घरेलू प्राथमिक शेयर बाजार में नए अवसरों की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी चार कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम प्रस्तावों को हरी झंडी दिखा दी है। नियामक से जरूरी मंजूरी पाने वाली इन इकाइयों में स्मार्ट होम अप्लायंसेज बनाने वाली एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज, दक्षिण भारतीय सुपरमार्केट श्रृंखला चलाने वाली रत्नदीप रिटेल, सड़क निर्माण क्षेत्र की जीएनआई इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक गैस उत्पादक पंजाब कार्बोनिक शामिल हैं। ये सभी फर्में नए इक्विटी शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा हिस्सेदारों के लिए ऑफर फॉर सेल का विकल्प लेकर आ रही हैं।
नियामक भाषा में सेबी की तरफ से ऑब्जर्वेशन लेटर जारी होने का सीधा संकेत होता है कि संबंधित कंपनियां अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं। इस अनुमति के मिलने के बाद कंपनियों को अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने, नियामकीय अनुपालन पूरा करने और आगामी एक साल की तय अवधि में अपने शेयर निवेशकों के लिए पेश करने का विधिक अधिकार प्राप्त हो जाता है। फिलहाल इन चारों कंपनियों की ओर से बोली खुलने की आधिकारिक तारीख, शेयर का प्राइस बैंड और न्यूनतम लॉट साइज तय किया जाना बाकी है।
एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज: बीएलडीसी पंखों से घरेलू उपकरणों तक का सफर
नियामक की मंजूरी हासिल करने वाली सूची में सबसे प्रमुख और उपभोक्ता केंद्रित नाम मुंबई स्थित एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज का है। ऊर्जा बचाने वाले स्मार्ट सीलिंग फैन के जरिए अपनी पहचान बनाने वाली यह फर्म अब मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरिफायर और स्मार्ट डिजिटल लॉक जैसे कई आधुनिक घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के खंड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। कंपनी का उद्देश्य इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए अपनी कारोबारी क्षमताओं और उत्पादन ढांचे को और मजबूत करना है।
कंपनी द्वारा नियामक को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, इस निर्गम में 450 करोड़ रुपये मूल्य के पूर्णतः नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस विंडो के जरिए 7.65 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। अपनी हिस्सेदारी बेचने वाले प्रमुख संस्थागत निवेशकों में टेमासेक, ए91 पार्टनर्स, इनफ्लेक्सर वेंचर्स और सर्वम पार्टनर्स शामिल हैं। इसके साथ ही प्रबंधन जरूरत पड़ने पर 90 करोड़ रुपये तक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट का विकल्प भी खुला रख रहा है।
जुटाए जाने वाले फंड के उपयोग की स्पष्ट योजना सामने रखी गई है। इसमें से 90 करोड़ रुपये की राशि मौजूदा वित्तीय देनदारियों को चुकाने अथवा उनके प्रीपेमेंट में इस्तेमाल की जाएगी। वहीं 150 करोड़ रुपये ब्रांड प्रचार, विपणन और बाजार में दृश्यता बढ़ाने पर खर्च होंगे, जबकि 100 करोड़ रुपये का आवंटन नए उत्पादों के रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए निर्धारित किया गया है।
रत्नदीप रिटेल: सुपरमार्केट नेटवर्क को विस्तार देने की तैयारी
सूची में शामिल दूसरी महत्वपूर्ण कंपनी रत्नदीप रिटेल है, जिसका मुख्यालय तेलंगाना में स्थित है और यह दक्षिण भारत के प्रमुख किराना और सुपरमार्केट परिदृश्य में सक्रिय है। कंपनी अपने दो मुख्य खुदरा प्रारूपों रत्नदीप और नेशनल मार्ट के जरिए कुल 190 संगठित स्टोर का संचालन कर रही है। इसका स्टोर नेटवर्क मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के शहरी व उप-शहरी इलाकों में फैला हुआ है।
पूंजी जुटाने की योजना के तहत यह रिटेल फर्म 400 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी करने का इरादा रखती है। वहीं कंपनी के प्रमोटर ओएफएस के जरिए 1.48 करोड़ इक्विटी शेयरों की पेशकश करेंगे। कंपनी के पास 80 करोड़ रुपये तक का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट करने का भी विकल्प मौजूद रहेगा।
नए शेयरों की बिक्री से मिलने वाले कुल कोष में से 260 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा नए स्टोर खोलने और अपने क्षेत्रीय पदचिह्न का विस्तार करने में लगाया जाएगा। वहीं 40 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग कंपनी अपने बकाए कर्ज को कम करने के लिए करेगी। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने अपने परिचालन से 2,223 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जबकि इस दौरान उसका शुद्ध मुनाफा 36.7 करोड़ रुपये रहा।
जीएनआई इंफ्रास्ट्रक्चर: राजमार्ग और निर्माण परियोजनाओं पर नजर
तीसरा सार्वजनिक निर्गम जीएनआई इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से पेश किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र आधारित कंपनी है और राजमार्गों, सड़कों तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण कार्य में लगी हुई है। बुनियादी ढांचे के विकास में सक्रिय इस कंपनी ने प्राथमिक बाजार से संसाधन जुटाने के लिए विस्तृत योजना बनाई है।
कंपनी के निर्गम ढांचे में 2.1 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर शामिल किए जाएंगे। इसके समानांतर, 93.88 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल मार्ग से बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इस ओएफएस में कंपनी के मुख्य प्रमोटरों के अतिरिक्त चाणक्य अपॉर्च्युनिटीज फंड और आरपीवी होल्डिंग्स जैसे प्रमुख वित्तीय निवेशक भी अपनी चुनिंदा हिस्सेदारी बेचेंगे। हालांकि कंपनी की तरफ से कुल निर्गम मूल्य और मूल्य दायरे के आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पंजाब कार्बोनिक: लिक्विड कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादन से जुड़ी योजना
स्वीकृति प्राप्त चौथी इकाई पंजाब कार्बोनिक है, जो औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए लिक्विड कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और ड्राई आइस का निर्माण करती है। इस कंपनी के उत्पादों की खपत बड़े पैमाने पर खाद्य एवं पेय प्रसंस्करण, कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, दवा निर्माण और विभिन्न रासायनिक उद्योगों में की जाती है।
इस सार्वजनिक निर्गम के तहत कुल 95 लाख शेयरों का लेन-देन प्रस्तावित है। इसमें 60 लाख नए इक्विटी शेयर निर्गमित किए जाएंगे, जबकि 35 लाख शेयरों की पेशकश प्रमोटरों की ओर से ओएफएस के तहत की जाएगी। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को नियामक के समक्ष अपने ड्राफ्ट कागजात प्रस्तुत किए थे, जिन पर 29 अक्टूबर को सेबी का अंतिम अवलोकन जारी हुआ।
डब्ल्यूओजी टेक्नोलॉजीज ने पीछे खींचे कदम
एक तरफ जहां चार नई फर्में अपने निर्गम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर जल एवं पर्यावरण समाधान प्रदाता कंपनी डब्ल्यूओजी टेक्नोलॉजीज ने 30 अक्टूबर को अपनी आईपीओ योजना वापस ले ली है। औद्योगिक अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, जल शोधन, तेल पृथक्करण और बायोगैस उत्पादन जैसे क्षेत्रों में कार्यरत इस इकाई ने दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस पेश किया था। उस मसौदे में 375 करोड़ रुपये के नए शेयर और 43.28 लाख शेयरों का ओएफएस लाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे अब औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया है।



















