अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस हफ्ते आईएसआईएस से जुड़े 130 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट पतों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है, और इनमें से लगभग सभी एक ही नेटवर्क पर चल रहे थे, यानी ट्रॉन ब्लॉकचेन।
ट्रेजरी ने क्या कदम उठाया
ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 134 क्रिप्टो वॉलेट को आईएसआईएस-के पर पहले से लगे प्रतिबंधों में जोड़ दिया। आईएसआईएस-के इस्लामिक स्टेट की वह शाखा है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान और मध्य एशिया में सक्रिय है। इनमें से 131 पते ट्रॉन पर थे और सिर्फ तीन मोनेरो पर।
इसमें शामिल रकम छोटी नहीं है। साल 2023 से अब तक इन प्रतिबंधित ट्रॉन पतों पर 1.4 मिलियन डॉलर से ज्यादा आए हैं और इसी दौरान इनसे 880,000 डॉलर से ज्यादा आगे भेजे गए, यह जानकारी ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनी चेनैलिसिस से सामने आई है। कंपनी ने यह भी बताया कि स्टेबलकॉइन जारी करने वाली टेदर पहले ही इन सभी 131 चिह्नित ट्रॉन वॉलेट से जुड़ी रकम फ्रीज कर चुकी है।
पैसा कैसे इधर-उधर हुआ
आईएसआईएस-के का मीडिया संगठन, अल-अज़ाइम मीडिया फाउंडेशन, सालों से अपनी वेबसाइटों और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए समर्थकों से क्रिप्टो चंदा मांगता रहा है। इस बार पकड़े गए कई वॉलेट से क्रिप्टो आगे सीरिया में मौजूद एक्सचेंजों तक भेजी गई थी।
बार-बार सामने आता ट्रॉन
क्रिप्टो कारोबारी जस्टिन सन का बनाया ट्रॉन नेटवर्क उन मामलों में बार-बार सामने आता रहा है जिनमें अमेरिकी सरकार से प्रतिबंधित या निशाने पर लिए गए समूह जुड़े होते हैं। इसी साल पहले टेदर ने ट्रॉन वॉलेट में रखे 344 मिलियन डॉलर के USDT फ्रीज किए थे, जिन्हें संघीय अधिकारियों ने गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा बताया था।
सन के लिए इस कार्रवाई का समय असहज है। डोनाल्ड ट्रंप के परिवार के साथ उनके रिश्ते, जो कभी बेहद अच्छे थे, अब बुरी तरह बिगड़ चुके हैं। ट्रंप परिवार की क्रिप्टो योजनाओं के सबसे बड़े आर्थिक समर्थकों में गिने जाने के बाद सन ने अप्रैल में उसी परिवार के क्रिप्टो प्लेटफॉर्म वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल पर मुकदमा ठोक दिया। उनका आरोप था कि कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से उनके टोकन फ्रीज कर दिए और उन्हें गवर्नेंस अधिकारों से वंचित कर दिया। जवाब में वर्ल्ड लिबर्टी ने मानहानि का पलटवार मुकदमा दायर किया, जिसमें कहा गया कि सन ने WLFI टोकन की कीमत गिराने के लिए उसे शॉर्ट करने की मुहिम चलाई और फिर अपनी होल्डिंग फ्रीज होने पर कंपनी को बदनाम किया।
एक और अलग कार्रवाई
बुधवार को एक अलग कदम में OFAC ने दो ब्राज़ीली नागरिकों और आपराधिक संगठन प्रिमेइरो कोमांडो दा कैपिटल (PCC) से जुड़ी चार कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए। एजेंसी का आरोप है कि इस गिरोह ने क्रिप्टो के जरिए अमेरिका में कमाई गई 30 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ड्रग तस्करी की कमाई को वापस ब्राज़ील पहुंचाया।













