दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो ने अपनी हालिया तिमाही में व्यावसायिक और नेटवर्क विस्तार के स्तर पर उल्लेखनीय आंकड़े दर्ज किए हैं। कंपनी के सक्रिय 5G उपभोक्ता आधार में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके चलते यह संख्या 30 करोड़ के आंकड़े को छू चुकी है। 1 अक्तूबर 2025 से लेकर 30 सितंबर 2026 तक के 12 महीनों की अवधि के दौरान नेटवर्क पर 6.6 करोड़ नए 5G उपभोक्ता जुड़े हैं। इसके साथ ही संस्था का समग्र उपभोक्ता दायरा 54.2 करोड़ के स्तर को पार कर गया है, जिसमें फिक्स्ड ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की तादाद भी 3 करोड़ के मील के पत्थर तक पहुंच गई है।
नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक में तीव्र उछाल
उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़त के साथ-साथ इंटरनेट खपत के पैटर्न में भी तेज गति दर्ज की गई है। नेटवर्क पर मौजूद प्रत्येक उपभोक्ता औसतन हर महीने 44.2 GB डाटा इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी के समूचे वायरलेस डाटा ट्रैफिक के भीतर अकेले 5G नेटवर्क की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 56 फीसदी के स्तर पर दर्ज की गई है। सितंबर तिमाही की अवधि में कुल डाटा ट्रैफिक में सालाना आधार पर 22.1 फीसदी की वृद्धि देखी गई, जिससे यह बढ़कर कुल 71 एक्साबाइट के स्तर पर दर्ज हुआ। ये विवरण डिजिटल सेवाओं की बढ़ती निर्भरता और नेटवर्क क्षमता के गहरे उपयोग की तस्दीक करते हैं।
जियो एयरफाइबर और ब्रॉडबैंड सेगमेंट का विस्तार
घरेलू और व्यावसायिक इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार में जियो एयरफाइबर अत्यंत प्रभावशाली बनकर उभरा है। एयरफाइबर सेवा से जुड़ने वाले ग्राहकों का आंकड़ा 1.51 करोड़ दर्ज किया गया है। बीते एक वर्ष में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में दर्ज की गई कुल शुद्ध वृद्धि के भीतर एयरफाइबर का योगदान 75 फीसदी से अधिक रहा है। पूरे वर्ष के दौरान समूह के कुल ग्राहक वर्ग में 3.6 करोड़ की शुद्ध बढ़त हुई, जिसमें से अकेले सितंबर तिमाही के दौरान 91 लाख नए उपभोक्ता जोड़े गए।
राजस्व वृद्धि और ऐतिहासिक बाजार लिस्टिंग
उपभोक्ता वृद्धि और तेज डाटा खपत का सीधा अनुकूल प्रभाव वित्तीय नतीजों पर दिखा है। इस तिमाही के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रॉस रेवेन्यू 11.3 फीसदी की तेजी के साथ 47,485 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि परिचालन लाभ यानी EBITDA 16.6 फीसदी चढ़कर 21,879 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। प्रति उपभोक्ता औसत मासिक राजस्व (ARPU) में भी सुधार दर्ज हुआ और यह बढ़कर 218.8 रुपये हो गया। इससे पहले 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में कंपनी का ऐतिहासिक पदार्पण हुआ था। 30,188 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू भारतीय इतिहास का सबसे विशाल IPO साबित हुआ, जिसे 22 गुना से अधिक अभिदान प्राप्त हुआ था। बाजार में सूचीबद्ध होने के उपरांत कंपनी बाजार मूल्यांकन के पैमाने पर देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनकर उभरी और इसने अपने शेयरधारकों को 27 फीसदी से अधिक का रिटर्न उपलब्ध कराया है।
















