त्योहारी सीजन की शुरुआत होते ही सर्राफा बाजार में गहनों की खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले महीने सितंबर के दौरान सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं के भाव में जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी। पूरे महीने भर चले उतार-चढ़ाव के बाद सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम ₹9,000 की उल्लेखनीय कमी आई, जबकि चांदी की दर में भी प्रति किलोग्राम ₹8,000 तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, महीने के अंतिम दिन तक दबाव में रहने के बाद 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को निचले स्तरों पर निवेशकों की ताजा लिवाली और अनुकूल वैश्विक संकेतों के बल पर दोनों कीमती धातुओं में हल्की रिकवरी देखने को मिली है।
सितंबर महीने में सोने और चांदी के भाव का पूरा लेखा-जोखा
सितंबर की शुरुआत से लेकर महीने के अंतिम कारोबारी दिन तक हाजिर और वायदा दोनों बाजारों में कीमतों पर भारी दबाव बना रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खुदरा सर्राफा बाजार में 1 सितंबर को सोने का भाव ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया था। पूरे महीने की कारोबारी सुस्ती और लगातार बिकवाली के चलते 30 सितंबर तक यह घटकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह पूरे सितंबर महीने में 10 ग्राम सोने की खरीद पर उपभोक्ताओं को सीधे ₹9,000 की बचत का मौका मिला।
इसी तरह चांदी की चाल भी पूरे महीने कमजोर बनी रही। दिल्ली में 1 सितंबर को चांदी की कीमत ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। महीने भर के दौरान औद्योगिक मांग और निवेशकों के रुझान में आई कमी के चलते 30 सितंबर तक यह भाव फिसलकर ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम रह गया। पूरे महीने के कारोबार के आधार पर चांदी की कीमत में कुल ₹8,000 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
अक्टूबर के पहले दिन वायदा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल
अक्टूबर महीने के पहले कारोबारी सत्र में घरेलू वायदा बाजार यानी MCX और विदेशी बाजारों में कीमती धातुओं के रुख में अचानक बदलाव देखने को मिला। निचले स्तरों पर आई मजबूती के चलते MCX पर सोने का अनुबंध एक बार फिर ₹1.50 लाख के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, चांदी में भी लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई और इसके भाव फिर से ₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को छूने में सफल रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस उछाल का साफ असर देखा गया। विदेशी सराफा बाजार में स्पॉट गोल्ड 1% की मजबूती हासिल करते हुए $4,175 प्रति औंस के पार निकल गया। इसके साथ ही स्पॉट सिल्वर में भी 1.20% की तेजी दर्ज की गई, जिससे इसका कारोबार करीब $61 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। इन दोनों धातुओं की ताजा चाल ने घरेलू कारोबारियों का मनोबल बढ़ाया है।
कीमतों में ताजा मजबूती के पीछे ये दो वैश्विक कारण
बाजार के जानकारों के अनुसार, सितंबर की मंदी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में 1 अक्टूबर को आई इस ताजा रिकवरी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम सक्रिय रहे हैं
- सऊदी अरब की ओर से कच्चे तेल की बढ़ी आपूर्ति: सऊदी अरब द्वारा पाइपलाइन के जरिए कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बढ़ाए जाने से क्रूड ऑयल के दामों में नरमी देखने को मिली है। तेल की कीमतों में आई इस गिरावट से दुनिया भर में महंगाई को लेकर बनी चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं, जिससे वित्तीय बाजारों का संतुलन सुधरा है।
- चीन के गोल्डन वीक के चलते आभूषणों की भारी मांग: चीन में गुरुवार से पारंपरिक गोल्डन वीक अवकाश की शुरुआत हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हफ्ते भर चलने वाले उत्सव के दौरान चीन में आभूषणों की खरीदारी में भारी उछाल आता है। चीनी खरीदारों की इस मजबूत मांग के चलते आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की दरों को अतिरिक्त सहारा मिलने की पूरी संभावना है।

















