भारतीय उद्योग जगत में संपत्ति और व्यावसायिक साम्राज्य का नया लेखा-जोखा सामने आया है, जिसमें देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों का वित्तीय दबदबा साफ नजर आ रहा है। वर्ष 2026 की 'बारक्लेज़ प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस लिस्ट' के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी और उनका परिवार भारत के सर्वाधिक मूल्यवान व्यावसायिक घराने के रूप में शीर्ष पर विराजमान है। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद से अपना कारोबार फैलाने वाले गौतम अडानी का परिवार पहली पीढ़ी के व्यवसायियों की श्रेणी में सबसे आगे रहा है।
शीर्ष दो औद्योगिक घरानों का संपत्ति विवरण
हुरुन इंडिया द्वारा जारी किए गए मूल्यांकनों से पता चलता है कि पिछले एक वर्ष के दौरान मुकेश अंबानी के परिवार की कुल संपत्ति में 8.5 प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया गया। इसके बावजूद, ₹25.8 लाख करोड़ की विशाल नेटवर्थ के साथ यह परिवार देश के सबसे धनी बिजनेस घरानों में पहले पायदान पर मजबूती से टिका हुआ है। दूसरी ओर, बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक कारोबार करने वाले गौतम अडानी के परिवार की कुल संपत्ति ₹19.6 लाख करोड़ दर्ज की गई है। इस पूंजी के साथ अडानी परिवार ने शून्य से कारोबार शुरू करने वाले यानी पहली पीढ़ी के उद्यमियों में पहला स्थान पाया है।
शीर्ष 300 परिवारों की वित्तीय ताकत और वैश्विक तुलना
भारतीय उद्योगपतियों की इस सामूहिक वृद्धि का विश्लेषण करते हुए हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने बताया, "भारत के शीर्ष 300 कारोबारी परिवारों ने बीते दो सालों में रोजाना औसतन ₹4,076 करोड़ का मूल्य जोड़ा है।"
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि इन सभी 300 औद्योगिक घरानों की एकीकृत नेटवर्थ लगभग ₹138 लाख करोड़ यानी 1.46 ट्रिलियन डॉलर के विशाल स्तर पर पहुंच चुकी है। आर्थिक पैमाने पर इस आंकड़े की महत्ता समझाते हुए अध्ययन में दर्शाया गया है कि यदि इन सभी परिवारों के संपत्ति योग को एक स्वतंत्र राष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) मान लिया जाए, तो यह दुनिया की 18वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का रूप ले लेगा। इस संपत्ति का दायरा नीदरलैंड्स, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड और पोलैंड जैसे आर्थिक रूप से समृद्ध देशों की जीडीपी से भी आगे निकल जाता है।
भारती मित्तल, बिड़ला और अन्य प्रमुख घरानों की रैंकिंग
देश के अन्य प्रमुख उद्योगपतियों की बात करें तो टेलीकॉम क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एयरटेल के प्रमोटर सुनील भारती मित्तल का परिवार ₹12.1 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक के तौर पर समग्र सूची में तीसरे स्थान पर है। पहली पीढ़ी के व्यवसायियों की श्रेणी में सुनील भारती मित्तल का परिवार गौतम अडानी के बाद दूसरे पायदान पर आता है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक रूप से भारत के स्थापित औद्योगिक समूहों में शामिल बिड़ला परिवार ₹8.14 लाख करोड़ की नेटवर्थ के साथ देश के धनी बिजनेस घरानों में चौथे स्थान पर बना हुआ है।
रैपिड ग्रोथ और सबसे ज्यादा वैल्यू जोड़ने वाले परिवार
हुरुन सूची में कुछ अन्य परिवारों ने पिछले तीन वर्षों में संपत्ति वृद्धि के मामले में असाधारण रिकॉर्ड बनाए हैं। वस्त्र और परिधान क्षेत्र की प्रसिद्ध कंपनी शाही एक्सपोर्ट्स का स्वामित्व रखने वाले आहूजा परिवार की संपत्ति तीन वर्षों के भीतर 352 प्रतिशत की उछाल के साथ ₹37,500 करोड़ के स्तर पर जा पहुंची। इसी अवधि में गारवेयर परिवार की कुल संपत्ति भी 300 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज करते हुए ₹15,600 करोड़ हो गई। वहीं, इस्पात एवं ऊर्जा क्षेत्र के जिंदल परिवार ने तीन वर्षों के दौरान सबसे अधिक मूल्य संवर्धन करने का कीर्तिमान स्थापित किया। जिंदल परिवार की संपत्ति में लगभग ₹3.3 लाख करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे उनकी कुल संपत्ति 70 प्रतिशत बढ़कर ₹8.02 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंच गई।



















