रोहतांग दर्रे पर मैगी और चाय बेचकर हर रोज 14 हजार रुपये की बिक्री, ऑफ-सीजन में भी कमाई देख लोग हैरानकर्नाटक में नंदिनी दूध के दाम में 8 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी, 1 नवंबर से लागू होंगी नई दरेंभूटान के गेलेफू में 12 घंटे में खड़े किए गए 108 स्तूप, माइंडफुलनेस सिटी परियोजना को मिली नई गतिआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़ में चिप के बाद अब बिजली और पावर ग्रिड बने सबसे बड़े रोड़ेमहारानी 5 की शूटिंग खत्म, जनवरी 2027 में रानी भारती के किरदार में लौटेंगी हुमा कुरैशीअमेरिका में हैलोवीन वीकेंड पर भीषण गोलीबारी, 5 लोगों ने गंवाई जान और 23 अन्य जख्मीजयपुर में यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत के बाद सीनियर पर ब्लैकमेलिंग का केस दर्जरामलीला मैदान में दिखा विपक्षी समीकरणों का नया मोड़, सोनिया गांधी के प्रति नरम पड़ीं ममता बनर्जीन्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम में बड़े फेरबदल की तैयारी, श्रीलंका दौरे से बाहर हो सकते हैं तीन चेहरेखाड़ी में नए सैन्य टकराव का खतरा: कतर में जारी बातचीत के बीच यूएई और बहरीन ने जताई गहरी चिंता
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2 नव॰ 2026, 12:25 am (1 घंटे पहले)· 2

रोहतांग दर्रे पर मैगी और चाय बेचकर हर रोज 14 हजार रुपये की बिक्री, ऑफ-सीजन में भी कमाई देख लोग हैरान

हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे पर 13,050 फीट की बर्फीली ऊंचाई पर स्थित एक छोटे स्टॉल संचालक ने अपनी दैनिक बिक्री का खुलासा किया है, जहां सुस्त पर्यटन दौर में भी रोजाना 14,000 रुपये का कारोबार हो रहा है।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में घूमने जाने वाले सैलानियों के लिए शून्य डिग्री तापमान के बीच गर्म नाश्ता हमेशा सबसे पहली पसंद रहता है। मनाली के नजदीक रोहतांग दर्रे पर बेहद ठंडे मौसम में आजीविका चला रहे एक छोटे खोखे वाले ने जब अपने दैनिक कारोबार के आंकड़े साझा किए, तो इंटरनेट की दुनिया में हलचल मच गई। समुद्र तल से 13,050 फीट की ऊंचाई पर बर्फ के चारों ओर बनी इस साधारण सी दुकान पर मंदी के दिनों में भी हर रोज लगभग 14,000 रुपये का सामान बिक जाता है।

कंटेंट क्रिएटर हर्ष चौहान ने इस पहाड़ी इलाके का दौरा करते समय उक्त स्टॉल संचालक से उसके काम और आमदनी पर विस्तार से चर्चा की। शुरुआत में अपनी बिक्री की जानकारी साझा करने में थोड़ा संकोच दिखाने के बाद दुकानदार ने पूरी स्थिति स्पष्ट की। बातचीत के दौरान उसने मुस्कुराते हुए अपनी स्थिति बताई कि अभी ऑफ-सीजन चलने की वजह से काम हल्का है और आमदनी सामान्य से काफी घट चुकी है।

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प्रतिदिन 200 प्याली चाय और दर्जनों प्लेट नूडल्स का हिसाब

पर्यटकों की आवाजाही कम होने के बावजूद इस अस्थायी दुकान पर ग्राहकों का तांता लगा रहता है। संचालक ने अपने दैनिक कामकाज का विवरण देते हुए बताया कि इन शांत दिनों में भी 60 से 70 प्लेट नूडल्स की खपत आसानी से हो जाती है। इसके साथ ही करीब 200 कप गर्म चाय हर रोज बिकती है। भूख मिटाने के लिए कई यात्री इनके अलावा उबले अंडे और ऑमलेट की मांग भी करते हैं।

दुकानदार ग्राहकों से एक प्लेट नूडल्स के एवज में 100 रुपये लेता है, जिससे रोजाना 6,000 से 7,000 रुपये का संग्रह सीधे नूडल्स के जरिए हो जाता है। वहीं चाय की प्रति प्याली दर 40 रुपये रखी गई है, जिससे दिन भर में 8,000 रुपये की अतिरिक्त नकदी जुटती है। दोनों उत्पादों की इस कुल बिक्री को जोड़ें तो प्रतिदिन का सकल आंकड़ा 14,000 रुपये पर पहुंचता है, जो महीने भर में 4 लाख रुपये से ज्यादा का ग्रॉस टर्नओवर तैयार करता है। जब ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ती होगी, तब इस जगह का व्यापार कई गुना अधिक बढ़ जाता होगा।

कड़ी भौगोलिक परिस्थितियां और भारी परिचालन लागत

सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर हर्ष चौहान द्वारा इस संवाद का वीडियो साझा करने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों को लगा कि बुनियादी खानपान की छोटी दुकान भी अगर सही मुकाम पर हो तो बड़ा कारोबार दे सकती है। सड़क किनारे स्टॉल लगाने को लेकर हिचकिचाने वाले युवाओं के लिए यह मिसाल बनी कि महंगे कैफे सेटअप के बगैर भी उपभोक्ता की जरूरत पूरी करके तगड़ा राजस्व हासिल किया जा सकता है।

दूसरी ओर, कई जानकारों ने इस कमाई के पीछे छिपी जमीनी चुनौतियों और वास्तविक खर्चे की हकीकत बयां की। उपयोगकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि सामने दिखने वाला 14,000 रुपये का आंकड़ा केवल कुल राजस्व है, शुद्ध मुनाफा नहीं। 13,050 फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे गिरते पारे में दुकान संचालित करना भारी जोखिम भरा काम है। मनाली की घाटी से रोहतांग की चोटी तक पीने का पानी, कच्ची खाद्य सामग्री और एलपीजी सिलेंडर ढोने में ही भारी परिवहन लागत लग जाती है। तेज सर्द हवाओं के थपेड़ों के कारण गैस की खपत सामान्य से दोगुनी हो जाती है, जबकि बर्फीले वातावरण में सुबह-सुबह पानी पिघलाना और पर्यटकों के लिए भोजन तैयार करना बेहद थकाऊ संघर्ष है।

सवाल-जवाब

रोहतांग दर्रे के स्टॉल संचालक की रोजाना की बिक्री कितनी है?
दुकानदार के अनुसार वह ऑफ-सीजन के दौरान भी प्रतिदिन करीब 14,000 रुपये मूल्य का सामान बेच लेता है।
दुकान पर चाय और नूडल्स की कीमतें क्या रखी गई हैं?
स्टॉल पर एक प्लेट नूडल्स की कीमत 100 रुपये और एक कप चाय का दाम 40 रुपये रखा गया है।
दुकानदार हर रोज कितनी चाय और नूडल्स बेचता है?
वह रोजाना लगभग 60 से 70 प्लेट नूडल्स और करीब 200 कप चाय बेचता है, जिसके साथ उबले अंडे और ऑमलेट भी बिकते हैं।
यह स्टॉल समुद्र तल से कितनी ऊंचाई पर स्थित है?
यह दुकान हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे पर समुद्र तल से 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
इस बिक्री के वीडियो को किसने सोशल मीडिया पर साझा किया?
कंटेंट क्रिएटर हर्ष चौहान ने दुकानदार से बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड करके इंस्टाग्राम पर साझा किया।
ऊंचाई पर दुकान चलाने में मुख्य खर्च क्या आते हैं?
मनाली से रोहतांग तक पानी, सामान और गैस सिलेंडर ढोने का भारी परिवहन खर्च लगता है, साथ ही तेज हवा के कारण गैस की खपत दोगुनी हो जाती है।
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