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पेरू के साथ व्यापार समझौते में अटकी गाड़ी, पीयूष गोयल बोले, कनाडा से बातचीत तेजव्यापार
4 जुल॰ 2026, 6:27 pm (45 दिन पहले)· 3

पेरू के साथ व्यापार समझौते में अटकी गाड़ी, पीयूष गोयल बोले, कनाडा से बातचीत तेज

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया कि कुछ उत्पादों पर बाजार पहुंच की चिंताओं के चलते भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौता जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा, जबकि कनाडा के साथ बातचीत अच्छी रफ्तार पकड़ रही है।

अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत अभी अधर में है और इसी बीच एक और देश के साथ भारत की एफटीए वार्ता में अड़चन आ गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कुछ उत्पादों को लेकर बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताओं की वजह से भारत और पेरू के बीच चल रहा मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) निकट भविष्य में पूरा होता नहीं दिख रहा।

गोयल के मुताबिक कई ऐसे उत्पाद हैं जिनमें भारत बाजार पहुंच देने की स्थिति में नहीं है, और यही वजह है कि पेरू के साथ समझौता जल्दी सिरे चढ़ने की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पेरू के साथ एफटीए बहुत जल्द होने वाला है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित इस समझौते पर बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी।

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कनाडा के साथ रफ्तार पकड़ रही बातचीत

पेरू के उलट कनाडा के मामले में तस्वीर उत्साहजनक है। गोयल ने भरोसा जताया कि भारत और कनाडा के बीच एफटीए वार्ता अच्छी प्रगति कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारियों का एक दल बातचीत के अगले दौर के लिए सोमवार को कनाडा रवाना होगा। मंत्री ने कहा कि कोशिश यही है कि अगले छह महीनों के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाए।

इसके साथ ही गोयल ने यह भी जानकारी दी कि वह 13 जुलाई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रसेल्स जाएंगे। वहां तीनों भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) की व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे।

पेरू से समझौते में भारत का फायदा कहां

भारत और पेरू के बीच इस समझौते पर बातचीत करीब 9 साल पहले शुरू हुई थी, और जानकारों की मानें तो इस एफटीए से सबसे ज्यादा लाभ भारत को ही होगा। समझौता होने पर पेरू से आने वाले तांबे, सोने और दूसरी धातुओं का आयात सस्ता हो जाएगा। इसका सीधा फायदा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा, क्योंकि इन उद्योगों को सस्ता कच्चा माल मिलेगा, उत्पादन बढ़ाना आसान होगा और लागत भी घटेगी।

निर्यात को मिलेगी नई ताकत

पेरू के साथ एफटीए पूरा होने के बाद भारत का निर्यात भी बढ़ने की उम्मीद है। भारत से ऑटोमोबाइल, मशीनरी और सूती धागे का बड़ा हिस्सा पहले से पेरू भेजा जाता है। इन उत्पादों पर शुल्क खत्म होने के बाद पेरू को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पेरू में भारतीय दवाओं की मांग भी तेज होने के आसार हैं, क्योंकि फार्मा सेक्टर में भारत निर्यात का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। कुल मिलाकर पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौता भारत के कई उद्योगों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

पेरू के साथ भारत का एफटीए जल्द क्यों नहीं होगा?
पीयूष गोयल के मुताबिक कुछ उत्पादों को लेकर बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताएं हैं और कई उत्पादों में भारत बाजार पहुंच देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए समझौता जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा।
भारत और पेरू के बीच बातचीत कब शुरू हुई थी?
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी, यानी करीब 9 साल पहले।
कनाडा के साथ एफटीए की स्थिति क्या है?
गोयल के अनुसार कनाडा के साथ बातचीत अच्छी प्रगति पर है, भारतीय अधिकारियों का दल सोमवार को अगले दौर के लिए जाएगा और कोशिश है कि अगले छह महीनों में समझौता अंतिम रूप ले ले।
पेरू से समझौते का भारत को क्या फायदा होगा?
इससे तांबे, सोने और दूसरी धातुओं का आयात सस्ता होगा, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ता कच्चा माल मिलेगा, और भारत से ऑटोमोबाइल, मशीनरी, सूती धागे तथा दवाओं का निर्यात बढ़ेगा।
पीयूष गोयल 13 जुलाई को कहां जाएंगे?
वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रसेल्स जाएंगे, जहां भारत और यूरोपीय संघ की व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में हिस्सा लेंगे।
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