उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हैलीपैड के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक स्थानीय ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित पठाली गांव निवासी मोहन तिवारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और आपदा राहत की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया।
गौरीकुंड और केदारनाथ में तीर्थयात्रियों को रोका गया
पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण केदारनाथ मार्ग का यह हिस्सा बेहद खतरनाक बना हुआ है। भूस्खलन की सक्रिय स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के लिहाज से धाम की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है, जबकि दर्शन करके वापस लौट रहे यात्रियों को केदारनाथ बेस पर रोका गया है। जब तक भूस्खलन का इलाका पूरी तरह शांत नहीं हो जाता, तब तक के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन और मार्ग मरम्मत का काम कर रहे मजदूरों की गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है।
15 दिनों में तीसरा हादसा, बिना बारिश बढ़ रहा खतरा
केदारनाथ पैदल मार्ग का चीरबासा क्षेत्र पिछले कुछ दिनों से लगातार पत्थर गिरने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। पिछले 15 दिनों के भीतर इस इलाके में पत्थरों की चपेट में आने से यह तीसरी मौत दर्ज की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि क्षेत्र में इस समय कोई भारी बारिश नहीं हो रही है, फिर भी पहाड़ियों से पत्थरों का गिरना जारी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा दस्तों की चिंता बढ़ा दी है।
15 सितंबर से शुरू होगा यात्रा का दूसरा चरण
इन चुनौतियों के बीच चार धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। मानसून के कमजोर पड़ते ही 15 सितंबर से यात्रा का दूसरा चरण औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति ने दूसरे चरण के संचालन के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। शीतकाल में कपाट बंद होने से पहले तीर्थयात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।



















