अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की अप्रत्याशित जीत के शुरुआती संकेतों और वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावनाओं ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे वह कई हफ्तों के निचले स्तरों की ओर खिसक गया। डॉलर में आई इस कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों के साथ-साथ जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर भी तेजी से बढ़ा है, जिससे सोना, वैश्विक मुद्राएं और डिजिटल संपत्तियां मजबूती के साथ कारोबार कर रही हैं।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर भारी दबाव और रोजगार आंकड़ों पर नजर
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) बिकवाली के झटके झेलते हुए 101.00 के अहम सपोर्ट स्तर से महज कुछ पिप्स की दूरी तक फिसल गया। हालांकि इस गिरावट के बाद इंडेक्स ने हल्की रिकवरी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन डॉलर में व्यापक स्तर पर कोई ठोस मजबूती नजर नहीं आई। कारोबारी अब आगामी व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर टकटकी लगाए बैठे हैं, जिनमें अमेरिका के नियमित साप्ताहिक शुरुआती बेरोजगारी दावे (Initial Jobless Claims) और चैलेंजर जॉब कट्स (Challenger Job Cuts) के आंकड़े शामिल हैं। रोजगार बाजार के ये आंकड़े आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के रुख को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे।
यूरोपीय मुद्रा में तेजी और आर्थिक संकेतकों की प्रतीक्षा
अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने का सीधा और तत्काल फायदा यूरोपीय साझा मुद्रा को मिला है। EUR/USD की जोड़ी अपने साप्ताहिक सुधार को बढ़ाते हुए 1.1270 के आसपास कई हफ्तों के उच्च स्तरों के करीब पहुंच गई। यूरोप में निवेशकों का ध्यान अब जर्मनी और पूरे यूरोज़ोन के एसएंडपी ग्लोबल कंस्ट्रक्शन पीएमआई (S&P Global Construction PMI) आंकड़ों पर लगा हुआ है। इसके साथ ही जर्मनी के फैक्ट्री ऑर्डर्स और समूचे यूरोलैंड के उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Prices) के आंकड़े भी बाजार की भावी दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
कच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक समीकरण
ऊर्जा बाजार में बुधवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दिसंबर अनुबंध के लिए फ्रंट-मंथ डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड फ्यूचर्स अपनी साप्ताहिक गिरावट को और गहरा करते हुए 91.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास तीन सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया। तेल व्यापारी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संकट के संभावित समाधान और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं।
सोने की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड और सुरक्षित निवेश की मांग
मुद्रा बाजार में डॉलर के कमजोर पड़ने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों में गिरावट आने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। पिछले दो कारोबारी दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए सोना एक बार फिर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। बुधवार को सोने ने चार दिन का नया उच्च स्तर छू लिया। अमेरिकी डॉलर में तेज बिकवाली, बॉन्ड यील्ड में संकुचन और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने मिलकर सोने की इस ताजा तेजी को मजबूत सहारा दिया है।
एशियाई सत्र में प्रमुख मुद्रा जोड़ों का हाल
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी तीव्र उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (AUD/USD) अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से संभलकर 0.6965 के आसपास स्थिर रहा। हालांकि मध्यावधि चुनाव परिणामों से बढ़ी राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को दबाया, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अपेक्षाकृत नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा। वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) भारी बिकवाली की चपेट में आ गया और बुधवार को 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गया, जो डॉलर के एक महीने के निचले स्तर को दर्शाता है। वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना ने सुरक्षित पनाहगाह संपत्तियों में पूंजी के प्रवाह को बढ़ाया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में लौटी हरियाली
राजनीतिक उठापटक और पारंपरिक मुद्रा में कमजोरी के बीच व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा (रिस्क-ऑन सेंटिमेंट) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार कारोबार करती दिखी। इस सकारात्मक माहौल का असर अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज पर भी साफ दिखा, जहां इथेरियम बिटकॉइन के नक्शेकदम पर चलते हुए 2,300 डॉलर के स्तर से ऊपर टिका रहा। इसी तरह एक्सआरपी (Ripple) भी 1.28 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।

















