छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 के व्यापक कायाकल्प की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिसके मद्देनजर विमानन नेटवर्क में कई बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने इस परिवर्तन की रूपरेखा तय करने और एयरलाइन कंपनियों की चिंताओं को सुलझाने के लिए विमानन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ विचार-विमर्श का फैसला किया है। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु मुंबई हवाई अड्डे से संचालित होने वाली चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करना है। जनवरी 2027 से शुरू होने वाले निर्माण कार्य से पहले विमान संचालन को व्यवस्थित करने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
विमानन कंपनियों के सामने उड़ान कटौती और शिफ्टिंग का विकल्प
टर्मिनल 1 के पुनर्विकास योजना के तहत विमानन कंपनियों को आगामी 25 अक्टूबर से अपनी परिचालन समय-सारणी में फेरबदल करने के निर्देश दिए गए हैं। एयरलाइंस के समक्ष यह प्रस्ताव रखा गया है कि वे या तो अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एक-तिहाई हिस्से की कटौती करें अथवा इन उड़ानों का संचालन नवी मुंबई हवाई अड्डे से शुरू करें। मुंबई हवाई अड्डा और नवी मुंबई हवाई अड्डा दोनों का संचालन अडाणी ग्रुप की इकाई अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के पास है। विमानन कंपनियों ने संचालन बदलाव की इस समय-सीमा पर अपनी चिंता व्यक्त की है। इसके विपरीत, अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स का पक्ष है कि टर्मिनल 1 की भावी रूपरेखा और आवश्यक बदलावों को लेकर वर्ष 2020 से ही संबंधित एयरलाइन कंपनियों के साथ निरंतर विचार-विमर्श चल रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय की अध्यक्षता में शीर्ष स्तर की बैठक
संचालन संबंधी सभी गतिरोधों को दूर करने के लिए नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में 6 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में अडाणी एयरपोर्ट्स के आला अधिकारियों के साथ-साथ इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट तथा अन्य प्रमुख एयरलाइन कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। बैठक का प्राथमिक उद्देश्य उड़ानों के स्थानांतरण, टर्मिनल क्षमता के बंटवारे और आगामी बदलावों के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने पर सहमति बनाना है।
छह दशक पुराने ढांचे का चरणबद्ध पुनर्विकास
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से का कायाकल्प करने की योजना प्रस्तुत की है। लगभग 60 साल पुरानी इस इमारत में सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध निर्माण कार्य अनिवार्य हो गया है। संचालन कंपनी के अनुसार, हवाई अड्डे से प्रतिवर्ष यात्रा करने वाले लगभग 5.5 करोड़ यात्रियों में से केवल 9% यात्री ही इस निर्माण कार्य से अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे।
यात्री ट्रैफिक पर न्यूनतम असर का आश्वासन
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के CEO अरुण बंसल ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "मुंबई एयरपोर्ट के 91% यात्री ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा, भले ही हम उस पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर का रीडेवलपमेंट कर रहे हों, जिसे तुरंत मरम्मत की जरूरत थी।" उन्होंने आगे रेखांकित किया कि यात्रियों की सुविधा और रोजमर्रा के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रारंभिक चरण में केवल टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से को तोड़ा जा रहा है, जो कि टर्मिनल 1 की कुल परिचालन क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

















