रांची में मात्र ₹1500 में मिल रहे हैं कमरे, बिजली-पानी और सड़क की भी है सुविधाजापानी येन 159.00 के आसपास स्थिर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मंदी की आशंकाएं बनी हुई हैंनीरज खंडेलवाल की अंतरिक्ष उड़ान: 50 लाख का ऑफर ठुकराकर कैसे बने स्पेस टेक के चमकते सितारेझुमरी तिलैया में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, 777 सीढ़ियां चढ़कर ध्वजाधारी धाम में किया जलाभिषेकईशान खट्टर और चांदनी बेंज का हुआ ब्रेकअप, तीन साल पुराना रिश्ता टूटाहिमांशी खुराना का आसिम रियाज पर बड़ा हमला, बोलीं- मेरे पास 27 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्डिंग मौजूद हैंअमित शाह ने नई दिल्ली में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, दो दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का किया उद्घाटनडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दांव, अमेरिका में H-1B वीजा बन सकता है बेहद महंगाधोनी या गिलक्रिस्ट नहीं, टेस्ट क्रिकेट में इस विकेटकीपर के नाम है सबसे बड़ी पारी का वर्ल्ड रिकॉर्डरक्षाबंधन पर घर पर बनाएं स्वादिष्ट नारियल-केसर लड्डू, कम खर्च में तैयार होगी यह मिठाई
रांची के पवन पटियाला ने हाथों से जूतियां बनाकर बनाई खास पहचान, देश भर में मांगव्यापार
25 अग॰ 2026, 5:51 am (1 घंटे पहले)· 2

रांची के पवन पटियाला ने हाथों से जूतियां बनाकर बनाई खास पहचान, देश भर में मांग

रांची के कारीगर पवन पटियाला बिना किसी मशीन या फैक्ट्री के पूरी तरह हाथों से खूबसूरत और पारंपरिक जूतियां तैयार करते हैं, जिन्हें देश भर में जबरदस्त पसंद किया जाता है।

झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाले पवन पटियाला आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनके पूर्वज पटियाला से ताल्लुक रखते थे और पीढ़ियों से यही पारंपरिक काम करते आ रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई में मन न लगने के कारण उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपने घर के बुजुर्गों को यह हुनर तराशते हुए देखा और पुश्तैनी कारोबार को आगे बढ़ाने की ठान ली।

शुरुआती दौर में उनके परिवार का यह काम बहुत बड़े पैमाने पर नहीं फैला हुआ था, लेकिन पवन ने इसमें नए प्रयोग किए। उन्होंने समय के साथ कई नए डिजाइन बाजार में उतारना शुरू किए। आज उनके पास हर मौके और जरूरत के हिसाब से वैरायटी मौजूद है। उनके कलेक्शन में महारानी डिजाइन और कट वर्क से लेकर सादी ऑफिस जाने वाली और कैजुअल जूतियां तक शामिल हैं, जो हर वर्ग के ग्राहकों को खूब भाती हैं।

ये भी पढ़ें

इन जूतियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें तैयार करने में किसी भी प्रकार की मशीन या फैक्ट्री का सहारा नहीं लिया जाता है। सोल से लेकर फ्लैट और ऊपरी हिस्से पर उकेरे जाने वाले मोर, फूल और जरी के बेहद बारीक तथा खूबसूरत काम पूरी तरह से कारीगरों के हाथों से किए जाते हैं। इस कलाकारी के चलते हर जोड़ी को एक बिल्कुल असली और पारंपरिक लुक मिलता है। उनके इस हुनर और मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनके पास बीस हजार से अधिक वफादार ग्राहक हैं, जो उन्हें प्यार से जूती किंग के नाम से संबोधित करते हैं।

देश के कोने-कोने में पहुंच

पवन के मुताबिक उनके कारीगर जिस मेहनत से जूतियां बनाते हैं, वैसी नक्काशी और फिनिशिंग का दूसरा जोड़ा मिलना बेहद मुश्किल काम है। वे अपने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए देश भर में लगने वाले सरकारी और निजी मेलों में बढ़-चढ़कर स्टॉल लगाते हैं। यही वजह है कि उनके ग्राहक कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक फैले हुए हैं। जब महिला खरीदार उनके स्टॉल पर पहुंचती हैं, तो वे उनकी जरूरत और पहनावे जैसे कि जींस, सलवार सूट या फिर लहंगे के हिसाब से सही जूती का चुनाव करने में पूरी मदद करते हैं।

सवाल-जवाब

पवन पटियाला मुख्य रूप से क्या काम करते हैं?
पवन पटियाला पूरी तरह से हाथ से बनाई जाने वाली पारंपरिक और डिजाइनर जूतियां तैयार करने का काम करते हैं।
पवन की जूतियां कहां बनाई जाती हैं और इनमें क्या खास है?
ये जूतियां रांची में पूरी तरह हाथों से बनाई जाती हैं और इनमें किसी भी मशीन का इस्तेमाल नहीं होता है, साथ ही इन पर जरी और फूलों का खूबसूरत काम होता है।
पवन के ग्राहकों का दायरा कितना बड़ा है?
उनके पास 20,000 से अधिक ग्राहक हैं और उनके स्टॉल कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक देश भर के मेलों में लगते हैं।
लोग पवन को किस नाम से बुलाते हैं?
लोग उनके बेहतरीन काम और जूतियों की जबरदस्त मांग के कारण उन्हें प्यार से जूती किंग बुलाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR