गयाजी में पिंडदान से सात पीढ़ियों का उद्धार: जानिए क्यों 2026 में पितृपक्ष के दौरान इस धाम का है विशेष महत्वहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहफ्रिज के अंदर पानी टपकने की समस्या से हैं परेशान? सर्विसिंग मैकेनिक को बुलाने से पहले आजमाएं ये आसान घरेलू नुस्खेमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दिनों में खूब पसंद की जाती है स्वादिष्ट उड़द की फल्ली की टिकिया, यहाँ जानिए इसकी आसान रेसिपीऐपल आईफोन डुओ और सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा में महामुकाबला, जानिए फीचर्स और कीमत के मामले में कौन किस पर भारीगणेश चतुर्थी 2026 पर पारंपरिक मराठी लुक के लिए बेहद खूबसूरत हैं ये नथ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफमोरिंगा के पत्तों से सुबह के नाश्ते में बनाएं स्वादिष्ट चिल्ला, सेहत को मिलेंगे भरपूर फायदेबॉम्बे हाईकोर्ट ने मिस इंडिया यूनिवर्स नफीसा जोसेफ की खुदकुशी के मामले में उनके मंगेतर की दोषमुक्ति याचिका खारिज कीअपनी ही फिल्में देखने से कतराती हैं प्रीति जिंटा, एक्ट्रेस ने खुद बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजहब्रिक्स डिनर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने बिखेरा सुरों का जादू, किशोर कुमार के सदाबहार गीतों से जीता सबका दिल
मुजफ्फरपुर में मात्र अस्सी हजार रुपये में शुरू करें आटा चक्की का बिजनेस, जानिए कमाई का पूरा गणितव्यापार
10 सित॰ 2026, 4:10 pm (2 दिन पहले)· 2

मुजफ्फरपुर में मात्र अस्सी हजार रुपये में शुरू करें आटा चक्की का बिजनेस, जानिए कमाई का पूरा गणित

मुजफ्फरपुर में बिजली से चलने वाली आटा चक्की लगाकर आप कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस एक मशीन से आटा, बेसन और सत्तू की पिसाई की जा सकती है।

मुजफ्फरपुर में खुद का रोजगार शुरू करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए आटा चक्की का काम एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इस छोटे व्यवसाय को शुरू करने के लिए बहुत बड़ी धनराशि की आवश्यकता नहीं होती है। स्थानीय बाजारों में बिजली से संचालित होने वाली आटा चक्की की मशीनें लगभग साठ से अस्सी हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर मिल जाती हैं। इसके अतिरिक्त बिजली का कनेक्शन और अन्य जरूरी बुनियादी तैयारियां करने के बाद करीब सत्तर से अस्सी हजार रुपये के कुल खर्च में यह काम आसानी से शुरू किया जा सकता है।

आधुनिक मशीनों से आसान हुआ कामकाज

मुजफ्फरपुर के स्थानीय कारोबारी राजकुमार का कहना है कि बीते समय में आटा चक्की का संचालन करने के लिए काफी शारीरिक श्रम और बड़े पैमाने पर संयंत्र स्थापित करने की जरूरत पड़ती थी। हालांकि आज के समय में बिजली से चलने वाली आधुनिक तकनीकी मशीनों ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। उनके अनुसार लगभग साठ से अस्सी हजार रुपये की लागत से मशीन खरीदी जा सकती है। एक उचित बिजली कनेक्शन के साथ इसे किसी भी दुकान या घर के पास स्थित व्यावसायिक परिसर में आसानी से स्थापित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

एक ही मशीन से कई चीजों की पिसाई

इस कारोबार की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल गेहूं पीसने तक ही सीमित नहीं है। कारोबारी के मुताबिक एक ही मशीन के जरिए गेहूं का आटा, बेसन, सत्तू और दाना समेत कई अन्य अनाजों व खाद्य पदार्थों की पिसाई का काम किया जा सकता है। इससे दुकान पर ग्राहकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती है। एक ही यंत्र की मदद से विभिन्न प्रकार की पिसाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है।

हर घंटे एक से डेढ़ क्विंटल पिसाई की क्षमता

राजकुमार के अनुसार इस मशीन की कार्यक्षमता लगभग एक घंटे में एक से डेढ़ क्विंटल तक माल पीसने की है। हालांकि वास्तविक उत्पादन मशीन के विशिष्ट मॉडल, मोटर की क्षमता, बिजली की आपूर्ति और पिसाई के लिए डाली जाने वाली सामग्री के प्रकार पर भी निर्भर करता है। स्थानीय दुकानदार का यह भी कहना है कि यदि मशीन को सही और भीड़भाड़ वाली जगह पर लगाया जाए, आसपास के निवासियों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए और पूरी नियमितता के साथ काम किया जाए, तो लगभग तीन महीने के भीतर ही शुरुआती लागत की भरपाई की जा सकती है।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरपुर में आटा चक्की का बिजनेस शुरू करने में कुल कितना खर्च आता है?
बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी सेटअप जोड़कर इस बिजनेस को शुरू करने में लगभग सत्तर से अस्सी हजार रुपये का खर्च आता है।
आटा चक्की की मशीन की शुरुआती कीमत बाजार में क्या है?
मुजफ्फरपुर के बाजार में बिजली से चलने वाली आटा चक्की की मशीन लगभग साठ से अस्सी हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है।
इस एक मशीन से गेहूं के अलावा और क्या-क्या पीसा जा सकता है?
इस एक ही मशीन से गेहूं के आटे के साथ-साथ बेसन, सत्तू और दाना जैसी कई चीजों की पिसाई की जा सकती है।
इस मशीन की पिसाई करने की क्षमता कितनी है?
इस मशीन की पिसाई करने की क्षमता लगभग एक घंटे में एक से डेढ़ क्विंटल तक बताई जाती है।
लगाई गई शुरुआती पूंजी कितने समय में वापस मिल सकती है?
यदि मशीन सही जगह पर लगाई जाए और नियमित काम किया जाए, तो लगभग तीन महीने के भीतर शुरुआती पूंजी निकल सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR