उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला अब केवल अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि निर्यात के एक उभरते केंद्र के रूप में भी अपनी विशेष छाप छोड़ रहा है। जिले के स्थानीय किसान अपनी पारंपरिक फसलों को विदेशी बाजारों में भेजकर जबरदस्त आर्थिक मुनाफा कमा रहे हैं। विशेष रूप से मिर्जापुर में उगाए जाने वाले चावल और मिर्च की मांग सीमा पार के देशों में तेजी से बढ़ी है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के मार्गदर्शन में किसान अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़कर लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिर्जापुर के चावल और मिर्च की मांग
मिर्जापुर से विदेश भेजे जाने वाले कृषि उत्पादों में चावल और तीखी मिर्च सबसे प्रमुख हैं। मौजूदा समय में यहां के चावल की सबसे बड़ी खेप पड़ोसी देश नेपाल भेजी जा रही है, जबकि गल्फ देशों में भी इसकी अच्छी-खासी खपत हो रही है। दूसरी ओर, मिर्च के निर्यात में मिर्जापुर का सीखड़ क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सीखड़ इलाके में उत्पादित मिर्च का सबसे बड़ा खरीदार बांग्लादेश बनकर उभरा है, जहां बड़े पैमाने पर इसकी आपूर्ति की जा रही है।
इसके अलावा गल्फ के देशों में ताजी मिर्च पहुंचाने के लिए आधुनिक परिवहन माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हवाई जहाज के जरिए मिर्च की सीधी खेप गल्फ देशों के बाजारों तक भेजी जा रही है, जिससे उत्पाद की ताजगी और गुणवत्ता बनी रहती है।
एपीडा का सहयोग और आगामी विस्तार योजनाएं
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में एपीडा के अधिकारी देव आनंद त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, मिर्जापुर के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान मिर्जापुर जिले से लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के कृषि उत्पादों का सफल निर्यात विदेशों में किया गया।
आने वाले समय में इस व्यापार का और अधिक विस्तार करने की योजना बनाई गई है। एपीडा अब मिर्जापुर के चावल और मिर्च को यूरोपीय संघ के देशों तथा अन्य पश्चिमी बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए स्थानीय किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ निर्यात से जुड़े जरूरी कागजी दस्तावेज और लाइसेंस बनवाने में प्रशासनिक मदद दी जा रही है। जो भी किसान अपने कृषि उत्पादों को विदेशी बाजारों में बेचकर अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, वे एपीडा से सीधे संपर्क करके इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।


















