भारत के एक मैनेजमेंट कंसल्टेंट ने इंटरनेट पर अपनी वित्तीय प्रगति का एक ऐसा ब्योरा साझा किया है, जिसने ऑनलाइन समुदाय का बड़ा ध्यान आकर्षित किया है। यह मामला एक सबरेडिट पर सामने आया, जहां इस एनआरआई पेशेवर ने अपनी नौकरी के शुरुआती दिनों से लेकर खाड़ी देशों में मिलने वाले भारी-भरकम वेतन तक के सफर की पूरी कहानी बयां की। इस खुलासे के बाद से ही लोग इनकी करियर स्ट्रैटेजी और बचत के तरीकों को लेकर खासी चर्चा कर रहे हैं और यह जानना चाहते हैं कि इतनी तेजी से संपत्ति कैसे बढ़ाई जा सकती है।
ग्रेजुएट ट्रेनी से लेकर 65 लाख रुपये सालाना तक का शुरुआती सफर
इस कंसल्टेंट ने अपने करियर की शुरुआत बहुत कम उम्र में कर दी थी। जब वह मात्र 22 वर्ष के थे, तब उन्होंने एक ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में कामकाज संभाला और उस समय उनका शुरुआती वेतन सालाना ₹10 लाख था। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाया और एमबीए की डिग्री हासिल की। इस डिग्री को पूरा करने के बाद, 26 साल की उम्र में उन्होंने मैनेजमेंट कंसल्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा, जिससे उनका पैकेज बढ़कर ₹25 लाख प्रति वर्ष हो गया। इसके कुछ समय बाद, जब उनकी आयु 29 वर्ष की हुई, तो उन्होंने कंसल्टिंग का काम छोड़कर एक पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरी चुन ली। वहां उन्हें ₹40 लाख का पैकेज मिला। अगले पांच वर्षों की अवधि में यह वेतन बढ़कर ₹65 लाख तक पहुंच गया। इस शुरुआती दौर में उन्होंने ईपीएफ, सोने के गहने, शेयर बाजार और प्रॉपर्टी में निवेश करके लगभग ₹1 करोड़ की कुल संपत्ति बना ली थी।
मिडिल ईस्ट में टैक्स-फ्री पैकेज और संपत्ति में जबरदस्त उछाल
उनके वित्तीय जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने 34 वर्ष की आयु में भारत छोड़कर मिडिल ईस्ट जाने का बड़ा फैसला किया। वहां उन्होंने एक बार फिर मैनेजमेंट कंसल्टिंग ज्वाइन की और उन्हें शुरुआती तौर पर ₹3.5 करोड़ का सालाना पैकेज मिलने लगा। इस पैकेज की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि यह पूरी तरह से टैक्स-फ्री था, जिसका सीधा असर उनकी बचत करने की क्षमता पर पड़ा। अब जबकि उनकी उम्र 37 वर्ष हो चुकी है, उन्होंने मंच पर दावा किया है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान उन्होंने कुल ₹6.5 करोड़ की भारी-भरकम बचत कर ली है। इस रिकॉर्ड बचत को मिलाने के बाद उनकी कुल संपत्ति अब बढ़कर लगभग ₹7.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनका मौजूदा मासिक वेतन बोनस को छोड़कर लगभग 26 हजार डॉलर है, जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 22 लाख रुपये प्रति माह बैठता है।
मुंबई में प्रॉपर्टी, सोना और इक्विटी में निवेश का पूरा लेखा-जोखा
अपनी संपत्ति की विरचना के बारे में बताते हुए इस पेशेवर ने स्पष्ट किया कि उनके पास मुंबई शहर में कुल तीन मकान हैं और ये सभी संपत्तियां पूरी तरह से फ्रीहोल्ड हैं। इसके अलावा उनके पास फिजिकल गोल्ड के साथ-साथ गोल्ड बॉन्ड्स के रूप में करीब 700 ग्राम सोना भी मौजूद है। वह फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹30 लाख का निवेश बनाए हुए हैं और आने वाले समय में इक्विटी में अपनी हिस्सेदारी को और ज्यादा बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
विदेश से भारत पैसे भेजने की प्रक्रिया और लोगों की प्रतिक्रियाएं
जब सोशल मीडिया के अन्य यूजर्स ने उनसे यह पूछा कि वे दुबई में होने वाली अपनी कमाई को सुरक्षित तरीके से भारत कैसे ट्रांसफर करते हैं, तो उन्होंने इसके जवाब में पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए एनआरई खातों का इस्तेमाल किया जाता है और भारत के नियमों के तहत विदेशी मुद्रा भेजने पर कोई पाबंदी नहीं है। वे बैंक वायर ट्रांसफर या अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके सीधे अपने विदेशी खाते से एनआरई खाते में रकम भेजते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसे एनआरओ खाते में ले जाते हैं। इस पोस्ट के सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने इस पर मिली-जुली और उत्सुक प्रतिक्रियाएं दीं। जहां एक यूजर ने केवल इतना लिखा कि प्रेरणा देने के लिए शुक्रिया, वहीं अन्य लोगों ने बार-बार नौकरी बदलने और विदेशी टैक्स-फ्री सैलरी के गणित को लेकर गहरी रुचि दिखाई। हालांकि, इस बात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि ये तमाम आंकड़े और दावे पूरी तरह से संबंधित यूजर के अपने हैं और किसी स्वतंत्र तृतीय पक्ष द्वारा इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, फिर भी यह जर्नी विदेशों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गई है।



















