भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया को नया उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) नियुक्त किया गया है। वर्तमान समय में पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के तौर पर कार्यरत वालिया आगामी 1 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर अपने नए पद की बागडोर संभालेंगे। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से निकले वालिया का सैन्य जीवन 11 जून 1988 को फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिलने के साथ शुरू हुआ था। तकरीबन चार दशकों के अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने अग्रिम मोर्चे के अभियानों, सामरिक कमान और रक्षा मुख्यालय के स्टाफ पदों पर कई प्रमुख दायित्व सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
हवाई युद्धक क्षमता और लड़ाकू विमानों पर व्यापक तजुर्बा
भारतीय वायुसेना के सर्वाधिक कुशल युद्धक वैमानिकों में शामिल एयर मार्शल वालिया को विविध प्रकार के लड़ाकू जेट विमानों में 3,200 घंटों से ज्यादा की उड़ान का गहरा अनुभव प्राप्त है। अपने करियर के दौरान उन्होंने भारतीय बेड़े के लगभग तमाम शक्तिशाली विमानों को आसमान में उड़ाया है, जिनमें मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर तथा सुखोई-30 एमकेआई शामिल हैं।
सैन्य कमान के स्तर पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने मोर्चे पर तैनात मिग-27 लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया है। इसके साथ ही उन्होंने वायुसेना के सबसे प्रतिष्ठित युद्ध प्रशिक्षण केंद्र टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (टीएसीडीई) और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील एयर फोर्स स्टेशन बरेली की कमान भी संभाली। वह मुख्यालय में एयर स्टाफ इंस्पेक्शन निदेशालय (डीएएसआई) के महानिदेशक पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कूटनीतिक समझ, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और सैन्य सम्मान
लड़ाकू विमान उड़ाने के अलावा एयर मार्शल वालिया ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा नीतियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित संस्थान से एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स तथा पड़ोसी देश बांग्लादेश के नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च स्तरीय रक्षा कोर्स पूरा किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुदूर पूर्व में भारत के सुरक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे की भूमिका भी निभाई।
सैन्य रणनीतियों के अकादमिक पक्ष में गहरी रुचि रखने वाले वालिया ने रक्षा और सामरिक अध्ययन विषय में तीन अलग-अलग स्नातकोत्तर (मास्टर) डिग्रियां हासिल की हैं। देश की सुरक्षा में उनके अनुकरणीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2008 में ‘वायु सेना पदक’ (वीएम) से अलंकृत किया था। इसके पश्चात वर्ष 2018 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ (एवीएसएम) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वायुसेना मुख्यालय में नेतृत्व परिवर्तन की पूरी रूपरेखा
यह पदभार ग्रहण करने के साथ ही एयर मार्शल वालिया उप प्रमुख पद पर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लेंगे। वर्तमान उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदोन्नत किया जा रहा है। दूसरी ओर, भारतीय वायुसेना के मौजूदा प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह चार दशक से अधिक, यानी कुल 42 वर्षों तक राष्ट्र की गौरवमयी सेवा करने के पश्चात 31 अक्टूबर को अपनी सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।


















