यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। मंगलवार को ट्रेडिंग के शुरुआती दौर में जीबीपी/जेपीवाई क्रॉस 217.00 के मध्य स्तर के करीब पहुंच गया, जो 30 जुलाई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। जापानी अर्थव्यवस्था में राजकोषीय चिंताओं और अन्य प्रमुख देशों के साथ ब्याज दरों के बड़े अंतर की वजह से येन पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। महीने की शुरुआत से जारी इस तेजी के ट्रेंड को येन की कमजोरी से लगातार समर्थन मिल रहा है।
मुद्रा बाजारों का रुझान और जापानी येन की स्थिति
इस महीने के मुद्रा प्रदर्शन को देखें तो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन सबसे कमजोर साबित हुआ है। करेंसी हीटमैप के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में येन में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। जापान की बिगड़ती राजकोषीय स्थिति और बैंक ऑफ जापान की उदार मौद्रिक नीति के कारण निवेशक येन से दूरी बना रहे हैं, जिससे पाउंड जैसी मजबूत मुद्राओं को सीधा फायदा मिल रहा है।
जीबीपी/यूएसडी और यूरो/यूएसडी में सुस्ती
एक तरफ जहां पाउंड येन के खिलाफ मजबूत हुआ है, वहीं जीबीपी/यूएसडी जोड़ी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करती दिखी और 1.3650 के स्तर से नीचे बनी रही। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद अमेरिकी डॉलर में हल्की रिकवरी देखने को मिली है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त थम गई। हालांकि बाजार में आक्रामक बिकवाली का अभाव मंदी के रुख वाले व्यापारियों को सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।
दूसरी ओर, यूरो/यूएसडी जोड़ी भी 1.1650 के आसपास संघर्ष करती नजर आई। जर्मनी के बेहतर आईएफओ सर्वे के आंकड़ों के बावजूद यूरो को कोई खास सहारा नहीं मिल सका। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, चढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से बाजार में जोखिम से बचने की भावना हावी रही, जिसने यूरो की चाल को रोक दिया।
सोने के भाव में गिरावट और अमेरिकी फेड का असर
कीमती धातुओं के बाजार में सोना यूरोपीय सत्र के दौरान 4,650 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया। इससे पहले मंगलवार को ही सोने ने 4,700 डॉलर के करीब अपना intraday उच्च स्तर छुआ था, जो 14 मई के बाद की सबसे ऊंची कीमत थी। हालांकि इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर तीन महीने के निचले स्तर से उबर रहा है, क्योंकि ऊर्जा की अनिश्चित कीमतों से मुद्रास्फीति का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व कम से कम एक बार ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।
बिटकॉइन 80,000 डॉलर के पार और ट्रेजरी का बड़ा कदम
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सकारात्मक माहौल के बीच बिटकॉइन ने 80,000 डॉलर के स्तर को पार कर अपनी बढ़त बनाए रखी। बाजार में जोखिम लेने की क्षमता सुधरने से इस दुर्लभ डिजिटल संपत्ति में तेजी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी ने तरलता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर जारी सूचना के अनुसार, ट्रेजरी विभाग 10 साल से 20 साल और 20 साल से 30 साल की अवधि वाले लंबे समय के बॉन्ड बाजार में तरलता सहायता पुनर्खरीद संचालन को दोगुना करेगा। प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर किया जाएगा। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी। दूसरी तरफ, पिछले 24 घंटों के दौरान एरोड्रोम फाइनेंस (AERO) और वर्चुअल प्रोटोकॉल (VIRTUAL) जैसे डिजिटल टोकन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले एसेट्स के रूप में उभरे हैं।



















