मौसम के बदलते मिजाज और अनिश्चित जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक और स्मार्ट कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकारी प्रशासन एक तरफ फसल चक्र में बदलाव पर जोर दे रहा है, तो दूसरी तरफ आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारी सब्सिडी भी दे रहा है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर जिले में उद्यानिकी विभाग ने विभिन्न प्रकार की कृषि मशीनों और उपकरणों पर किसानों को अनुदान उपलब्ध कराने के लिए नया लक्ष्य जारी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना है ताकि वे कम लागत में अधिक पैदावार हासिल कर सकें।
मिनी ट्रैक्टर योजना और सब्सिडी का गणित
सागर जिले में उद्यानिकी विभाग की ओर से इस वित्तीय वर्ष में किसानों को 12 मिनी ट्रैक्टर आवंटित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना विशेष रूप से 20 HP क्षमता वाले मिनी ट्रैक्टरों के लिए तैयार की गई है, जो छोटे और मध्यम आकार के खेतों में काम करने के लिए बेहद उपयुक्त माने जाते हैं। बाजार में 20 HP वाले मिनी ट्रैक्टर की अनुमानित कीमत 4,90,000 रुपये है। योजना के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और छोटे सीमांत किसानों को इस पर 50 प्रतिशत की भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उन्हें 2,45,000 रुपये का सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। वहीं, जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उन्हें इस ट्रैक्टर की खरीद पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।
पावर टिलर और स्प्रे पंप पर मिलने वाली रियायतें
केवल मिनी ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि उद्यानिकी विभाग खेती-किसानी में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले कई अन्य आधुनिक उपकरणों पर भी राहत दे रहा है। इनमें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग शीट, स्प्रे पंप, पावर टिलर और पावर स्प्रेयर शामिल हैं। विभाग द्वारा 8 BHP क्षमता वाले पावर टिलर पर भी 50 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। 2,00,000 रुपये की कुल लागत वाले इस 8 BHP पावर टिलर की खरीद पर पात्र किसानों को 1,00,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि बड़े किसानों के लिए इस यंत्र पर 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, पावर्ड नैपसैक स्प्रेयर या पावर ऑपरेटेड ताइवान स्प्रेयर जिसकी कुल कीमत 20,000 रुपये प्रति यंत्र है, उस पर 50 प्रतिशत सब्सिडी के तहत 10,000 रुपये की छूट दी जा रही है।
ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
सागर उद्यानिकी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर पी एस बडोले के अनुसार, इन आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसान अपने मोबाइल या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/new पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान किसानों को कुछ अनिवार्य दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनमें शामिल हैं
- एक पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाते की पासबुक या फोटो कॉपी
- जमीन की खसरा नकल की फोटो कॉपी
- आधार कार्ड की फोटो कॉपी
- अनुसूचित जाति या जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र
- सक्रिय मोबाइल नंबर
दस्तावेज अपलोड करके पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करने के बाद किसान को अपनी पसंद की योजना और यंत्र का चयन करना होता है। आवेदनों की जांच के बाद लाभार्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाता है। किसान घर बैठे अपने स्मार्टफोन से भी आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा करके सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।



















