गयाजी में पिंडदान से सात पीढ़ियों का उद्धार: जानिए क्यों 2026 में पितृपक्ष के दौरान इस धाम का है विशेष महत्वफ्रिज के अंदर पानी टपकने की समस्या से हैं परेशान? सर्विसिंग मैकेनिक को बुलाने से पहले आजमाएं ये आसान घरेलू नुस्खेमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दिनों में खूब पसंद की जाती है स्वादिष्ट उड़द की फल्ली की टिकिया, यहाँ जानिए इसकी आसान रेसिपीहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहबॉम्बे हाईकोर्ट ने मिस इंडिया यूनिवर्स नफीसा जोसेफ की खुदकुशी के मामले में उनके मंगेतर की दोषमुक्ति याचिका खारिज कीगणेश चतुर्थी 2026 पर पारंपरिक मराठी लुक के लिए बेहद खूबसूरत हैं ये नथ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफअपनी ही फिल्में देखने से कतराती हैं प्रीति जिंटा, एक्ट्रेस ने खुद बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजहमुंबई के BKC में गायक कैलाश खेर ने बेचा अपना कमर्शियल ऑफिस, महज 10 महीनों में कमाया लाखों का मुनाफाब्रिक्स डिनर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने बिखेरा सुरों का जादू, किशोर कुमार के सदाबहार गीतों से जीता सबका दिलअर्टिगा से बोलेरो तक, बड़ी फैमिली के लिए ये हैं शानदार माइलेज वाली 7-सीटर गाड़ियां
मुरादाबाद में मिठाई प्लांट लगाने पर मिलेगी ₹3.5 लाख तक की सब्सिडी, उद्यान विभाग दे रहा वित्तीय मददव्यापार
11 सित॰ 2026, 12:55 pm (2 दिन पहले)· 0

मुरादाबाद में मिठाई प्लांट लगाने पर मिलेगी ₹3.5 लाख तक की सब्सिडी, उद्यान विभाग दे रहा वित्तीय मदद

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत मुरादाबाद में मिठाई और डेयरी प्रसंस्करण प्लांट लगाने पर 35 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इच्छुक उद्यमी मात्र 10 प्रतिशत पूंजी लगाकर बैंक ऋण और सरकारी अनुदान से यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक सुनहरा अवसर सामने आया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत उद्यान विभाग मिठाई और दुग्ध उत्पाद निर्माण प्लांट लगाने पर 3,50,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रहा है। इस योजना के माध्यम से नए उद्यमियों को बैंक ऋण और सरकारी अनुदान दोनों की सुविधा एक साथ उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे कम लागत में एक लाभदायक व्यवसाय स्थापित कर सकें।

सब्सिडी और वित्तीय संरचना का गणित

भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस श्रेणी में मिठाई निर्माण इकाइयां विशेष रूप से शामिल हैं, जहां कच्चे दूध से मावा यानी खोया तैयार करके विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। योजना के अंतर्गत प्लांट लगाने के लिए आवश्यक मशीनरी की कुल लागत पर 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 लाख 50 हजार रुपये तय की गई है। इसमें क्रीम निकालने की मशीन, खोया बनाने की आधुनिक मशीन, मिश्रण मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

इस वित्तीय व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत अंशदान अपनी जेब से लगाना पड़ता है। शेष 90 प्रतिशत राशि बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त हो जाती है, जिस पर 35 प्रतिशत का सरकारी अनुदान स्वीकृत किया जाता है।

ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया

प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने आवेदन से लेकर लोन स्वीकृति तक की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन रखा है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास कुछ बुनियादी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, नवीनतम बिजली का बिल, पिछले छह महीने का बैंक खाता विवरण और खरीदी जाने वाली मशीनों का आधिकारिक दर पत्र या कोटेशन शामिल हैं।

आवेदन ऑनलाइन जमा होने के बाद फाइल को सबसे पहले संबंधित बैंक शाखा में जांच के लिए भेजा जाता है। बैंक स्तर पर कागजातों के सत्यापन के बाद पत्रावली को जिला स्तरीय समिति के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। समिति से मंजूरी मिलने के बाद फाइल वापस बैंक शाखा पहुंचती है, जहां से ऋण की राशि और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है।

मुरादाबाद में धरातल पर दिख रहा असर

उद्यान विभाग में डीआरपी पद पर कार्यरत विमल कुमार तोमर के अनुसार, यह योजना मुरादाबाद जिले में सफलता के साथ संचालित हो रही है। अब तक जिले में इस योजना के तहत चार मिठाई निर्माण प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। ये सभी इकाइयां वर्तमान में पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं और इनसे जुड़े उद्यमी बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।

सवाल-जवाब

मिठाई प्लांट लगाने पर अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है?
इस योजना के तहत कुल मशीनरी लागत पर 35 प्रतिशत यानी अधिकतम 3,50,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
उद्यमी को अपने पास से कितना पैसा लगाना होता है?
आवेदक को अपनी जेब से परियोजना की कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा लगाना होता है।
आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
आवेदक के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और मशीनरी का कोटेशन होना जरूरी है।
इस योजना का आवेदन कैसे किया जाता है?
इस योजना के अंतर्गत आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिसे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।
मुरादाबाद में इस योजना के तहत कितने प्लांट स्थापित हो चुके हैं?
मुरादाबाद जिले में इस योजना के अंतर्गत चार मिठाई और डेयरी प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित होकर चल रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR