वैश्विक वित्तीय बाजारों में चौथी तिमाही की शुरुआत भारी उथल-पुथल और दबाव के साथ हुई है, जहां यूरोप से उभरे वित्तीय तनाव ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस पूरे जोखिम भरे घटनाक्रम के बीच सोने की कीमतों में मिलाजुला और सीमित दायरा देखा जा रहा है। यूरोपीय सत्र में दाखिल होने से पहले पीली धातु 4,200 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कारोबार करती नजर आई। बाजार सहभागी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वास्तविक सेहत समझने के लिए गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की दिशा तय होगी।
यूरोप में संप्रभु संकट की गूंज और वित्तीय हलचल
यूरोपीय बाजारों से आ रहे आर्थिक दबाव के संकेत पुराने यूरोज़ोन संकट की याद दिला रहे हैं। संप्रभु ऋण के फैलते संक्रमण और सरकारी वित्तीय दबाव की बातें वित्तीय गलियारों में प्रमुख चर्चा का विषय बन गई हैं। इस चिंता का सीधा प्रभाव अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में स्पष्ट रूप से देखा गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो में 0.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो जून के बाद से इसका सबसे खराब दैनिक प्रदर्शन रहा। इसके साथ ही, बैंकिंग क्षेत्र की हालत भी खस्ता नजर आई, जहां स्टॉक्स बैंक्स इंडेक्स 3.90 प्रतिशत फिसल गया। यह मार्च के बाद से इस बैंकिंग सूचकांक की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट साबित हुई है। डॉयचे बैंक के अनुसार, चौथी तिमाही के आगाज में बाजारों में लड़खड़ाहट साफ दिखी है और संप्रभु जोखिम दोबारा सतह पर आते दिखाई दे रहे हैं।
अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट से पहले डॉलर में नरमी
व्यापक वित्तीय चिंताओं के बीच अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल आंकड़े आने से पहले डॉलर इंडेक्स 17 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे खिसक गया है। मुद्रा कारोबारियों ने जोखिम कम करने और मुनाफावसूली करने का रास्ता चुना है। सितंबर महीने के लिए आने वाले रोजगार आंकड़ों में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। बाजार का अनुमान है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सितंबर में केवल 90,000 नई नौकरियां जोड़ी हैं, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 1,62,000 नौकरियों का था। यदि रोजगार सृजन की रफ्तार इतनी धीमी होती है, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नरमी का साफ संकेत देगा, जिसका असर आने वाले समय में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के दृष्टिकोण पर पड़ सकता है। इसी अनिश्चितता के कारण सोने के खरीदार और विक्रेता दोनों बड़े सौदे करने से परहेज कर रहे हैं।
करेंसी बाजारों में उठापटक: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन का रुख
अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने का असर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की चाल पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) सुधरकर 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गया। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों के बीच नवंबर में रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से अतिरिक्त सहारा मिला है। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) 158.00 के करीब नई दिशा तलाशने के लिए संघर्षरत दिखा। टोक्यो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुमान से अधिक गर्म रहने और डॉलर के पीछे हटने के बाद यह जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी स्तर से फिसल गई। मुद्रा बाजारों में पोजीशन घटाने की यह होड़ पेरोल आंकड़ों के इंतजार को रेखांकित करती है।
डिजिटल परिसंपत्तियों पर बिकवाली का साया
पारंपरिक बाजारों में मची उथल-पुथल के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में भी अस्थिरता बरकरार है। पाई नेटवर्क का भाव शुक्रवार को करीब 0.0900 डॉलर के आसपास घूमता रहा, जिसमें पिछले दिन 3 प्रतिशत से अधिक का नुकसान दर्ज हुआ था। चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर उभर रहा राइजिंग वेज पैटर्न नीचे की ओर टूटने का अंदेशा दे रहा है, जिससे आगे चलकर कीमतों में तेज गिरावट का जोखिम बन सकता है। पाई नेटवर्क के लिए 0.1000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक अवरोध एक मजबूत बाधा साबित हुआ है, जिसके नीचे बने रहने के कारण यह टोकन किसी भी स्थिर तेजी को बरकरार रखने में नाकाम रहा है। समग्र रूप से, निवेशक इस समय सुरक्षित निवेश विकल्पों और आगामी मैक्रो डेटा पर टकटकी लगाए बैठे हैं।


















