सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न की तलाश कर रहे जमाकर्ताओं के लिए बैंकिंग सेक्टर में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर मिलने वाले ब्याज को लेकर नया मुकाबला छिड़ चुका है। स्मॉल फाइनेंस बैंकों से लेकर प्रमुख सरकारी और निजी संस्थानों ने अपनी संशोधित ब्याज दरें लागू कर दी हैं। इस ब्याज दौड़ में छोटे वित्तीय संस्थान पारंपरिक दिग्गज बैंकों के मुकाबले कहीं अधिक आक्रामक साबित हो रहे हैं। यदि निवेशक अपनी बचत का सही आवंटन करें, तो उन्हें एफडी खातों पर 8.60 प्रतिशत तक का शानदार सालाना रिटर्न हासिल हो सकता है।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में सबसे ज्यादा रिटर्न
मौजूदा समय में ब्याज भुगतान के मामले में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक शीर्ष पायदान पर नजर आ रहा है। इस संस्थान ने 30 अक्टूबर 2026 से अपनी अद्यतन ब्याज दरों को अमल में ला दिया है। इसके तहत पांच साल की मियाद वाली एफडी पर सामान्य खाताधारकों को 8.25 प्रतिशत का जोरदार सालाना ब्याज ऑफर किया जा रहा है। इसी अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों को 8.60 प्रतिशत की आकर्षक दर से रिटर्न दिया जा रहा है, जो वर्तमान में बाजार के उच्चतम स्तरों में शामिल है।
लंबे समय तक पूंजी न फंसाने की इच्छा रखने वाले निवेशकों के लिए भी इस बैंक ने सुविधाजनक विकल्प तैयार किया है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 18 महीने यानी डेढ़ साल की जमा योजना पर आम नागरिकों को 8.01 प्रतिशत और बुजुर्ग जमाकर्ताओं को 8.16 प्रतिशत सालाना ब्याज की पेशकश की जा रही है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन जरिया है जो मध्यम अवधि के भीतर अपनी पूंजी को मजबूत रफ्तार से बढ़ाना चाहते हैं।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की खास 666 दिन की योजना
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी 1 नवंबर से अपनी एफडी ब्याज दरों में बदलाव लागू किया है। इस बैंक ने ग्राहकों के लिए 666 दिनों की एक विशेष परिपक्वता अवधि तैयार की है। इस खास अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को 8.10 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 8.50 प्रतिशत तय की गई है।
इसके साथ ही दो साल से लेकर तीन साल से कम अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट पर आम जमाकर्ताओं को 7.50 प्रतिशत और सीनियर सिटीजन्स को 7.90 प्रतिशत सालाना प्रतिफल मिल रहा है। मध्यम अवधि के भीतर यह दरें पारंपरिक बड़े बैंकों की पेशकश से काफी बेहतर हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के बदले नियम
निजी क्षेत्र के बड़े संस्थान भी बचतकर्ताओं को लुभाने के लिए दरों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने 4 नवंबर से अपनी चुनिंदा जमा दरों को संशोधित किया है। इस बदलाव के बाद दो साल से लेकर तीन साल से कम मियाद वाली एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.80 प्रतिशत तथा बुजुर्गों को 7.55 प्रतिशत ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
दूसरी ओर, एक्सिस बैंक ने दो साल से दस साल तक की एफडी पर सामान्य खाताधारकों को अधिकतम 6.60 प्रतिशत का रिटर्न देने का प्रावधान किया है। वहीं पांच साल से दस साल की लंबी अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों को 7.35 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया जा रहा है।
पीएनबी और बैंक ऑफ इंडिया की नई पेशकश
सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया भी मजबूत रिटर्न दे रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक 444 दिनों की अपनी विशेष अवधि वाली एफडी पर सामान्य श्रेणी के निवेशकों को 6.60 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.10 प्रतिशत ब्याज दे रहा है।
वहीं बैंक ऑफ इंडिया ने 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि के लिए ‘बीओआई अक्षय एफडी’ नाम से एक नई योजना उतारी है। इस उत्पाद के तहत सामान्य वर्ग को 6.85 प्रतिशत ब्याज मिलता है। साठ से अस्सी वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों को 7.35 प्रतिशत और अस्सी वर्ष से अधिक आयु वाले सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है।
निवेश से पहले समझें लॉक-इन और टैक्स के नियम
फिक्स्ड डिपॉजिट चुनते वक्त केवल शीर्ष ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं होता। जमाकर्ताओं को योजना की अवधि और अपनी नकदी जरूरतों के तालमेल को बारीकी से देखना चाहिए। अवधि पूरी होने से पहले निकासी करने पर लगने वाले जुर्माने और बैंक के पूर्व-निकासी नियमों को पहले ही पढ़ लेना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा एफडी से अर्जित ब्याज पर लगने वाले कर के प्रावधानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सावधि जमा से होने वाली ब्याज आय पूरी तरह कर-मुक्त नहीं होती। यह आमदनी आपकी कुल वार्षिक आय में जोड़ दी जाती है और आपके लागू आयकर स्लैब के अनुसार उस पर कर देय होता है।
















