वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे कारोबारी सत्र में नरमी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण आंकड़े से नीचे फिसल गया है। अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा संवाद शुरू होने से मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने संकट के हल होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अत्यंत सकारात्मक बातचीत हुई है, जहां सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समझौते के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
कूटनीतिक चर्चाओं और वैकल्पिक सप्लाई मार्गों पर प्रगति
राजनयिक स्तर पर चल रही इस बातचीत के दायरे को और विस्तार मिलने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस सप्ताह के अंत में फारस की खाड़ी के अन्य प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं से मिलने का कार्यक्रम भी तय माना जा रहा है। ईरान के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि यदि वॉशिंगटन की ओर से ईरानी तेल निर्यात पर लागू प्रतिबंधात्मक नाकेबंदी को हटाने की दिशा में सकारात्मक पहल होती है, तो तेहरान सात दिनों की अवधि के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा यातायात के लिए खोल सकता है। इसी दौरान सऊदी अरब भी अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए पेट्रोलियम निर्यात दोबारा शुरू करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह निर्भर रहे बिना वैकल्पिक मार्ग से तेल आपूर्ति संभव हो सकेगी।
वैश्विक बेंचमार्क में गिरावट के आंकड़े
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार की सुबह करीब 09.40 बजे विभिन्न बेंचमार्क में कमजोरी दर्ज की गई। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड का भाव 1.26 प्रतिशत फिसलकर 89.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के दाम भी 0.77 प्रतिशत टूटकर 98.49 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त मुरबान क्रूड की कीमतों में 1.23 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 108.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
घरेलू वायदा बाजार में भी दिखा असर
भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी कच्चे तेल के अनुबंधों में बिकवाली का दबाव देखा गया। बुधवार की सुबह लगभग 09.40 बजे 19 अक्टूबर की डिलीवरी वाला क्रूड ऑयल अनुबंध 1.28 प्रतिशत टूटकर 8,532 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हाल ही में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर होने के दौरान MCX पर कच्चे तेल का भाव 10,000 रुपये प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गया था, जहां से अब इसमें उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है।


















