फेडरल रिजर्व की सख्ती और पश्चिम एशिया में खिंचाव के बीच अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, वैश्विक बाजारों में हलचलकांवर यात्रा के कड़े नियम जानकर कांप जाएगी रूह, कोई छोड़ देता है अन्न-पानी तो कोई नहीं बैठता पूरी यात्रा मेंढाबा स्टाइल सोंधा आलू-बैंगन चोखा घर पर बनाने की आसान रेसिपी और सीक्रेट तरीकाकच्चे तेल में तेजी से बैंक ऑफ कनाडा पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव, दिसंबर में भी कदम उठाने की संभावनाचक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्ददक्षिण कोरियाई सीमा पर उत्तर कोरिया की हलचल, तोपों की तैनाती से बढ़ा तनावरणबीर कपूर की 'रामायण' के खौफ से टली अंशुमान झा की 'लकड़बग्घा 2', जानिए अब कब आएगी फिल्मसावन पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त को, संतान प्राप्ति के लिए इस शुभ योग में करें पूजाशरद पूर्णिमा पर सुई-धागे का अचूक उपाय और ज्योतिषीय टोटके, दिवाली से पहले घर में बरसेंगी खुशियांमैक्सिकन पेसो में हालिया तेज गिरावट अब सीमित रहने के आसार, कमर्जबैंक का आकलन
कमजोर मांग से वायदा बाजार में फिसले सोना, चांदी और कच्चे तेल के दामव्यापार
22 सित॰ 2026, 2:13 am (36 दिन पहले)· 5

कमजोर मांग से वायदा बाजार में फिसले सोना, चांदी और कच्चे तेल के दाम

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुस्त मांग के चलते वायदा कारोबार में सोने, चांदी और कच्चे तेल के भाव में गिरावट दर्ज की गई।

हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्र में कमोडिटी बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला है। पिछले सप्ताह की तेजी के बाद सोमवार को हाजिर मांग कमजोर पड़ने से सोना और चांदी दोनों बहुमूल्य धातुओं के दामों में कमी आई, जबकि वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों के कारण कच्चे तेल के भाव भी फिसल गए।

एमसीएक्स पर सोने की चमक पड़ी फीकी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 773 रुपये यानी 0.5 प्रतिशत टूटकर 1,53,608 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस सत्र के दौरान अनुबंध में कुल 998 लॉट के लिए सौदे हुए। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हाजिर बाजार में खरीदारों की ओर से मांग घटने की वजह से घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में यह सुस्ती आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसी ही स्थिति रही, जहां न्यूयॉर्क में सोने का वायदा भाव 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 4,355.59 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

ये भी पढ़ें

चांदी में बिकवाली से कीमतों पर दबाव

वायदा कारोबार में चांदी के भाव में भी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबारियों द्वारा अपनी पोजीशन घटाने और मुनाफावसूली करने से दिसंबर अनुबंध वाली चांदी 2024 रुपये यानी 0.84 प्रतिशत गिरकर 2,39,579 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई। चांदी के इस अनुबंध में कुल 2096 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया। जानकारों का कहना है कि बाजार प्रतिभागियों की तरफ से की गई बिकवाली ने कीमतों को नीचे खींचने का काम किया। वैश्विक मंच पर न्यूयॉर्क में चांदी 0.20 प्रतिशत फिसलकर 66.12 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।

कच्चे तेल में गिरावट, डब्ल्यूटीआई 100 डॉलर से नीचे

ऊर्जा बाजार में भी दबाव साफ दिखा और घरेलू वायदा बाजार में कच्चा तेल 138 रुपये यानी 1.5 प्रतिशत सस्ता होकर 9,085 रुपये प्रति बैरल रह गया। एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी के इस कच्चे तेल अनुबंध में 7063 लॉट के लिए सौदे निपटाए गए। विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि हाजिर मांग सुस्त रहने से कारोबारियों ने सौदों के आकार को सीमित किया, जिससे यह गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.69 प्रतिशत लुढ़ककर 98.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, वहीं बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी 1.59 प्रतिशत घटकर 102.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

सवाल-जवाब

एमसीएक्स पर सोने की कीमत में कितनी गिरावट आई?
सोने का अक्टूबर वायदा भाव 773 रुपये यानी 0.5 प्रतिशत टूटकर 1,53,608 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
चांदी के वायदा भाव में क्या बदलाव देखा गया?
दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2024 रुपये यानी 0.84 प्रतिशत गिरकर 2,39,579 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
कच्चे तेल की घरेलू वायदा कीमत क्या रही?
अक्टूबर डिलीवरी वाला कच्चा तेल 138 रुपये यानी 1.5 प्रतिशत फिसलकर 9,085 रुपये प्रति बैरल रह गया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट क्रूड का भाव क्या रहा?
न्यूयॉर्क में डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.69 प्रतिशत घटकर 98.60 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.59 प्रतिशत टूटकर 102.22 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·36 दिन पहले

सोने की कीमत डेढ़ लाख के पार देखकर हैरानी होती है, हमारे समय में तो यह बात कल्पना से परे थी।

Rohan Gupta@rohan-gupta·36 दिन पहले

सोना-चांदी की मांग अचानक इतनी कैसे कम हो गई, मुझे तो इसमें कुछ झोल लग रहा है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·36 दिन पहले

रोहन भाई, एशियाई बाजारों में सुस्त मांग और वैश्विक रुझानों के कारण अक्सर ऐसा उतार-चढ़ाव आ जाता है, इसमें कोई शक की गुंजाइश नहीं है।

Michael Anderson@michael-anderson·36 दिन पहले

डब्ल्यूटीआई क्रूड का 100 डॉलर से नीचे आना थोड़ा राहत की बात लग रहा है, खासकर तब जब बाकी कमोडिटीज में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। देखते हैं यह हफ्ता ऊर्जा बाजार में और क्या रंग दिखाता है।

Ravikash Gupta@ravikash·36 दिन पहले

माइकल, सही कहा आपने। पर क्या आपको लगता है कि डब्ल्यूटीआई का यह स्तर इस पूरे हफ्ते टिक पाएगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp