धनतेरस पर पांच साल में सोने ने दिया 175 प्रतिशत का दमदार रिटर्न, चांदी ने भी कराई बंपर कमाईकर्मचारियों को मिला नया डिजिटल तोहफ़ा, अब पीएफ बैलेंस और पासबुक सीधे वॉट्सऐप पर मिलेगीयूरोपीय सेंट्रल बैंक के पीटर काजिमिर ने दी सख्त चेतावनी, महंगाई सामान्य आदत बनने से पहले कड़े फैसलों की जरूरतमंडी में मिल्कफेड ने पेश कीं शुद्ध देसी घी की पारंपरिक मिठाइयां, 500 क्विंटल स्टॉक के साथ तय की गईं नई दरेंबोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक दिलाने में मदद करेंगी 5 वैज्ञानिक अध्ययन तकनीकें, तनाव होगा दूरसर्दियों में गर्म पानी से चेहरा धोने की आदत त्वचा को पहुंचा सकती है गंभीर नुकसानत्योहारी मौसम में घर की चौखट पर सजाएं पांच खास पौधे, बढ़ेगी हरियाली और खुशहालीगोरखपुर के 120 साल पुराने तरीके से घर पर बनाएं अमरूद का मुरब्बा, अचार और जेलीकिफायती सफर और 70 किमी तक माइलेज देने वाली हीरो की चार लोकप्रिय बाइक्स, शुरुआती दाम 59,999 रुपयेसिंह में चंद्रमा, गुरु और केतु के मिलन से बन रहा दुर्लभ संयोग, 4 राशियों पर बरसेगी कृपा
कारखानों में उत्पादन की रफ्तार थोड़ी थमी, विनिर्माण पीएमआई घटकर 54.7 पर पहुंचाव्यापार
2 नव॰ 2026, 2:25 pm (1 घंटे पहले)· 0

कारखानों में उत्पादन की रफ्तार थोड़ी थमी, विनिर्माण पीएमआई घटकर 54.7 पर पहुंचा

अक्टूबर महीने में नए ऑर्डर और उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ने से भारत के विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार कुछ नरम रहा, हालांकि मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के बूते स्थिति संतोषजनक बनी हुई है.

घरेलू कारखानों में नए काम और उत्पादन की रफ्तार नरम पड़ने के चलते अक्टूबर के दौरान भारतीय विनिर्माण गतिविधियों की चाल कुछ धीमी दर्ज की गई. लागत दबाव में कमी बने रहने से इस नरमी का समग्र असर सीमित रहा. ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, क्रय प्रबंधक सूचकांक यानी पीएमआई सितंबर के 55.1 अंक के मुकाबले अक्टूबर में फिसलकर 54.7 पर आ गया. इसके बावजूद सूचकांक का 50 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर टिके रहना यह प्रमाणित करता है कि औद्योगिक क्षेत्र में तेजी का रुख अब भी मजबूती से कायम है.

अर्थशास्त्र के स्थापित मानकों के तहत पीएमआई का 50 से अधिक रहना कारोबारी विस्तार को रेखांकित करता है, जबकि इसके नीचे का स्तर संकुचन की ओर इशारा करता है. बाजार में सतत ग्राहकी के सहारे नए सौदों में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई. विस्तार की गति सितंबर के सात माह के शीर्ष स्तर से मात्र मामूली रूप से घटी है और दीर्घकालिक ऐतिहासिक आंकड़ों की तुलना में यह बेहद मजबूत स्थिति में बनी हुई है. औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने अक्टूबर के दौरान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भंडार भी जुटाया, भले ही उत्पादन और ऑर्डरों की नई आवक में गति थोड़ी कम रही हो.

ये भी पढ़ें

विदेशी बाजारों से नए सौदों में उछाल

घरेलू स्तर पर गति कुछ नरम पड़ने के उलट अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की ओर से जोरदार समर्थन मिला. वैश्विक मांग में आई इस तेजी के चलते नए निर्यात सौदों की वृद्धि दर छह महीने के शीर्ष स्तर को छू गई, जिसने कारखानों के कुल उत्पादन को मजबूत सहारा दिया. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे माल की आपूर्ति में रुकावट से बचने और परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादकों ने पिछले आठ महीनों में सबसे अधिक स्टॉक जमा किया.

निर्माता कंपनियों को संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, कनाडा, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, नेपाल, ओमान और श्रीलंका जैसे विविध बाजारों से नए ऑर्डरों में उल्लेखनीय बढ़त हासिल हुई. आपूर्ति श्रृंखला की संभावित दिक्कतों से निपटने के लिए कंपनियों ने पहले से ही सुरक्षात्मक भंडार तैयार करने की रणनीति अपनाई है.

रोजगार और कारोबारी धारणा का हाल

काम के दबाव और विनिर्माण की जरूरतों को पूरा करने के लिए कारखानों में लगातार दूसरे महीने कार्यबल का विस्तार किया गया, यद्यपि नई नियुक्तियों की गति पूर्व की तुलना में कुछ सुस्त रही. एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, "भारत का विनिर्माण पीएमआई पिछले महीने के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया, लेकिन यह मजबूती से विस्तार के दायरे में और अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर बना रहा है."

मांग में निरंतरता के बावजूद भविष्य को लेकर विनिर्माताओं का भरोसा सितंबर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ और अपने ऐतिहासिक औसत से नीचे दर्ज किया गया. सर्वेक्षण में शामिल करीब 18 प्रतिशत विनिर्माताओं ने आगामी एक वर्ष के भीतर उत्पादन में वृद्धि की संभावना जताई, जबकि शेष कंपनियों ने संतुलित रुख बनाए रखा. करीब 400 विनिर्माण कंपनियों से प्राप्त क्रय-विक्रय आंकड़ों के आधार पर एसएंडपी ग्लोबल द्वारा इस विनिर्माण सूचकांक का संकलन किया जाता है.

सवाल-जवाब

अक्टूबर 2024 में भारत का विनिर्माण पीएमआई कितना दर्ज किया गया?
अक्टूबर में विनिर्माण पीएमआई घटकर 54.7 पर आ गया, जो सितंबर में 55.1 दर्ज किया गया था.
क्या 54.7 का पीएमआई स्तर विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट का संकेत है?
नहीं, पीएमआई में 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, इसलिए 54.7 का स्तर लगातार मजबूत विकास को प्रमाणित करता है.
अक्टूबर में निर्यात ऑर्डरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते नए निर्यात सौदों की वृद्धि दर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.
भारतीय सामानों के लिए किन प्रमुख देशों से नए ऑर्डर मिले?
कंपनियों को अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कनाडा, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, नेपाल, ओमान और श्रीलंका से नए सौदे मिले.
रोजगार और नई भर्तियों के मोर्चे पर क्या स्थिति रही?
कारखानों में लगातार दूसरे महीने कार्यबल में बढ़ोतरी हुई, हालांकि नई नौकरियां देने की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी.
विनिर्माण पीएमआई के आंकड़े कौन सी संस्था जारी और संकलित करती है?
एसएंडपी ग्लोबल लगभग 400 विनिर्माण कंपनियों से आंकड़े जुटाकर इस सूचकांक का संकलन करती है, जिसे एचएसबीसी द्वारा जारी किया जाता है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp