मुंबई के हवाई अड्डे पर गोरखपुर जाने वाले यात्रियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब घंटों की देरी और पूरी बोर्डिंग प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अचानक उड़ान रद्द करने की सूचना दी गई। सामान्य तौर पर उड़ानों में रुकावट आने पर मुसाफिर टर्मिनल लाउंज अथवा एयरलाइन के सहायता काउंटरों का रुख करते हैं, मगर इस घटना में आक्रोशित मुसाफिरों ने टर्मिनल की तरफ कदम बढ़ाने के बजाय सीधे हवाई पट्टी पर विमान के पहियों के पास ही अपना डेरा डाल दिया। विमान के ठीक सामने जमीन पर बैठकर विरोध जताने और बैग को तकिया बनाकर आराम करने के दृश्यों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
बोर्डिंग के बाद एकाएक उड़ान रद्द होने से उपजा आक्रोश
रविवार, 1 नवंबर 2026 को मुंबई से गोरखपुर जाने वाली स्पाइसजेट की नियमित उड़ान संख्या SG553 का मूल प्रस्थान समय शाम 5:55 बजे निर्धारित था। यात्रियों के विवरण के अनुसार, एयरलाइन प्रबंधन ने पहले प्रस्थान के समय में बार-बार फेरबदल किया। इसके पश्चात सभी यात्रियों को विमान में बैठा लिया गया और अनिवार्य सुरक्षा संबंधी निर्देश भी पूरे करा दिए गए। मुसाफिर लगभग एक घंटे तक विमान के केबिन में बंद रहे और उड़ान भरने का इंतजार करते रहे, लेकिन तभी चालक दल की ओर से घोषणा की गई कि गोरखपुर में रात के समय उतरने की पाबंदियों के कारण यह यात्रा रद्द की जा रही है।
इस अप्रत्याशित निर्णय के तुरंत बाद यात्रियों में भारी असंतोष फैल गया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि जैसे ही उड़ान के निरस्त होने की सूचना प्रसारित हुई, विमान के पायलट और केबिन क्रू के सभी सदस्य बातचीत किए बिना वहां से चले गए। इस व्यवहार से मुसाफिरों की घबराहट और नाराजगी दोनों बढ़ गई। स्थिति उस समय असामान्य हो गई जब यात्रियों ने अंदर से बाहर उतरने के बाद सुरक्षा बस या टर्मिनल में जाने से साफ मना कर दिया और डामर की सड़क पर ही बैठ गए।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के बयान
विमान के भीतर और बाहर उपजे इस तनाव की तस्वीरें विजय लक्ष्मी माल्या नामक इंस्टाग्राम यूजर के दो अलग-अलग वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक हुईं। एक फुटेज में विमान के संकरे केबिन में मची अफरातफरी, रोते-बिलखते मुसाफिर और असमंजस का माहौल दिखाई देता है, जबकि दूसरे दृश्य में यात्री रनवे पर विमान के सामने जमीन पर बैठे और नारे लगाते नजर आते हैं। केबिन के भीतर रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक महिला ने कहा,
“घोषणा करने के तुरंत बाद सभी क्रू मेंबर और पायलट गायब हो गए।”उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सख्त कानूनी जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
जमीन पर बैठे समूह के बीच एक युवती अपने हैंडबैग को सिर के नीचे टिकाकर लेट गई और वहीं से हल्के-फुल्के अंदाज में पूरे मंजर को कैमरे में कैद करने लगी। उसने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि किसी हवाई अड्डे पर विमान के नीचे इस तरह लेटना पड़ेगा। एक अन्य पीड़ित यात्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि जब उड़ान का समय शाम 5:55 बजे था और रात 8 बजे के बाद की पाबंदियों की जानकारी पहले से थी, तो सभी को विमान में बैठाकर एक घंटे तक बंद रखने का क्या औचित्य था।
वॉच आवर पाबंदियों पर एयरलाइन का आधिकारिक स्पष्टीकरण
चारों तरफ से आलोचनाओं का सामना करने के बाद स्पाइसजेट प्रबंधन ने इस पूरे विवाद पर अपना आधिकारिक वक्तव्य प्रस्तुत किया। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि 1 नवंबर 2026 को मुंबई से गोरखपुर के लिए तय फ्लाइट SG553 को गंतव्य हवाई अड्डे पर लागू ‘वॉच आवर’ प्रतिबंधों के कारण रद्द करना उनकी विवशता बन गई थी।
कंपनी के अनुसार, गोरखपुर हवाई अड्डा एक रक्षा प्रतिष्ठान (डिफेंस हवाई अड्डा) के अधीन संचालित होता है, जिसके चलते वहां नागरिक उड़ानों के उतरने की समय सीमा काफी सख्त है। चूंकि वहां रात 9 बजे के बाद वॉच आवर का विस्तार हासिल करना संभव नहीं था, इसलिए उड़ान को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। स्पाइसजेट ने प्रभावित यात्रियों को हुई परेशानी पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि फंसे हुए लोगों की यात्रा सुगम बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त कमर्शियल उड़ानों का बंदोबस्त किया गया है।

















