मुजफ्फरपुर के एक इलाके में जमीन की कीमतें उन ऊंचाइयों पर पहुंच गई हैं, जिनकी कुछ साल पहले तक कल्पना करना मुश्किल था। बिहार के इस शहर में चंद्रवारा पुल के आसपास की जमीन अब सोने के भाव बिक रही है, फिर भी खरीदारों को मनचाही जमीन मिलना आसान नहीं है।
कुछ साल पहले तक जो जमीन 5 लाख रुपये प्रति कट्ठा के दाम पर भी बिकने को तैयार नहीं थी, आज वही जमीन खरीदने के लिए ग्राहक 50 लाख रुपये प्रति कट्ठा तक चुकाने को भी राजी दिख रहे हैं। यानी महज कुछ बरसों में दाम करीब दस गुना बढ़ चुके हैं, बावजूद इसके बाजार में बिकने के लिए जमीन उतनी नहीं मिल रही, जितनी मांग जोर पकड़ चुकी है। खरीदारों की कतार यह बता रही है कि इस इलाके को लेकर भरोसा कितनी तेजी से मजबूत हुआ है।
पहले क्यों नहीं थी यहां मांग
स्थानीय निवासी अभिषेक कुमार का कहना है कि कुछ समय पहले तक इस इलाके को कोई विकसित जगह मानने को तैयार नहीं था। सड़कें कमजोर थीं और आने-जाने की सुविधा भी ठीक नहीं थी, इसी वजह से यहां जमीन खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बेहद कम रहती थी। चंद्रवारा पुल तैयार होते ही यह तस्वीर पूरी तरह पलट गई। अब निवेशक यहां बड़ी रकम लगाने को तैयार हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि आने वाले वर्षों में यह इलाका तेजी से तरक्की करेगा।
दरभंगा तक का सफर होगा सुगम
चंद्रवारा पुल को मुजफ्फरपुर शहर की यातायात व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम परियोजना माना जा रहा है। इससे मुजफ्फरपुर और दरभंगा के बीच की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी, साथ ही शहर के भीतर लगने वाले जाम से भी लोगों को काफी राहत मिलेगी। जो वाहन शहर से बाहर जाते हैं या बाहर से शहर में दाखिल होते हैं, वे अब भीड़भाड़ वाले इलाकों में फंसे बिना सीधे इस पुल का रास्ता पकड़ सकेंगे। इससे न सिर्फ यात्रा में लगने वाला समय कम होगा, बल्कि ईंधन की भी अच्छी खासी बचत होगी।
कारोबार और रोजगार की नई उम्मीद
पुल के तैयार होने के बाद आसपास के इलाकों में कारोबारी सरगर्मियां भी तेजी पकड़ सकती हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यहां दुकानें, गोदाम, शोरूम और होटल जैसे कई छोटे-बड़े कारोबार शुरू हो सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं के हाथों में भी नई नौकरियों के मौके आ सकते हैं। लोगों का यह भी मानना है कि अगर आने वाले समय में यहां बाकी बुनियादी सुविधाओं और व्यावसायिक परियोजनाओं पर भी काम हुआ, तो चंद्रवारा पुल के इर्द-गिर्द का यह हिस्सा मुजफ्फरपुर का एक बड़ा कारोबारी और रिहायशी केंद्र बनकर उभर सकता है।


















