार को ब्रिटिश पाउंड 1.3644 पर लगभग सपाट बंद हुआ था, जिसमें 0.09% की मामूली तेजी दर्ज की गई थी। इसके बाद बाजार में पाउंड के सीमित दायरे में रहने की संभावना जताई गई थी। अनुमान जताया गया था कि जीबीपी 1.3620 से 1.3665 के बीच कारोबार करेगा। बाजार की वास्तविक चाल भी इस अनुमान के बिल्कुल अनुरूप रही, जहां पाउंड ने 1.3621 के निचले स्तर और 1.3656 के ऊपरी स्तर के बीच कारोबार किया और अंत में 0.10% की हल्की गिरावट के साथ 1.3630 पर बंद हुआ।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में पाउंड में न तो ऊपर की ओर कोई मजबूत गति दिखी है और ना ही नीचे की ओर कोई बड़ा दबाव बना है। इस वजह से आने वाले 24 घंटों के दौरान भी पाउंड के एक सीमित दायरे में ही कारोबार करने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि अगला दैनिक कारोबारी दायरा मुख्य रूप से 1.3615 से 1.3660 के बीच रह सकता है।
1 से 3 हफ्तों का आउटलुक: 1.3700 का लक्ष्य और 1.3585 का सपोर्ट
मध्यम अवधि के दृष्टिकोण से, यूओबी विश्लेषकों ने सोमवार 17 अगस्त को पाउंड पर सकारात्मक रुख अपनाया था, जब यह 1.3540 के स्तर पर था। इसके बाद शुक्रवार 21 अगस्त को जब पाउंड का भाव 1.3640 पर था, तब विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि यह मुद्रा जोड़ा अपनी बढ़त को आगे बढ़ाते हुए 1.3700 के स्तर तक पहुंच सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में भी इस दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं हुआ है और 1.3700 का ऊपरी लक्ष्य बरकरार है।
हालांकि, गिरावट के जोखिम को देखते हुए एक कड़ा सपोर्ट स्तर भी निर्धारित किया गया है। यदि ब्रिटिश पाउंड नीचे की तरफ गिरकर 1.3585 के मजबूत सपोर्ट स्तर को तोड़ देता है, तो इसका सीधा मतलब होगा कि 1.3700 तक पहुंचने की संभावना समाप्त हो चुकी है। जब तक 1.3585 का यह स्तर सुरक्षित है, तब तक तेजी की उम्मीद बनी रहेगी।
यूरो, सोना और कच्चे तेल पर मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार की बात करें तो यूरो (EUR/USD) भी बढ़त बनाने में संघर्ष कर रहा है। मंगलवार को यूरोपीय कारोबार के दौरान यूरो 1.1650 के करीब कारोबार करता दिखा। जर्मनी के आईएफओ (IFO) सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े आने के बावजूद यूरो में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, ऊंची बॉन्ड यील्ड और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों का रुझान जोखिम भरे एसेट्स से हटकर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा है।
दूसरी ओर, कीमती धातु सोने की कीमतों में भी नरमी देखी जा रही है। मंगलवार के यूरोपीय सत्र के पहले आधे हिस्से में सोना $4,650 के स्तर से नीचे बना रहा। हालांकि, इससे पहले मंगलवार को ही सोने ने $4,700 का स्तर छुआ था, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। तीन महीने के निचले स्तर से अमेरिकी डॉलर के उबरने के कारण सोने की तेजी पर ब्रेक लगा है। ऊर्जा की अस्थिर कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिसके कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक और बढ़ोतरी की संभावनाएं बनी हुई हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी की तरलता पहल और क्रिप्टो बाजार की स्थिति
इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को 12:32 जीएमटी (GMT) पर ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले दीर्घकालिक बॉन्ड बाज़ार में अपनी रीपर्चेज (बायबैक) सहायता कार्रवाई का आकार कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन किया जाएगा। यह नया बायबैक शेड्यूल 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। अमेरिकी ट्रेजरी का यह कदम लंबी अवधि के बॉन्ड मार्केट में ऊंची यील्ड को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वित्तीय बाजारों में बने इस माहौल के बीच क्रिप्टो एसेट्स में मजबूती देखी जा रही है। बिटकॉइन ($80,000) के पार अपनी बढ़त को विस्तार दे रहा है, जिसे बाजार के सकारात्मक रुझान का समर्थन मिल रहा है। अमेरिका द्वारा बॉन्ड बाजार में किए जा रहे हस्तक्षेप से इस सीमित सप्लाई वाले डिजिटल एसेट को और बल मिल सकता है। बीते 24 घंटों में डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस प्लेटफॉर्म एरोड्रोम फाइनेंस (AERO) और वर्चुअल प्रोटोकॉल (VIRTUAL) क्रिप्टो बाजार में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टोकन के रूप में उभरे हैं।



















