भारतीय प्रतिस्पर्धा नियामक ने फ्रांसीसी उद्योगपति जेवियर नियल के लिए अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन समूह में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई ने जेवियर नियल की पारिवारिक निवेश फर्म वेगा एसएएस द्वारा वोडाफोन समूह पीएलसी में 16.2 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण को औपचारिक मंजूरी प्रदान की है। इस वैश्विक सौदे का सीधा असर भारतीय बाजार से भी जुड़ा है, क्योंकि वोडाफोन समूह घरेलू स्तर पर वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के जरिए मोबाइल नेटवर्क और फिक्स्ड-लाइन कनेक्टिविटी सेवाएं संचालित करता है। हालांकि वेगा एसएएस का भारत में पहले से कोई सीधा कारोबारी ढांचा मौजूद नहीं था, लेकिन इस शेयर खरीद के साथ नियल की वैश्विक कारोबारी मौजूदगी अब भारत के टेलीकॉम परिदृश्य तक भी पहुंच जाएगी।
दुनिया के 211वें सबसे अमीर शख्स की कारोबारी यात्रा
वैश्विक स्तर पर सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और संचार उद्यमियों में गिने जाने वाले जेवियर नियल वर्तमान में लगभग ₹1.33 लाख करोड़ की भारी-भरकम संपत्ति के मालिक हैं। धनकुबेरों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में वे दुनिया के 211वें सबसे रईस व्यक्ति के पायदान पर खड़े हैं। फ्रांस के दूरसंचार उद्योग को अपनी आक्रामक रणनीतियों से नया आकार देने वाले नियल का व्यावसायिक साम्राज्य आज पश्चिमी और मध्य यूरोप के कई बड़े बाजारों में मजबूती से स्थापित है। वे मूल रूप से फ्रांसीसी टेलीकॉम समूह इलियड के संस्थापक और इसके सबसे बड़े शेयरधारक हैं। फ्रांस की सीमाओं के पार उनका संचार नेटवर्क इटली, पोलैंड और आयरलैंड जैसे देशों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
25 वर्ष की उम्र में रखा था इंटरनेट की दुनिया में कदम
नियल ने उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। साल 1993 में, जब उनकी उम्र केवल 25 वर्ष थी, उन्होंने फ्रांस के शुरुआती इंटरनेट सेवा प्रदाताओं में शामिल वर्ल्डनेट नाम की कंपनी की स्थापना की। तकनीक के शुरुआती दौर में स्थापित इस कंपनी को उन्होंने लगभग सात वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित किया और फिर साल 2000 में इसे करीब 50 मिलियन डॉलर के सौदे में बेच दिया। वर्ल्डनेट से बाहर निकलने के तुरंत बाद उन्होंने टेलीकॉम समूह इलियड की नींव रखी। इलियड के अंतर्गत उन्होंने 'फ्री' ब्रांड पेश किया, जिसने पारंपरिक टेलीकॉम बाजार में हलचल पैदा कर दी। साल 2002 में उन्होंने चर्चित 'फ्रीबॉक्स' बाजार में उतारा, जिसने इंटरनेट, टेलीविजन और टेलीफोन जैसी मल्टी-सर्विस ब्रॉडबैंड सेवाओं को एक साथ लाकर पूरे उद्योग की कार्यप्रणाली को बदल दिया।
सस्ते मोबाइल प्लान से बदला फ्रांस का संचार बाजार
ब्रॉडबैंड के बाद जेवियर नियल ने साल 2012 में फ्रांस के भीतर 'फ्री मोबाइल' सेवा का शुभारंभ किया। इस कंपनी ने अप्रत्याशित रूप से सस्ती दरों पर उपभोक्ताओं को अनलिमिटेड कॉलिंग और हाई-स्पीड डेटा की सुविधा मुहैया कराई, जिससे फ्रांस का पूरा मोबाइल बाजार मूल्य युद्ध की गिरफ्त में आ गया और आम ग्राहकों को बेहद कम खर्च में आधुनिक सेवाएं मिलने लगीं। फ्रांस में मजबूत पकड़ बनाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया और इटली में इलियड इटालिया की शुरुआत की, साथ ही पोलैंड और आयरलैंड में अपने नेटवर्क का दायरा बढ़ाया। साल 2014 में उन्होंने 2.9 बिलियन डॉलर की भारी रकम चुकाकर ऑरेंज स्विट्जरलैंड का अधिग्रहण किया और उसका पुनर्गठन करके नया नाम साल्ट रखा। इसके अतिरिक्त, मोनाको टेलीकॉम का मालिकाना हक भी जेवियर नियल के पास ही है।
स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आधुनिक शिक्षा में योगदान
दूरसंचार क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ने के साथ-साथ जेवियर नियल ने नए उद्यमियों और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक कदम उठाए हैं। उन्होंने फ्रांस की राजधानी पेरिस में 'स्टेशन एफ' की स्थापना की, जिसे आज दुनिया का सबसे विशाल स्टार्टअप इनक्यूबेटर परिसर माना जाता है। इस विशाल केंद्र में एक ही छत के नीचे हजारों शुरुआती और बढ़ते स्टार्टअप काम करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के साधन मिलते हैं। तकनीक को समाज के हर तबके के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से उन्होंने 'इकोल 42' नामक एक अनोखे ट्यूशन-मुक्त कोडिंग संस्थान की शुरुआत की। इस कोडिंग स्कूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां छात्रों से कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाती और न ही यहां पारंपरिक शिक्षक मौजूद होते हैं, बल्कि छात्र व्यावहारिक परियोजनाओं और पीयर-टू-पीयर पद्धति के जरिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का हुनर सीखते हैं।
मीडिया और वाणिज्यिक रियल एस्टेट में भी बड़ा निवेश
जेवियर नियल का निवेश पोर्टफोलियो केवल दूरसंचार और इंटरनेट सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में भी पूंजी लगाई है। वे फ्रांस के सबसे पुराने और प्रभावशाली राष्ट्रीय समाचार पत्रों में शुमार 'ले मोंडे' के प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं, जिससे मीडिया जगत में उनका प्रभाव बना हुआ है। इसके साथ ही, पेरिस मुख्यालय वाली प्रमुख वाणिज्यिक रियल एस्टेट कंपनी यूनिबैल-रोडामको-वेस्टफील्ड में भी उनकी बड़ी हिस्सेदारी है, जो यूरोप और अमेरिका के कई बड़े शॉपिंग सेंटरों और व्यावसायिक परिसरों का प्रबंधन करती है। वोडाफोन में 16.2 प्रतिशत हिस्सेदारी की यह नई खरीद उनके अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्ति पोर्टफोलियो को और अधिक विविधता प्रदान करती है।

















