तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विजय ने 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस विशेष आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने 12वीं कक्षा की स्टेट टॉपर छात्रा को सोने का हार भेंट कर उसकी शैक्षणिक उपलब्धि की सराहना की। इस सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए राज्यभर से आए मेधावी विद्यार्थी और उनके परिजन सुबह से ही आयोजन स्थल पर जुटने लगे थे, जिनमें मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने और पुरस्कार प्राप्त करने को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
छात्रों की मेहनत को मिला बड़ा सम्मान
इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सराहा गया। तिरुवन्नमलाई से ताल्लुक रखने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा मोनिका ने कुल 600 अंकों में से 566 अंक हासिल किए हैं। मोनिका ने मुख्यमंत्री विजय के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने को एक अत्यंत विशेष क्षण बताते हुए कहा कि यह अनुभव आने वाली पीढ़ियों के विद्यार्थियों को भी कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके अलावा कुड्डालोर की 10वीं कक्षा की छात्रा श्रीनिधि ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। श्रीनिधि ने 500 में से 494 अंक अर्जित किए हैं। उसने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री के हाथों मिला यह सम्मान उसके खुद के लिए और उसके विद्यालय के लिए बेहद गर्व का विषय है।
TVK शैक्षिक पुरस्कार और नकद प्रोत्साहन
यह सम्मान समारोह TVK शैक्षिक पुरस्कारों के पहले चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने व्यक्तिगत रूप से मेधावी छात्र-छात्राओं को योग्यता प्रमाण पत्र सौंपे और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक प्रोत्साहन राशि भी वितरित की। प्रशासन और आयोजकों की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मंच पर लाकर सम्मानित करने की पहल की गई, जिससे युवा पीढ़ी में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो सके।
विद्यार्थियों से जीवन मूल्यों और अनुशासन पर चर्चा
सिनेमा जगत से शासन-प्रशासन के क्षेत्र में अपने सफर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि छात्र कल्याण उनकी राजनीतिक यात्रा की एक प्रमुख प्रेरणा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मरण कराया कि उनके परिवार, पूरे समाज और राज्य को उनसे अत्यंत सकारात्मक उम्मीदें हैं। जीवन की चुनौतियों का सामना करने का हौसला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि रास्ते में रुकावटें आएं तो उसे सफलता का संकेत समझना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को बुरी आदतों का शिकार न बनने, अनुशासन में रहने और हर प्रकार के भ्रष्टाचार व नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी।
शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मंच पर कोई चुनावी या दलीय राजनीति करने नहीं आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इस उम्र में उन्हें दलीय राजनीति में उलझने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनका पूरा ध्यान मन लगाकर पढ़ाई करने, उत्कृष्ट लक्ष्य हासिल करने और अपने जीवन को संवारने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपनी शिक्षा पूरी कर मजबूत मुकाम हासिल कर लेंगे, तब वे समाज और तमिलनाडु के विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं।



















