असम सरकार अपने आर्थिक विकास के अगले दौर को गति देने के लिए हरित ऊर्जा के मोर्चे पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घोषणा की है कि असम में सौर ऊर्जा, पंप्ड-स्टोरेज और आधुनिक बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा निवेश आकर्षित करने की व्यापक योजना पर काम चल रहा है। इस विशाल पूंजीगत निवेश के जरिए राज्य भर में लगभग 40,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जो स्थानीय कार्यबल और युवाओं के लिए आर्थिक प्रगति के नए द्वार खोलेगा।
ग्रीन एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित विस्तृत योजना
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र असम की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार साबित होगा। राज्य सरकार का ध्यान केवल पारंपरिक बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक बुनियादी ढांचा और दीर्घकालिक भंडारण प्रणाली तैयार करने पर केंद्रित है। इस रोडमैप के तहत बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा पार्क स्थापित किए जाएंगे, जो राज्य की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता में भारी बढ़ोतरी करेंगे।
ग्रिड स्थिरता और आधुनिक स्टोरेज तकनीक पर जोर
इस नए निवेश प्रस्ताव में पंप्ड-स्टोरेज सिस्टम और उन्नत बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। पंप्ड-स्टोरेज तकनीक बड़े स्तर पर बिजली को संग्रहित करने में मदद करती है, जिससे बिजली ग्रिड की स्थिरता और लचीलेपन में सुधार होता है। इसके साथ ही, बैटरी आधारित भंडारण प्रणालियां अक्षय ऊर्जा के अनियमित उत्पादन को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार की यह रणनीति सुनिश्चित करेगी कि जब सूरज की रोशनी उपलब्ध न हो, तब भी राज्य में निर्बाध और स्वच्छ बिजली की आपूर्ति बनी रहे।
औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए अवसर
80,000 करोड़ रुपये से अधिक का यह संभावित पूंजीगत निवेश राज्य के समूचे औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक वृद्धि को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ना है। जब इतने बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं जमीन पर उतरेंगी, तो निर्माण, संचालन, रखरखाव और संबद्ध क्षेत्रों में लगभग 40,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। इससे असम की स्थानीय आबादी को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
पूर्वोत्तर भारत में स्वच्छ ऊर्जा का नया केंद्र
हाल के वर्षों में असम सरकार ने औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने और भारी वैश्विक व घरेलू निवेश जुटाने के प्रयास तेज किए हैं। इस कड़ी में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है। यदि यह विशाल परियोजना सफलतापूर्वक आकार लेती है, तो असम न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में एक प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित होकर उभरेगा।



















