साल 2026 में कब है गणेश चतुर्थी, जानिए महाराष्ट्र के अलावा देश के 8 राज्यों में कैसे मनाई जाती है बप्पा की आराधनाअजमेर के खोड़ा गणेश मंदिर का है अनोखा इतिहास, तालाब के पास ऐसे प्रकट हुई थी प्रतिमाग्लोबल साउथ क्या है और ब्रिक्स देशों के लिए इसकी मांगें क्यों हैं इतनी अहम?मेष, मीन और कुंभ पर शनि की साढ़ेसाती 2026: जानिए किसे मिलेगी राहत और किसकी बढ़ेंगी मुश्किलेंबरसात के मौसम में कूलर से आ रही है बदबू, इन आसान घरेलू उपायों से घर को करें महकाने वालामूलांक 4 राशिफल 13 सितंबर 2026: छोटी अड़चनों को न करें नजरअंदाज, समझदारी और संयम से सुलझाएं दिनभर के कामकर्मचारी चयन आयोग ने एसएससी सीजीएल 2026 के लिए शेड्यूल जारी किया, परीक्षा नियमों में बड़े बदलावरांची में आज 12 घंटे नहीं मिलेगा पानी, हटिया पाइपलाइन की मरम्मत के कारण इन इलाकों में सप्लाई ठपलाइव: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में परमाणु संकट और संघर्ष की बढ़ती आशंकाओं पर वैश्विक नेताओं की चिंताबरसात में टेरेस गार्डन के पौधों को सफेद कीड़ों और सड़न से कैसे बचाएं? आजमाएं ये आसान घरेलू तरीके
पत्रकार दंपत्ति को सताने के मामले में ईबे देगा 56 मिलियन डॉलर का जुर्मानाव्यापार
30 जुल॰ 2026, 1:20 am (45 दिन पहले)· 3

पत्रकार दंपत्ति को सताने के मामले में ईबे देगा 56 मिलियन डॉलर का जुर्माना

अमेरिका में एक स्वतंत्र पत्रकार दंपत्ति को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने के आरोप में ई-कॉमर्स दिग्गज ईबे 56 मिलियन डॉलर का जुर्माना और मुआवजा देने पर सहमत हो गया है।

अमेरिका की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी ईबे एक पत्रकार दंपत्ति को करीब छह साल तक चले कानूनी विवाद के बाद 56 मिलियन डॉलर का मुआवजा और जुर्माना देने पर सहमत हो गई है। कंपनी ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि उसके कर्मचारियों ने अपने बारे में हो रही खोजी रिपोर्टिंग को दबाने के लिए पत्रकारों को प्रताड़ित किया था। अदालत द्वारा तय किए गए इस समझौते के तहत पीड़ित पत्रकार दंपत्ति को लगभग 48.7 मिलियन डॉलर का मुआवजा मिलेगा, जबकि करीब 7 मिलियन डॉलर की राशि दान के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने कंपनी को कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा होने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ कंपनी का उत्पीड़न अभियान

यह पूरा विवाद साल 2019 में शुरू हुआ था, जब पत्रकार डेविड स्टाइनर और इना स्टाइनर ने अपने ई-कॉमर्स केंद्रित न्यूज़लेटर 'ईकॉमर्स बाइट्स' में कंपनी के कामकाजी तरीकों पर रिपोर्ट प्रकाशित करना शुरू किया। उनकी यह वेबसाइट ई-कॉमर्स उद्योग और नीतियों का विश्लेषण करती थी। हालांकि, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को उनका यह आलोचनात्मक रवैया पसंद नहीं आया। उन्हें लगा कि यह न्यूज़लेटर उनकी व्यावसायिक साख को नुकसान पहुंचा रहा है।

ये भी पढ़ें

पत्रकार दंपत्ति को सच लिखने से रोकने के लिए कंपनी के कर्मचारियों ने प्रताड़ना का एक संगठित रास्ता अपनाया। अदालत में पेश किए गए सबूतों के मुताबिक, कर्मचारियों ने पत्रकारों के घर पर डराने-धमकाने वाले सामान भेजे, जिनमें जिंदा कॉकरोच और सुअर के चेहरे वाला हैलोवीन मास्क शामिल था। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस घिनौनी हरकत का मुख्य मकसद स्टाइनर दंपत्ति को डराकर चुप कराना था। इस मामले की जांच में यह बात भी सामने आई कि पत्रकारों को परेशान करने की साजिश में कंपनी के निचले कर्मचारियों से लेकर सीईओ और मुख्य संचार अधिकारी तक शामिल थे।

सात कर्मचारियों को पांच साल की जेल और सख्त कानूनी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोषियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। इस साजिश में शामिल कंपनी के सात कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी व्यावसायिक संस्थान को पत्रकारों की आवाज दबाने या उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

पीड़ित दंपत्ति के वकील क्रिस्टोफर मर्फी ने इस कानूनी फैसले को निष्पक्ष पत्रकारिता की एक ऐतिहासिक जीत बताया। वकील क्रिस्टोफर मर्फी ने कहा, "यह समझौता एक स्पष्ट संदेश देता है कि कंपनियां गलत व्यवहार करके बच नहीं सकतीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉरपोरेट अधिकारियों को अपनी गैर-कानूनी हरकतों का हिसाब देना ही पड़ेगा।

गोपनीयता का प्रस्ताव खारिज, सार्वजनिक खुलासे पर अड़े पत्रकार

यह कानूनी लड़ाई छह सालों तक कोर्ट में चली। इससे पहले साल 2024 में कंपनी ने 30 मिलियन डॉलर देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन उस समय बात नहीं बन सकी, क्योंकि कंपनी इस पूरे मामले और समझौते की शर्तों को गोपनीय रखना चाहती थी। स्टाइनर दंपत्ति ने किसी भी तरह के गुप्त समझौते से साफ इनकार कर दिया और पूरे मामले को सार्वजनिक करने की मांग की।

समझौते पर बात करते हुए इना स्टाइनर ने कहा, "एक पत्रकार होने के नाते हमारा मानना है कि ऐसे समझौतों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि इस घटना का पूरा सच दुनिया के सामने आए ताकि भविष्य में किसी अन्य पत्रकार को इस तरह के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

सवाल-जवाब

ईबे ने कितना मुआवजा और जुर्माना देने का फैसला किया है?
ईबे ने पत्रकार दंपत्ति को $48.7 मिलियन का मुआवजा देने और $7 मिलियन दान करने सहित कुल 56 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का समझौता किया है।
ईबे के कर्मचारियों पर पत्रकारों को प्रताड़ित करने का क्या आरोप था?
कर्मचारियों ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग रोकने के लिए पत्रकार दंपत्ति के घर पर जिंदा कॉकरोच और सुअर के चेहरे वाला हैलोवीन मास्क जैसे डरावने सामान भेजे थे।
इस प्रताड़ना मामले में कितने कर्मचारियों को सजा हुई है?
इस साजिश में शामिल ईबे के सात कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई।
स्टाइनर दंपत्ति कौन हैं और वे कौन सा न्यूज़लेटर चलाते हैं?
डेविड स्टाइनर और इना स्टाइनर 'ईकॉमर्स बाइट्स' नाम के एक स्वतंत्र न्यूज़लेटर के संस्थापक हैं, जो ई-कॉमर्स उद्योग पर रिपोर्टिंग करता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR